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सिर के जख्म में हुए इंफेक्शन से हुई ऋषिपाल की मौत

Sat, 28 Mar 2015 11:21 PM IST
बिलसंडा।
बिलसंडा। Updated Sat, 28 Mar 2015 11:21 PM IST
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Head wound infections caused by the death of risipal
गांव करेली में पिटाई से घायल हुए ऋषिपाल की मौत सिर में आई चोट का समय से
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इलाज न होने की वजह से हुए इंफेक्शन के कारण हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
बता दें कि 16 मार्च को मृतक ऋषिपाल के बच्चों ने पड़ोस में खाली पड़ी ग्राम पंचायत की भूमि पर लघुशंका कर दी थी। उक्त भूमि पर गांव के नरायनलाल के पुत्रों का कब्जा था। मामूली बात को लेकर उक्त लोगों ने ऋषिपाल के घर में ईंट पत्थर बरसाए और उसे लाठी डंडों से पीटकर अधमरा कर दिया। बताते हैं कि हमलावरों की दहशत के चलते गंभीर रूप से घायल ऋषिपाल घटना के दिन रिपोर्ट दर्ज कराने पुलिस चौकी नहीं पहुंच सका और घर में ही इलाज के अभाव में दर्द से कराहता रहा। इधर 24 मार्च को जब उसकी हालत बिगड़ी तो गांव वाले मदद को आगे आए और उसे थाने लेकर पहुंचे और मामले की तहरीर दी। जिस पर पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर घायल को अस्पताल भिजवाया, लेकिन डाक्टर ने हालत ठीक न होने पर उसे रेफर कर दिया। बृहस्पतिवार रात उसकी मौत हो गई। एसओ राजेश यादव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण इंफेक्शन होना दर्शाया गया है। उन्होंने बताया कि मृतक ने इलाज कराने की बजाय जख्म में गीली मिट्टी थोप ली थी, जिसकी वजह से उसकी मौत हुई। उन्होंने यह बताया कि आरोपियों की शीघ्र ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
पुलिस की संवेदनशून्यता यहां भी हुई उजागर
बिलसंडा। ऋषिपाल की मौत भी राजबेटी की तरह पुलिस की लापरवाही के कारण हुई है। 10 दिन पूर्व हुई घटना के दिन ही अगर पुलिस गंभीर रूप से घायल ऋषिपाल को अस्पताल भिजवा देती तो शायद उसकी जान बच जाती। बतादें कि दस दिन पूर्व इसी तरह गांव रांठ में भी महिला राजबेटी की मौत हमलावरों द्वारा की गई पिटाई से हुई थी। वहां भी करेली चौकी पुलिस की लापरवाही उजागर हुई थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने अपनी कार्यशैली में लेशमात्र भी परिवर्तन नहीं किया। अगर पुलिस घटना के दिन ही मौक पर पहुंचती और घायल को अस्पताल भिजवाकर उपचार करा देती तो शायद उसे बचाया जा सकता था। पुलिस की संवेदनशून्यता यहीं तक सीमित नहीं रही, बल्कि गंभीर रूप से घायल ऋषिपाल की इलाज कराना तो दूर की बात उल्टे उसी को मुल्जिम बना दिया। हालांकि अब पुलिस ने मृतक की ओर से 24 मार्च को दर्ज कराई गई एनसीआर को गैर इरादतन हत्या की धारा में तरमीम कर दिया है।
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