{"_id":"57867f5e4f1c1b124b13dd9c","slug":"hardoi-branch-canal-leakage-the-disclosure","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरदोई ब्रांच नहर में लीकेज से हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरदोई ब्रांच नहर में लीकेज से हड़कंप
पीलीभीत, ब्यूरो
Updated Wed, 13 Jul 2016 11:20 PM IST
विज्ञापन
river
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई ब्रांच में सिल्ट सफाई के नाम पर 16 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद से लगातार लीकेज की समस्या आ रही है। बुधवार सुबह 13 मील के निकट लीकेज (सोरी) होने से विभाग में हड़कंप मच गया। अभियंताओं ने नहर बंद कराकर आनन-फानन में मरम्मत शुरू कराई।
बाइफरकेशन से निकलकर हरदोई तक जाने वाली नहर में पिछले दिनों 16 करोड़ से सिल्ट सफाई कराई गई थी। इस सफाई के दौरान साइटें कटने से चूहों के बिल ऊपर आ गए। इससे अक्सर पानी रिसने लगाता है। पिछले दिनों डगा पुल के निकट ऐसी ही बिल से नहर में लीकेज शुरू हो गया था। अब बुधवार को सुबह 13 मील के निकट लीकेज होने की सूचना सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को मिली। इसकी सूचना उन्होंने अभियंताओं को दी जिससे हड़कंप मच गया। आनन-फानन में नहर को बंद कराकर ठेकेदार के माध्यम से मरम्मत का काम शुरू कराया गया। विभाग से जुड़े लोगों का मानना है कि समय रहते सूचना मिलने से कोई बड़ी घटना नहीं हुई। यदि रात के समय लीकेज होता तो सुबह तक नहर भी फट सकती थी जिसे संभालना मुश्किल हो जाता। हेडवर्क्स खंड के सहायक अभियंता पीके तिवारी ने बताया कि चूहों के बिलों से अक्सर पानी लीक हो जाता है। समय रहते सूचना मिलने पर नहर बंदकर मरम्मत करा दी गई है। बृहस्पतिवार से नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा।
विज्ञापन
बाइफरकेशन से निकलकर हरदोई तक जाने वाली नहर में पिछले दिनों 16 करोड़ से सिल्ट सफाई कराई गई थी। इस सफाई के दौरान साइटें कटने से चूहों के बिल ऊपर आ गए। इससे अक्सर पानी रिसने लगाता है। पिछले दिनों डगा पुल के निकट ऐसी ही बिल से नहर में लीकेज शुरू हो गया था। अब बुधवार को सुबह 13 मील के निकट लीकेज होने की सूचना सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को मिली। इसकी सूचना उन्होंने अभियंताओं को दी जिससे हड़कंप मच गया। आनन-फानन में नहर को बंद कराकर ठेकेदार के माध्यम से मरम्मत का काम शुरू कराया गया। विभाग से जुड़े लोगों का मानना है कि समय रहते सूचना मिलने से कोई बड़ी घटना नहीं हुई। यदि रात के समय लीकेज होता तो सुबह तक नहर भी फट सकती थी जिसे संभालना मुश्किल हो जाता। हेडवर्क्स खंड के सहायक अभियंता पीके तिवारी ने बताया कि चूहों के बिलों से अक्सर पानी लीक हो जाता है। समय रहते सूचना मिलने पर नहर बंदकर मरम्मत करा दी गई है। बृहस्पतिवार से नहर में पानी छोड़ दिया जाएगा।
विज्ञापन