विकलांगता कारणों की शुरू हुई खोज, प्रमाणपत्र भी बनेंगे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से ट्रांस शारदा क्षेत्र में रविवार को आयोजित नि:शुल्क मेडिकल कैंप के दौरान विकलांगता से पीड़ित एक ही परिवार के सात सदस्यों के दर्द को डीएम मासूम अली सरवर ने अपना दर्द बना लिया है। डीएम ने अपने कार्यालय बुलवाकर पहले खुद उन्हें देखा व उनका दुखदर्द सुना फिर सीएमओ ओम चौहान से डाक्टरों की टीम से उनका परीक्षण करा इसका कारण खोजने की कोशिश की। चिकित्सक की टीम प्रथम दृष्टयता इसे अनुवांशिक माना है तथा विस्तृत परीक्षण के लिए मेडिकल कालेज के किसी न्यूरोलॉजिस्ट से उनकी जांच कराने की सिफारिश की है। डीएम के निर्देश पर सीएमओ ने उनके विकलांग पहचानपत्र बनवाने के लिए उनसे फोटोयुक्त आवेदन मांगे हैं।
बताते चलें कि अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रविवार को नेहरूनगर में नि:शुल्क मेडिकल हेल्थ कैंप आयोजित किया गया था। यहां बैठकर खिसकते हुए कैंप में पहुंची कबीरगंज निवासी शांती देवी (50) ने बताया कि उसकी जेठानी रामबेटी, रामबेटी के पांच बच्चों में से तीन बेटी सोमवती (16), प्रेमा (20) व कलावती (22) व एक पुत्र विमल (10) विकलांग हैं। रामबेटी ने यह भी बताया कि उसकी ब्याहता पुत्री कलावती के भी चार बच्चों में से बड़ी लड़की को छोड़ तीन बच्चों रेखा (12), रीतेश (5) व शिवा (2) भी विकलांग हैं। डीएम को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने इस परिवार से मिलने की इच्छा जताई। इस पर क्षेत्र के समाजसेवी हरिजिंदर सिंह सभी को एक वाहन से लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे। डीएम ने तीन पीढ़ी से चली आ रही इस विकलांगता का कारण पता करने व उसके निदान की बात कही।
दो डाक्टरों के पैनल ने की जांच
डीएम के निर्देश पर हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. जीएस त्रिपाठी तथा फिजीशियन डा. सीवी चौरसिया से पीड़ितों की जांच कराई गई। करीब एक घंटा तक की गई जांच के बाद टीम के सदस्यों ने इसे प्रथमदृष्टया अनुवांशिक माना है, लेकिन इसकी विस्तृत जांच मेडिकल कालेज के किसी न्यूरोलॉजिस्ट से कराने की सिफारिश की है। सदस्यों का विकलांग प्रमाणपत्र प्राथमिकता के आधार पर बनाया जाएगा। इसके लिए उनसे आवेदन मांगे गए हैं।
डा. ओम चौहान, सीएमओ
अमर उजाला की टीम द्वारा जानकारी में लाया गए एक ऐसे परिवार ने उनसे मुलाकात की जिसकी तीन पीढ़ी के अधिकांश सदस्य विकलांग हैं। इस परिवार में ऐसा क्यो हो रहा है उसकी पड़ताल कराई जा रही है। आवश्यकता पड़ी तो इस परिवार के सदस्यों को मेडिकल कॉलेज भी जांच को भेजा जाएगा।
मासूम अली सरवर, जिलाधिकारी