फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Had to stand at Romania border for 18 hours, when I returned, my life came

रोमानिया बॉर्डर पर 18 घंटे खड़े रहना पड़ा, लौटे तो आई जान में जान

Sun, 06 Mar 2022 12:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 06 Mar 2022 12:00 AM IST
विज्ञापन
Had to stand at Romania border for 18 hours, when I returned, my life came
पीलीभीत। बेहद सर्द मौसम में रोमानिया बॉर्डर पर 18 घंटे की जद्दोजहद के बाद शहर की अशोक कॉलोनी के रहने वाले सत्यम सब्बरवाल शुक्रवार को सशुकल बरेली लौट आए। उनके लिए वहां का मंजर किसी भयानक सपने से कम नहीं।
विज्ञापन

जिला प्रशासन की तरफ से जारी सूची के अनुसार जिले से 23 लोग यूक्रेन में फंसे थे। जिसमें से नौ लोग अब तक अपने घरों को लौट गाए हैं। कई रोमानिया, पुर्तगाल, पोलैंड, हंगरी में पहुंच चुके हैं। वहां से उनको भारत के लिए फ्लाइट मिल जाएगी। शुक्रवार को अपने घर लौटे सत्यम सब्बरवाल बताते हैं 18 घंटे यूक्रेन बॉर्डर पार करने के लिए खड़े-खड़े बीते। सिर पर बर्फ गिर रही थी। तापमान शून्य से छह डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया था।
विज्ञापन

बॉर्डर पार करने के लिए लंबी कतार लगी थी। बॉर्डर पार करना उनके लिए किसी जंग से कम नहीं था। उन्होंने बताया कि बॉर्डर पर 1300-1400 लोग थे। कई बार हिम्मत टूटी तो व्हाट्सएप कॉल करके मां कौशल सब्बरवाल और पिता नीरज सब्बरवाल ने हिम्मत बंधाई। एक मार्च को वह रोमानिया पहुंचे। वहां से बस के माध्यम से रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट पहुंचे। यहां उन्हें राहत शिविर में ठहराया गया। कोरबैंका से तीन मार्च को रात 9 बजे दिल्ली के लिए फ्लाइट मिली। शुक्रवार को बरेली में अपने घर पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, गांव मरौरीखास निवास गुरप्रीत ने बताया कि वह यूक्रेन के शहर कीव से पोलैंड बॉर्डर चार दिन पूर्व पहुंचे थे। पोलैंड के बॉर्डर पर स्थित एक गुरुद्वारे में दो दिन गुजारने के बाद वह गुरुवार को वह फ्लाइट से अपनी पत्नी के मामा के बेटे के घर जर्मनी पहुंच गए हैं। यहां तीन-चार दिन रुकने के बाद वह भारत लौटेंगे। वहीं बंसुधरा कॉलोनी के रहने वाले अंशुल गुप्ता अब भी खारकीव से बारह किलोमीटर दूर फंसे हैं। भारी बमबारी के बीच वह नहीं निकल पाए हैं। इनके अलावा पूरनपुर के हर्षित शुक्ला आर्मी स्कूल यूक्रेन में ही फंसे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed