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Pilibhit News: 22 लाख का कर्ज लेकर डंकी रूट के जरिये अमेरिका पहुंचा था गुरप्रीत

Fri, 07 Feb 2025 12:47 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Fri, 07 Feb 2025 12:47 AM IST
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Gurpreet had reached America through the donkey route with a loan of Rs 22 lakhs.
पूरनपुर (पीलीभीत)। अमेरिका से वापस भेजे गए गुरप्रीत सिंह को दिल्ली से लेकर आई पुलिस टीम ने पूछताछ के बाद परिजन को सौंप दिया। कर्ज लेकर 22 लाख रुपये खर्च कर डंकी के जरिये अमेरिका पहुंचे गुरप्रीत को अमेरिका की सीमा में प्रवेश करते ही पकड़ लिया गया। 22 दिन तक अमेरिका में डिटेंशन कैंप में रखने के बाद वापस भारत भेज दिया।
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गांव बंजरिया निवासी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि स्टडी वीजा पर सितंबर 2022 में 15 लाख रुपये खर्च कर नगर मेंं आईलेट सेंटर चलाने वाले संचालक के माध्यम से इंग्लैंड गया था। इंग्लैंड में स्टडी पर विदेश भेजने वाले से छह महीने की फीस जमा करना तय हुआ था, लेकिन उसने दो महीने की फीस जमा नहीं की।
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इस वजह से इंग्लैंड में उसे स्कूल से निकाल दिया गया। इसके बाद मजदूरी कर इंग्लैंड में रहता रहा। इस दौरान वीजा की अवधि समाप्त हो गई। इसके बाद उसने इंग्लैंड से कनाडा, आस्ट्रेलिया के वर्क वीजा की कोशिश की।
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इंग्लैंड में भारत के रहने वाले एक व्यक्ति से उसकी मुलाकात हुई। उसने डंकी रूट से उसे अमेरिका तक पहुंचाने का वायदा किया। इसके लिए उसके भाई ने कर्ज लेकर 22 लाख रुपये का इंतजाम कराया। डंकी रूट से अमेरिका भिजवाने वाले ने दिसंबर 2024 को उसे स्पेन का टूरिज्म वीजा दिलाया।
स्पेन से मैक्सिको होते हुए उसे कई किलोमीटर बीहड़, सूनसान, जंगल के रास्तों से कई किलोमीटर पैदल चलाया गया। डंकी रूट से अमेरिका भेजने वालों ने उसका मोबाइल बंदूक के बल पर छीनकर तोड़ दिया। 13 जनवरी 2025 को अमेरिका सीमा में पहुंचा दिया गया। अमेरिका सीमा में घुसते ही उसे वहां की सेना ने पकड़ लिया।
22 दिन तक अमेरिका में डिटेंशन कैंप में रखा गया। इसके बाद गलत ढंग से अमेरिका में घुसे भारत के लोगों की सूची के अनुसार सभी को हाथों और पैरों में हथकड़ी लगाकर जहाज से गोवान और वहां से अमृतसर हवाई जहाज से लाया गया। गुरप्रीत ने बताया कि इस दौरान उसे खाने को तो दिया गया, लेकिन 22 दिन नहाने तक नहीं दिया गया।

अमेरिकी सैनिकों का व्यवहार अच्छा, डर के चलते लगाई थी बेड़ियां
गुरप्रीत सिंह ने बताया पकड़े जाने के बाद अमेरिकी सैनिकों का हरियाणा को छोड़कर अन्य लोगोंं के प्रति व्यवहार ठीक था। हरियाणा के लोगों की बोली को लेकर सैनिक उनको असभ्य बता रहे थे। बताया कि हाथों और पैरों मेंं हथकड़ी इस वजह से लगाई गई कि सैनिकों की संख्या कम थी। पकड़े गए लोग कहीं उन पर हमला न कर दें।

घर पर रिश्तेदारों का लगा तांता, बेटे से मिलने को आतुर थी मां
गुरप्रीत ने 22 दिन पहले अपने सेना में तैनात भाई को फोन कर अमेरिका पहुंचने की जानकारी दी थी। इसके बाद उसका संपर्क परिजन से नहीं हो रहा था। पुत्र से बात न होने पर उसकी मां जसविंदर कौर परेशान थी। बुधवार को जब उसके अमेरिका में पकड़े जाने और उसे भारत वापस लाने की जानकारी हुई। तब से जसविंदर कौर दुखी थी। बृहस्पतिवार को गुरप्रीत के घर लौटने की जानकारी पर उसके घर रिश्तेदारों, करीबियों की भीड़ लगी।


मायूस नजर आए पिता-पुत्र
15 लाख रुपये खर्च कर इंग्लैंड और 22 लाख रुपये खर्च कर अमेरिका डंकी रूट से पहुंचा गुरप्रीत वापस खाली हाथ भारत लौटा तो मायूस दिखा। पिता गुरमीत भी मायूस और दुखी थे। गुरप्रीत से पुलिस ने करीब ढाई घंटे से अधिक पूछताछ की। इसके बाद उसके पिता को सौंप दिया।
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