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जेल के बाहर उमड़ा बहनों का प्यार
Pilibhit
Updated Sat, 29 Aug 2015 11:30 PM IST
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जेल की ऊंची दीवारें भी भाइयों के प्रति बहनों का प्यार नहीं रोक सकी। सलाखों के पीछे बंद भाइयों को राखी बांधने के लिए बहनों की भीड़ जुटी। शाम पंच बजे तक 608 बहनों ने जेल के अंदर पहुंचकर भाइयों की कलाई में रक्षा सूत्र बांधा और तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। मिष्ठान खिलाते समय बहन-भाइयों की आंखें आंसुओं से डबडबा आईं।
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जिला कारागार में बुधवार को कुल 1040 बंदी सीखचों के पीछे विभिन्न आरोपों में बंद थे। इनमें से 716 विचाराधीन और 324 सजायफ्ता थे। शनिवार की सुबह से ही मुलाकात कक्ष पर बहनों की भारी भीड़ उमड़ने लगी। पर्व को लेकर बहनों में काफी उत्सुकता थी। जैसे-तैसे मुलाकाती पर्ची बनवाने के बाद जेल गेट पर बहने लाइनों में खड़ी हो गईं और अपनी बारी का इंतजार करने लगीं। कुल मिलाकर 608 बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर प्यार की डोर बांधी और तिलकर कर लंबी उम्र की कामना की। मिष्ठान भी खिलाया। जेल प्रशासन ने जेल से लेकर मुलाकात कक्ष तक सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए थे। मुख्य गेट पर बहनों की तलाशी में छह महिला होमगार्ड लगाई गईं थी। सुरक्षाकर्मियों ने साथ लाए गए मिष्ठान को पहले महिलाओं को खिलाया गया। बाद में ही मिष्ठान अंदर ले जाने की अनुमति दी गई। कोई महिलाएं मुलाकात से वंचित न रहें। इसके लिए जेल प्रशासन ने शाम पांच बजे तक मुलाकात कराई। जेल अधीक्षक विजय कुमार अपने मातहत अधिकारियों के साथ खुद निगरानी कर रहे थे।
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भाइयों ने जेल पहुंचकर
बहनों से बंधवाई राखी
जेल में करीब 30 महिलाएं निरुद्ध है। जेल प्रशासन ने इन महिलाओं के भाइयों के अलावा किसी पुरुष को अंदर आने नहीं दिया। भाइयों ने बंदी बहन से राखी बंधवाई और मिष्ठान खिलाया। उनके शीघ्र रिहा होने की कामना की।
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447 बंदियों की नहीं पहुंची बहनें
विभिन्न आरोपों में जेल में निरुद्ध 447 बंदी ऐसे थे। जिनके घरों से बहनें जिला जेल नहीं पहुंची। इनमें अधिकांश ऐसे बंदी थे जो दूसरे जिले के रहने वाले थे। जिससे उनकी कलाई सूनी रह गईं। हालांकि साथी बंदियों की पहुंची महिलाओं ने ऐसे कुछ बंदियों की कलाई पर राखी बांधी और मिष्ठान खिलाकर रिहाई की कामना की।
भाई-बहन का पवित्र त्योहार था। इसलिए मुलाकात का समय बढ़ा दिया गया था। करीब 608 बहनों ने शाम पांच बजे तक भाइयों से मुलाकात की और रक्षा सूत्र बांधा। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी।
विजय कुमार, जेल अधीक्षक