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सीएचसी बिलसंडा में नियमित नहीं बैठते डॉक्टर, निजी अस्पतालों के भरोसे इलाज

Sat, 16 Jan 2021 01:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 16 Jan 2021 01:00 AM IST
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Government Hospital in bad condition
बिलसंडा सीएचसी का मुख्य द्वार। - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। कम पगार पाने वाले कर्मचारी, किसान और ग्रामीण सरकारी अस्पतालों से काफी उम्मीदें रखते हैं। सरकार की भी यहीं मंशा है कि एक रुपये के पर्चे में उन्हें बेहतर इलाज मिल सके। मगर सीएचसी बिलसंडा में मरीजों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल पा रहा। स्टाफ के मौजूद न रहने से यहां रजिस्ट्रेशन से लेकर इलाज, जांच, दवा तक नहीं मिल पाती। इसके लिए घंटों इंतजार करने के बाद बैरंग लौटना पड़ता है। स्थिति यह है कि मरीजों को सर्दी, खांसी व बुखार तक का इलाज नहीं मिल पा रहा। ओपीडी के नाम पर सिर्फ एक डॉक्टर है। बाकी सभी गायब रहते हैं। इलाज न मिलने के कारण सीएचसी से ज्यादा कस्बे के प्राइवेट क्लीनिक और अस्पताल में भीड़ रहती है।
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बिलसंडा कस्बे में सीएचसी बनाई गई है। इस ब्लॉक के रौतापुर, मझगंवा, बमरौली, गौहनिया, तिलछी, मारपगरा, जाधोपुर, पिपरगैना, ईटगांव समेत करीब 70 गांव के रहने वाले मरीज इलाज की आस में सीएचसी पहुंचते हैं। कहने को सीएचसी बिलसंडा में तीन डॉक्टर, तीन फार्मासिस्ट, तीन स्टाफ नर्स तैनात हैं लेकिन धरातल पर मरीजों का इलाज करने के लिए कोई भी मौजूद नहीं रहता है। कोरोना संक्रमण फैलने के बाद डॉक्टर कोविड ड्यूटी की बात कहकर आए दिन गायब रहते हैं। अगर कोई मरीज दिखाने को पहुंचता है तो उन्हें बाहर की दवा लिखकर दी जाती है। सीएचसी में मौजूद एक्सरे मशीन महीनों से बंद पड़ी है। वहीं एंटी रैबीज इंजेक्शन भी मौजूद नहीं हैं। महिला स्टाफ के मौजूद न होने पर गर्भवती महिलाओं को सीधे रेफर कर दिया जाता है। विशेषज्ञ डॉक्टर न होने के कारण मरीजों को प्राइवेट क्लीनिक पर इलाज को जाना पड़ता है। सीएचसी पर सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं की खानापूरी हो रही है।
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सीएचसी पर अपने बेटे की कोरोना जांच कराने के लिए आए थे। मगर वहां मौजूद स्टाफ ने जांच करने से मना कर दिया। ऐसे में बेटे को लेकर मुख्यालय जाना पड़ा। - सुरेश, गांव चरखी, बिलसंडा
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महिला रिश्तेदार को दवा दिलाने के लिए आए थे। लेकिन सीएचसी में डॉक्टर न मिलने की वजह से वापस जाना पड़ा। मजबूरी में प्राइवेट डॉक्टर से इलाज कराया। - मंगल सिंह राठौर, कस्बा वार्ड नंबर छह
सीएचसी की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। डॉक्टर कभी भी चैंबर में नहीं बैठते हैं। घंटों इंतजार करने के बाद मजबूरी में प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराना पड़ता है। - रामश्वेर दयाल, नवादिया रामपुर, बिलसंडा

जिन स्टाफ की कोरोना ड्यूटी लगी है, उन्हें छोड़कर सभी को निर्देश दिए हैं कि समय से अस्पताल में बैठकर ओपीडी करें। अगर औचक निरीक्षण में ड्यूटी से डॉक्टर गायब मिले तो कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ

बिलसंडा सीएचसी में खाली पड़ी डाक्टर की कुर्सी।

बिलसंडा सीएचसी में खाली पड़ी डाक्टर की कुर्सी।- फोटो : PILIBHIT

 

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