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सरकार न गन्ना मूल्य दिला पाई न ब्याज : वीएम
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पीलीभीत। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष वीएम सिंह ने यूपी के बजट को लेकर पर प्रदेश सरकार पर तंज कसा। सवाल भी पूछे। किसानों की तरफदारी की तो प्रधानमंत्री को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2017 से लेकर अब तक कई बार अपने भाषणों में कहा था कि यूपी में फिर से भाजपा की सरकार ले आइए। या तो 14 दिन में गन्ना मूल्य का भुगतान मिलेगा या फिर ब्याज मिलेगा। लोगों ने भाजपा पर भरोसा किया पर मगर न बकाया मिला न ब्याज।
किसानों से वायदे तो बहुत किए पर बजट में न तो उसका कोई प्रावधान नहीं दिखा। सरकार गन्ने के बढ़े उत्पादन पर सिर्फ वाहवाही लूट रही है, जबकि उत्पादन तो किसान की मेहनत की बदौलत बढ़ा है। मेहनत के बदले किसानों को समय पर भुगतान दिलाना सरकार की जिम्मेदारी थी, जिसे सरकार पूरा नहीं कर पाई। सरकार सिर्फ और सिर्फ वाहवाही लूटने तक सीमित है।
राज्य सरकार की बात करें तो पेराई सत्र में 30496 करोड़ का गन्ना खरीदा गया। इसमें 7476 करोड़ रुपये बकाया हैं। यानि 25 फीसदी से अधिक गन्ना मूल्य अभी तक बकाया है। ऐसे में सरकार बताए कि वह वाहवाही किस बात की लूट रही है? यूपी में ही बजाज ग्रुप की चीनी मिलें हैं, जिन्होंने गन्ना मूल्य का 79 प्रतिशत भुगतान दबा रखा है। बजाज ग्रुप ने इस सत्र में अब तक सिर्फ 20.49 फीसदी भुगतान किया है। सरकार बताए कि उन किसानों का क्या कुसूर है, जिन्होंने गन्ने का भरपूर उत्पादन करके उत्तर प्रदेश में रिकार्ड बनाया।
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किसानों से वायदे तो बहुत किए पर बजट में न तो उसका कोई प्रावधान नहीं दिखा। सरकार गन्ने के बढ़े उत्पादन पर सिर्फ वाहवाही लूट रही है, जबकि उत्पादन तो किसान की मेहनत की बदौलत बढ़ा है। मेहनत के बदले किसानों को समय पर भुगतान दिलाना सरकार की जिम्मेदारी थी, जिसे सरकार पूरा नहीं कर पाई। सरकार सिर्फ और सिर्फ वाहवाही लूटने तक सीमित है।
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राज्य सरकार की बात करें तो पेराई सत्र में 30496 करोड़ का गन्ना खरीदा गया। इसमें 7476 करोड़ रुपये बकाया हैं। यानि 25 फीसदी से अधिक गन्ना मूल्य अभी तक बकाया है। ऐसे में सरकार बताए कि वह वाहवाही किस बात की लूट रही है? यूपी में ही बजाज ग्रुप की चीनी मिलें हैं, जिन्होंने गन्ना मूल्य का 79 प्रतिशत भुगतान दबा रखा है। बजाज ग्रुप ने इस सत्र में अब तक सिर्फ 20.49 फीसदी भुगतान किया है। सरकार बताए कि उन किसानों का क्या कुसूर है, जिन्होंने गन्ने का भरपूर उत्पादन करके उत्तर प्रदेश में रिकार्ड बनाया।
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