पीलीभीत: गोमती की अविरल धारा बहाने के प्रयास शुरू, डीएम ने फावड़ा चला किया शुभारंभ
लखनऊ की शान गोमती नदी की अविरल धारा प्रवाहित करने के लिए डीएम पुलकित खरे ने विशेष दिलचस्पी दिखाई है। इसके लिए मनरेगा के तहत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। जनपद सीमा तक गोमती नदी की हकीकत को परखने के साथ सर्वे कर डीएम को रिपोर्ट सौंपी गई।
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गोमती उद्गम स्थल के साथ नदी के पुनरुद्धार के लिए बुधवार को डीएम पुलकित खरे ने पूजन कर विधि विधान के साथ खोदाई के महाअभियान का शुभारंभ किया। जनपद सीमा तक 47 किलोमीटर की लंबाई में 16 ग्राम पंचायतों के क्षेत्र में मनरेगा के तहत खोदाई का कार्य कराया जाएगा। डीएम ने फावड़ा चलाकर कार्य का शुभारंभ किया। बरसात से पूर्व कार्य को हर संभव पूरा करने का आह्वान किया।
लखनऊ की शान गोमती नदी की अविरल धारा प्रवाहित करने के लिए डीएम पुलकित खरे ने विशेष दिलचस्पी दिखाई है। इसके लिए मनरेगा के तहत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। जनपद सीमा तक गोमती नदी की हकीकत को परखने के साथ सर्वे कर डीएम को रिपोर्ट सौंपी गई। रिपोर्ट में कई स्थानों पर कब्जों के साथ नदी का अस्तित्व भी मिटने की बात सामने आई। इसके बाद डीएम ने अफसरों के साथ बैठक कर रूपरेखा तैयार की।
बुधवार को शुभारंभ के मौके पर डीएम ने करीब पांच मिनट तक फावड़ा चलाया। झील के पानी का प्रवाह आगे जाने के बाद ही फावड़ा दूसरे हाथों में सौंपा। इसके बाद मजदूरों ने फावड़ा चलाकर खोदाई कार्य शुरू किया। इस दौरान 16 ग्राम पंचायतों के सचिव, प्रधान, रोजगार सेवक, सीडीओ प्रशांत कुमार, डीसी मनरेगा मृणाल सिंह, एसडीएम संदीप यादव, बीडीओ सर्वेश कुमार, प्रधान नईम अली, योगेश्वर सिंह, निर्भय सिंह आदि मौजूद रहे।
शुरू में मनरेगा के आठ हजार सक्रिय कार्डधारक जुटेंगे
खोदाई के महाअभियान की शुरुआत के दौरान डीएम पुलकित खरे ने कहा कि खोदाई कार्य को सफल बनाने के लिए सभी को आगे आना होगा। शुरुआत में आठ हजार मनरेगा के सक्रिय जॉब कार्डधारक इस कार्य में जुटेंगे। इसकी संख्या बढ़ने के लिए सचिवों को निर्देश किया गया है कि वे गांव में मौजूद रहकर इच्छुक लोगों का जॉब कार्ड बनाएं।
अवैध कब्जे हटेंगे, पौधे लगेंगे
गोमती नदी को मूल स्वरूप में लौटाने के प्रयास शुरू किए गए हैं। डीएम ने कहा कि कब्जेदारों को पहले समझाने का प्रयास होगा, न मानने पर कार्रवाई की जाएगी। नदी के दोनों तटों पर पौधरोपण भी कराया जाएगा।
मुख्य झील में गंदगी देख डीएम नाराज
गोमती के भ्रमण के दौरान डीएम की नजर मुख्य झील में फैली गंदगी पर पड़ी, इसपर उन्होंने नाराजगी जताई। बीडीओ सर्वेश कुमार को सफाई कार्य को नियमित रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं का गंदगी देख मन फीका हो जाता है।
गोमती जाने वाले मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य शुरू
गोमती उद्गम स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कवायद तेज कर दी गई। डीएम के निर्देश पर माधोटांडा पूरनपुर मार्ग से गोमती उद्गम स्थल जाने वाले लिंक मार्ग को भी चौड़ा करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। मार्ग को 12 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इधर खोदाई कार्य को सफल बनाने के लिए डीएम ने डीसी मनरेगा मृणाल सिंह को गोमती उद्गम स्थल पर कैंप करने के निर्देश भी दिए हैं।
ज्येष्ठ दशहरा पर भव्य आयोजन की मांग
गोमती उद्गम स्थल पर हर साल ज्येष्ठ दशहरा पर पांच दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। अब गोमती भक्तों ने उद्गम स्थल के साथ मेले को भव्य बनाने के लिए गोमती महोत्सव के रूप में आयोजन करने की डीएम के समक्ष मांग रखी। डीएम ने भी आश्वासन दिया कि गोमती महोत्सव का नाम देकर भव्य आयोजन के प्रयास किए जाएंगे।
गोमती नदी की धारा को भी अविरल करना हमारा दायित्व है। नदी की सीमा में पड़ने वाली सभी ग्राम पंचायतों के लोगों को आगे आकर सहयोग करना होगा। उद्गम स्थल की झील को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जाएगा।
- पुलकित खरे, जिलाधिकारी, पीलीभीत