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Pilibhit News: छात्राओं को मिलेगी गुड टच-बैड टच और पाक्सो एक्ट की शिक्षा
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बेसिक शिक्षा विभाग का नया अकादमिक कैलेंडर किया गया लागू
पीलीभीत। बेसिक शिक्षा विभाग ने छात्राओं की सुरक्षा और बच्चों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अहम पहल की है। अकादमिक कैलेंडर के तहत गुड टच-बैड टच और पाक्सो एक्ट की जानकारी को शामिल किया गया है।
जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाली करीब दो लाख छात्राओं को अब प्रारंभिक स्तर से ही व्यक्तिगत सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने अकादमिक सत्र 2026-27 के नए कैलेंडर में यह प्रावधान शामिल करते हुए छात्राओं को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाने का निर्णय लिया है। शिक्षकों के माध्यम से बालिकाओं को संवेदनशील तरीके से यह सिखाया जाएगा कि वे अपने शरीर, निजी दायरे और अधिकारों को पहचानें। उन्हें यह भी बताया जाएगा कि किसी भी असहज या अनुचित स्थिति में बिना डरे अपने अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करे। इसके साथ ही छात्राओं को पाक्सो एक्ट के तहत मिलने वाले कानूनी संरक्षण की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि वे किसी भी घटना को छिपाने के बजाय खुलकर सामने रख सकें। इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। संवाद
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पीलीभीत। बेसिक शिक्षा विभाग ने छात्राओं की सुरक्षा और बच्चों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अहम पहल की है। अकादमिक कैलेंडर के तहत गुड टच-बैड टच और पाक्सो एक्ट की जानकारी को शामिल किया गया है।
जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाली करीब दो लाख छात्राओं को अब प्रारंभिक स्तर से ही व्यक्तिगत सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने अकादमिक सत्र 2026-27 के नए कैलेंडर में यह प्रावधान शामिल करते हुए छात्राओं को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाने का निर्णय लिया है। शिक्षकों के माध्यम से बालिकाओं को संवेदनशील तरीके से यह सिखाया जाएगा कि वे अपने शरीर, निजी दायरे और अधिकारों को पहचानें। उन्हें यह भी बताया जाएगा कि किसी भी असहज या अनुचित स्थिति में बिना डरे अपने अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करे। इसके साथ ही छात्राओं को पाक्सो एक्ट के तहत मिलने वाले कानूनी संरक्षण की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि वे किसी भी घटना को छिपाने के बजाय खुलकर सामने रख सकें। इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। संवाद
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