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स्वस्थ रहकर ही छात्राएं बन सकतीं हैं अपराजिता
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छात्राओं को संबोधित करतीं डॉ. ललिता रस्तोगी। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
बीसलपुर। अपराजिता बनने से पहले छात्राओं को स्वस्थ बनना पड़ेगा। इसके लिए छात्राएं अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखते हुए पढ़ाई जारी रखें। ये बातें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की महिला चिकित्साधिकारी डॉ. ललिता रस्तोगी ने निसा गर्ल्स इंटर कॉलेज में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही।
निसा गर्ल्स इंटर कॉलेज में मंगलवार को अमर उजाला मुहिम अपराजिता के तहत आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. ललिता ने कहा कि छात्राएं अपनी क्षमताओं का उपयोग करते हुए शिक्षण के साथ अपने स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान रखें। छात्राओं को मायूस होने की कोई आवश्यकता नहीं है। सरकार ने छात्राओं की सुरक्षा के लिए कई योजनाएं चला रखी हैं। छात्राएं जरूरत पड़ने पर इन योजनाओं का लाभ उठा सकती हैं। कार्यक्रम में कॉलेज के प्रबंधक अनीस अहमद खां उर्फ फूलबाबू ने बतौर मुख्य वक्ता कहा कि छात्राएं सकारात्मक रास्ते पर चलते हुए अपनी मंजिल तक आसानी से पहुंच सकती हैं। छात्राओं की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। छात्राएं अपराजिता बनकर समाज में अपना नाम रोशन कर सकती हैं। कॉलेज के डायरेक्टर अहमद रजा खां ने कहा कि छात्राएं आत्म चिंतन कर अपनी कमियां दूर करें, जिससे वे अपराजिता बन सके। प्रधानाचार्य अर्चना तिवारी ने कहा कि परिजन को छात्राओं की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जब तक छात्राओं की पढ़ाई पूरी नहीं हो पाएगी, तब तक वे समाज में कुछ अलग करके नहीं दिखा पाएंगी। कार्यक्रम में अनम, इंसा, फिजा, नूरी फातिमा और जीनत आदि छात्राओं ने भी विचार रखे। कार्यक्रम शुरू होने से पहले इलमा, मुस्कान, जैनब और फलक आदि छात्राओं ने स्वागत गान गाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य ने और संचालन अना फातिमा ने किया। शिक्षक विकास गंगवार ने आगंतुकों का आभार जताया।
मुख्य अतिथि ने छात्राओं को दिलाई शपथ
मुख्य अतिथि डॉ. ललिता रस्तोगी ने छात्राओं को शिक्षण सही ढंग से करने, स्वास्थ्य पर ध्यान देने, अपराजिता बनकर जीवन के प्रत्येक मोड़ पर नारी सम्मान बरकरार रखने की शपथ दिलाई।
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छात्राओं ने पूछे ये सवाल
- कैल्शियम की कमी आने पर क्या किया जाए।
- हीमोग्लोबिन बढ़ाने का क्या तरीका है।
- पढ़ते समय आंखों में आंसू आने पर क्या करना चाहिए
- पढ़ते समय आंखों में दर्द होने पर क्या उपाय करना चाहिए।
- ज्यादा धूप में चक्कर आने पर क्या उपचार किया जाए।
छात्राओं को दिए ये सुझाव
- अच्छी रोशनी में पढ़ाई करनी चाहिए।
- नींद पूरी लेनी चाहिए।
- हरी सब्जी, चुकंदर, गुड़, दूध, दाल, ज्यादा से ज्यादा सेवन करना चाहिए।
- मोबाइल फोन का न्यूनतम इस्तेमाल करना चाहिए।
- फास्ट फूड खाने से बचना चाहिए।
- भोजन समय पर करना चाहिए।
छात्राएं किसी भी मायने में छात्रों से कम नहीं होती। घर और समाज के लोगों को लड़कियों का पूरा सम्मान और उनका उत्साहवर्धन करना चाहिए। - अनमता खान, छात्रा कक्षा नौ।
छात्राओं को मनोबल नहीं गिराना चाहिए। छात्राओं को कंक्रीट के रास्तों पर भी नंगे पांव चलने की हिम्मत रखनी चाहिए। - फलक, छात्रा कक्षा 10
परिजन को छात्राओं को पढ़ने का पूरा मौका देना चाहिए। छात्राओं को कभी निराश नहीं होना चाहिए और अपना लक्ष्य हर समय याद रखना चाहिए। - जीनत, छात्रा कक्षा 11
छात्राएं मन बना लें तो अपने जीवन में बहुुत कुछ कर सकती हैं। वे इंदिरा गांधी, लक्ष्मी बाई और किरन बेदी जैसी बन सकती हैं। - हर्षिता, छात्रा कक्षा नौ
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निसा गर्ल्स इंटर कॉलेज में मंगलवार को अमर उजाला मुहिम अपराजिता के तहत आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. ललिता ने कहा कि छात्राएं अपनी क्षमताओं का उपयोग करते हुए शिक्षण के साथ अपने स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान रखें। छात्राओं को मायूस होने की कोई आवश्यकता नहीं है। सरकार ने छात्राओं की सुरक्षा के लिए कई योजनाएं चला रखी हैं। छात्राएं जरूरत पड़ने पर इन योजनाओं का लाभ उठा सकती हैं। कार्यक्रम में कॉलेज के प्रबंधक अनीस अहमद खां उर्फ फूलबाबू ने बतौर मुख्य वक्ता कहा कि छात्राएं सकारात्मक रास्ते पर चलते हुए अपनी मंजिल तक आसानी से पहुंच सकती हैं। छात्राओं की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। छात्राएं अपराजिता बनकर समाज में अपना नाम रोशन कर सकती हैं। कॉलेज के डायरेक्टर अहमद रजा खां ने कहा कि छात्राएं आत्म चिंतन कर अपनी कमियां दूर करें, जिससे वे अपराजिता बन सके। प्रधानाचार्य अर्चना तिवारी ने कहा कि परिजन को छात्राओं की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जब तक छात्राओं की पढ़ाई पूरी नहीं हो पाएगी, तब तक वे समाज में कुछ अलग करके नहीं दिखा पाएंगी। कार्यक्रम में अनम, इंसा, फिजा, नूरी फातिमा और जीनत आदि छात्राओं ने भी विचार रखे। कार्यक्रम शुरू होने से पहले इलमा, मुस्कान, जैनब और फलक आदि छात्राओं ने स्वागत गान गाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य ने और संचालन अना फातिमा ने किया। शिक्षक विकास गंगवार ने आगंतुकों का आभार जताया।
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मुख्य अतिथि ने छात्राओं को दिलाई शपथ
मुख्य अतिथि डॉ. ललिता रस्तोगी ने छात्राओं को शिक्षण सही ढंग से करने, स्वास्थ्य पर ध्यान देने, अपराजिता बनकर जीवन के प्रत्येक मोड़ पर नारी सम्मान बरकरार रखने की शपथ दिलाई।
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छात्राओं ने पूछे ये सवाल
- कैल्शियम की कमी आने पर क्या किया जाए।
- हीमोग्लोबिन बढ़ाने का क्या तरीका है।
- पढ़ते समय आंखों में आंसू आने पर क्या करना चाहिए
- पढ़ते समय आंखों में दर्द होने पर क्या उपाय करना चाहिए।
- ज्यादा धूप में चक्कर आने पर क्या उपचार किया जाए।
छात्राओं को दिए ये सुझाव
- अच्छी रोशनी में पढ़ाई करनी चाहिए।
- नींद पूरी लेनी चाहिए।
- हरी सब्जी, चुकंदर, गुड़, दूध, दाल, ज्यादा से ज्यादा सेवन करना चाहिए।
- मोबाइल फोन का न्यूनतम इस्तेमाल करना चाहिए।
- फास्ट फूड खाने से बचना चाहिए।
- भोजन समय पर करना चाहिए।
छात्राएं किसी भी मायने में छात्रों से कम नहीं होती। घर और समाज के लोगों को लड़कियों का पूरा सम्मान और उनका उत्साहवर्धन करना चाहिए। - अनमता खान, छात्रा कक्षा नौ।
छात्राओं को मनोबल नहीं गिराना चाहिए। छात्राओं को कंक्रीट के रास्तों पर भी नंगे पांव चलने की हिम्मत रखनी चाहिए। - फलक, छात्रा कक्षा 10
परिजन को छात्राओं को पढ़ने का पूरा मौका देना चाहिए। छात्राओं को कभी निराश नहीं होना चाहिए और अपना लक्ष्य हर समय याद रखना चाहिए। - जीनत, छात्रा कक्षा 11
छात्राएं मन बना लें तो अपने जीवन में बहुुत कुछ कर सकती हैं। वे इंदिरा गांधी, लक्ष्मी बाई और किरन बेदी जैसी बन सकती हैं। - हर्षिता, छात्रा कक्षा नौ