{"_id":"613e3a778ebc3e5f6b2eb2b1","slug":"fsda-pilibhit-news-bly4593882136","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच माह में 510 लिए सैंपल, 38 फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच माह में 510 लिए सैंपल, 38 फेल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से एक अप्रैल से अगस्त तक जनपद में निरीक्षण 510 सैंपल विभिन्न खाद्य सामग्रियों के लिए गए थे। इनमें जांच के बाद 38 सैंपल फेल हो गए। विभाग की ओर से सभी को नोटिस भेजा गया है। नोटिस का जवाब मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारी सीजन आते ही खाद्य सुरक्षा टीम की ओर से रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य सामग्री की दुकानों पर छापा मारकर कार्रवाई शुरू हो जाती है। शहर से लेकर देहात तक दुकानों पर लगातार सैंपलिंग ली जाती है। त्योहार निकलने के बाद जिम्मेदार अफसर कार्रवाई भूल जाते है। जिससे दुकानदार भी बेफ्रिक हो जाते है। पिछले पांच माह की बात करें, तो एफएसडीए टीम की ओर से 510 सैंपल एकत्र किए गए थे। इनमें 38 जांच में फेल हो गए। जबकि त्योहारी सीजन यानी अगस्त में 156 सैंपल लिए गए थे। इनमें जांच में 14 फेल निकले थे। जबकि पिछले चार माह में सिर्फ 356 आम दिनों में सैंपल लिए गए थे। इसमें 24 सैंपल जांच में फेल हुए। यानी औसतन एक माह में 94 सैंपलों में छह सैंपल फेल होना पाया गया।
सैंपल फेल होने पर यह है कार्रवाई का प्रावधान
किसी दुकानदार का सैंपल फेल होने पर उसे नोटिस भेजा जाता है। इससे अगर दुकानदार जांच से संतुष्ट नहीं होता है, तो दोबारा सैंपल लेकर जांच को भेजा जाता है। दोबारा जांच में भी फेल होने पर अर्थदंड के लिए एसडीएम कोर्ट में या फिर सजा का प्रावधान होने पर न्यायिक अधिकारी के कोर्ट में सजा सुनाई जाती है।
विज्ञापन
अगस्त में यह हुए सैंपल फेल
शहर में मंडी गेट के सामने एक मिठाई की दुकान से छेना, चमचम रंगीन, बिठौरा कलां में तेल का सैंपल, बरातबोझ में अरहर श्रीराम ब्रांड का, पूरनपुर की दुकान पर फेस आयल का, पूरनपुर में ब्रांडेड नमकीन का, न्यूरिया में ब्रांडेड बीकानेरी स्पेशल मिक्स, पीलीभीत में लिज्जत पापड़, पीलीभीत में रिफाइंड, पीलीभीत में बेसन का सैंपल जांच में फेल हुआ था।
लगातार दुकानों का निरीक्षण और छापा मारकर कार्रवाई की जा रही है। सैंपल फेल होने पर नोटिस दिया जाता है। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाती है। - शशांक त्रिपाठी अभिहित
विज्ञापन
त्योहारी सीजन आते ही खाद्य सुरक्षा टीम की ओर से रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य सामग्री की दुकानों पर छापा मारकर कार्रवाई शुरू हो जाती है। शहर से लेकर देहात तक दुकानों पर लगातार सैंपलिंग ली जाती है। त्योहार निकलने के बाद जिम्मेदार अफसर कार्रवाई भूल जाते है। जिससे दुकानदार भी बेफ्रिक हो जाते है। पिछले पांच माह की बात करें, तो एफएसडीए टीम की ओर से 510 सैंपल एकत्र किए गए थे। इनमें 38 जांच में फेल हो गए। जबकि त्योहारी सीजन यानी अगस्त में 156 सैंपल लिए गए थे। इनमें जांच में 14 फेल निकले थे। जबकि पिछले चार माह में सिर्फ 356 आम दिनों में सैंपल लिए गए थे। इसमें 24 सैंपल जांच में फेल हुए। यानी औसतन एक माह में 94 सैंपलों में छह सैंपल फेल होना पाया गया।
विज्ञापन
सैंपल फेल होने पर यह है कार्रवाई का प्रावधान
किसी दुकानदार का सैंपल फेल होने पर उसे नोटिस भेजा जाता है। इससे अगर दुकानदार जांच से संतुष्ट नहीं होता है, तो दोबारा सैंपल लेकर जांच को भेजा जाता है। दोबारा जांच में भी फेल होने पर अर्थदंड के लिए एसडीएम कोर्ट में या फिर सजा का प्रावधान होने पर न्यायिक अधिकारी के कोर्ट में सजा सुनाई जाती है।
विज्ञापन
अगस्त में यह हुए सैंपल फेल
शहर में मंडी गेट के सामने एक मिठाई की दुकान से छेना, चमचम रंगीन, बिठौरा कलां में तेल का सैंपल, बरातबोझ में अरहर श्रीराम ब्रांड का, पूरनपुर की दुकान पर फेस आयल का, पूरनपुर में ब्रांडेड नमकीन का, न्यूरिया में ब्रांडेड बीकानेरी स्पेशल मिक्स, पीलीभीत में लिज्जत पापड़, पीलीभीत में रिफाइंड, पीलीभीत में बेसन का सैंपल जांच में फेल हुआ था।
लगातार दुकानों का निरीक्षण और छापा मारकर कार्रवाई की जा रही है। सैंपल फेल होने पर नोटिस दिया जाता है। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाती है। - शशांक त्रिपाठी अभिहित