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पंजीकरण के बिना सजा रखी थी दुकान, सफाई के भी नहीं मिले पुख्ता इंतजाम
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खुले में कूड़ा रखने पर चाट विक्रेता को फटकार लगाते फूड इंस्पेक्टर।
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। कोरोना महामारी के बीच नियम विरुद्ध तरीके से सजाई गईं फास्ट फूड की दुकानों पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने छापा मारा। निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने पर उन्होंने दुकानदारों की फटकार लगाई। पंजीकरण न कराने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों को ढक्कनदार कूड़ेदान और खाद्य पदार्थ ढककर रखने के निर्देश दिए। एक चाय की दुकान का भी निरीक्षण किया गया।
बीते कुछ समय में फास्ट फूड का चलन तेजी से बढ़ा है। यही वजह है कि कम समय में ही शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में ठेले-दुकानें सज गई हैं। ठेले और दुकानें लगाने के लिए पहले खाद्य विभाग से पंजीकरण कराना आवश्यक होता है। स्वच्छता से लेकर खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता की दुकानदार को गारंटी देनी होती है। मगर इन तमाम नियमों की धड़ल्ले से अनदेखी चल रही थी।
जानकारी के मुताबिक, जनपद में डेढ़ हजार से अधिक ठेले-दुकानें बिना पंजीकरण के चलाई जा रही हैं। खाद्य सुरधा अधिकारियों के मुताबिक, जिले भर में केवल फास्ट फूड के लिए 300 दुकानदारों ने ही अपना पंजीकरण करा रखा है। अनदेखी को उजागर करते हुए 17 नवंबर के अंक में अमर उजाला ने ‘न शुद्धता की गारंटी, न पंजीकरण, फिर भी धड़ल्ले से चल रहीं फास्ट फूड की दुकानें’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसका संज्ञान लेकर एफएसडीए की टीम सड़कों पर उतरी।
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खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेंद्र प्रताप सिंह ने गांधी स्टेडियम रोड, रेलवे स्टेशन रोड, गौहनिया चौराहा समेत कई स्थानों पर मंगलवार की शाम ठेले और दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकांश के पास न तो पंजीकरण मिला, न ही सफाई। उन्होंने सभी की फटकार लगाते हुए अविलंब सुधार करने के निर्देश दिए। गांधी स्टेडियम रोड ड्रमंड कॉलेज के पास लगे एक ठेले पर पंजीकरण था, मगर उसके पास ढक्कनदार कूड़ेदान नहीं था। पंजीकरण के कागज में विक्रेता का नाम पता न होने पर संशोधन कराने के निर्देश दिए। अशोक कॉलोनी में एक चाय की दुकान का भी निरीक्षण कर साफ सफाई रखने के निर्देश दिए गए।
खाद्य पदार्थ खुले में न रखने, ढक्कनदार कूड़ेदान का इस्तेमाल करने, पंजीकरण कराने समेत आवश्यक निर्देश दिए हैं। आगे भी औचक छापा मारकर चेक किया जाएगा। अगर नियमों की अनदेखी मिली तो सैंपलिंग और चालान की कार्रवाई होगी। कुछ ठेले नालों के पास लगे थे। उन्हें पीछे की तरफ त्रिपाल आदि लगाने को कहा गया है। इसके अलावा कूड़ेदान ग्राहकों के खड़े होने की जगह से दूर रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। - शशांक त्रिपाठी, अभिहीत अधिकारी
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बीते कुछ समय में फास्ट फूड का चलन तेजी से बढ़ा है। यही वजह है कि कम समय में ही शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक में ठेले-दुकानें सज गई हैं। ठेले और दुकानें लगाने के लिए पहले खाद्य विभाग से पंजीकरण कराना आवश्यक होता है। स्वच्छता से लेकर खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता की दुकानदार को गारंटी देनी होती है। मगर इन तमाम नियमों की धड़ल्ले से अनदेखी चल रही थी।
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जानकारी के मुताबिक, जनपद में डेढ़ हजार से अधिक ठेले-दुकानें बिना पंजीकरण के चलाई जा रही हैं। खाद्य सुरधा अधिकारियों के मुताबिक, जिले भर में केवल फास्ट फूड के लिए 300 दुकानदारों ने ही अपना पंजीकरण करा रखा है। अनदेखी को उजागर करते हुए 17 नवंबर के अंक में अमर उजाला ने ‘न शुद्धता की गारंटी, न पंजीकरण, फिर भी धड़ल्ले से चल रहीं फास्ट फूड की दुकानें’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसका संज्ञान लेकर एफएसडीए की टीम सड़कों पर उतरी।
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खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेंद्र प्रताप सिंह ने गांधी स्टेडियम रोड, रेलवे स्टेशन रोड, गौहनिया चौराहा समेत कई स्थानों पर मंगलवार की शाम ठेले और दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकांश के पास न तो पंजीकरण मिला, न ही सफाई। उन्होंने सभी की फटकार लगाते हुए अविलंब सुधार करने के निर्देश दिए। गांधी स्टेडियम रोड ड्रमंड कॉलेज के पास लगे एक ठेले पर पंजीकरण था, मगर उसके पास ढक्कनदार कूड़ेदान नहीं था। पंजीकरण के कागज में विक्रेता का नाम पता न होने पर संशोधन कराने के निर्देश दिए। अशोक कॉलोनी में एक चाय की दुकान का भी निरीक्षण कर साफ सफाई रखने के निर्देश दिए गए।
खाद्य पदार्थ खुले में न रखने, ढक्कनदार कूड़ेदान का इस्तेमाल करने, पंजीकरण कराने समेत आवश्यक निर्देश दिए हैं। आगे भी औचक छापा मारकर चेक किया जाएगा। अगर नियमों की अनदेखी मिली तो सैंपलिंग और चालान की कार्रवाई होगी। कुछ ठेले नालों के पास लगे थे। उन्हें पीछे की तरफ त्रिपाल आदि लगाने को कहा गया है। इसके अलावा कूड़ेदान ग्राहकों के खड़े होने की जगह से दूर रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। - शशांक त्रिपाठी, अभिहीत अधिकारी

ठेले पर खुले में रखे गोल गप्पे चेक करते फूड इंस्पेक्टर- फोटो : PILIBHIT

ठेले पर लाइसेंस चेक करते फूड इंस्पेक्टर- फोटो : PILIBHIT