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ललौरीखेड़ा कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल में फर्जी शिक्षिका पकड़ी गई
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पीलीभीत। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में अनामिका शुक्ला के नाम से कई विद्यालयों में फर्जी शिक्षिकाओं के नौकरी करने का मामला अभी शांत भी नहीं हो पाया था कि जनपद के ललौरीखेड़ा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में प्रमाण पत्रों की जांच में फर्जी शिक्षिका पकड़ी गई है। इससे बीएसए दफ्तर में हड़कंप मच गया। शिक्षिका की संविदा समाप्त कर दी गई है। उसे अब तक दिए गए मानदेय की वसूली का नोटिस जारी किया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी को शिक्षिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को कहा गया है।
ललौरीखेड़ा विकास खंड के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कार्यरत पूर्णकालिक संविदा शिक्षिका इंदु देवी बा स्कूल में शारीरिक शिक्षा की शिक्षिका हैं। उनकी नियुक्ति तीन नवंबर 2015 को हुई थी। हाल ही में जब पूरे प्रदेश में फर्जी शिक्षिकों को लेकर जांच शुरू की गई तो बीएसए देवेंद्र स्वरूप ने एक कमेटी का गठन कर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में कार्यरत शिक्षिकाओं के प्रमाण पत्रों की जांच शुरू कराई। जांच में शिक्षिका इंदु देवी के मूल प्रमाण से नियुक्ति के वक्त जमा किए गए प्रमाण पत्र से जांच की गई तो उनकी नियुक्ति फर्जी साबित हुई। शिक्षिका ने कानपुर स्थित छत्रपति साहूजी महाराज यूनिवर्सिटी से वर्ष 2008 में स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। नियुक्ति के समय जमा किए गए प्रमाण पत्र की कॉपी में मेरिट अधिक दिखाने के लिए में उसने 900 पूर्णांक में 592 अंक प्रिंट करके अपने अभिलेख बीएसए दफ्तर में जमा किए। जब मूल प्रमाण पत्रों से उसके जमा किए अंक पत्रों का मिलान हुआ तो मार्कशीट की मूल कॉपी में 900 में से 370 अंक पाए गए।
मेरिट अधिक देखकर तत्कालीन स्टाफ ने बिना सत्यापन किए ही उसकी नियुक्ति कर दी। शिक्षिका नवंबर 2015 से अप्रैल 2020 तक 11,16,760 रुपये का मानदेय ले चुकी है। पिछले छह साल में किसी भी बीएसए और पटल देखने वाले बाबू ने इस पर ध्यान नहीं दिया। बताया जाता है कि पटल के बाबू उसे संरक्षण देने में लगे रहे। बुधवार को बीएसए देवेंद्र स्वरूप ने डीएम वैभव श्रीवास्तव को पूरे मामले से अवगत कराया। इस पर डीएम ने बीएसए को निर्देश दिए कि शिक्षिका की संविदा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर अब तक दिए गए मानदेय की वसूली की जाए। इसके साथ ही शिक्षिका पर एफआईआर दर्ज कराई जाए। बीएसए ने शिक्षिका की संविदा समाप्त कर मानदेय वसूली के लिए उसे नोटिस जारी किया है। खंड शिक्षा अधिकारी ललौरीखेड़ा को फर्जी शिक्षिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को कहा गया है।
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फर्जी शिक्षिका की संविदा समाप्त कर दी गई है। खंड शिक्षा अधिकारी को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। मानदेय की रिकवरी के लिए उसे नोटिस जारी कर दिया गया है। अगर मानदेय वापस नहीं किया तो तहसील से आरसी जारी कराई जाएगी। - देवेंद्र स्वरूप, बीएसए
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ललौरीखेड़ा विकास खंड के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कार्यरत पूर्णकालिक संविदा शिक्षिका इंदु देवी बा स्कूल में शारीरिक शिक्षा की शिक्षिका हैं। उनकी नियुक्ति तीन नवंबर 2015 को हुई थी। हाल ही में जब पूरे प्रदेश में फर्जी शिक्षिकों को लेकर जांच शुरू की गई तो बीएसए देवेंद्र स्वरूप ने एक कमेटी का गठन कर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में कार्यरत शिक्षिकाओं के प्रमाण पत्रों की जांच शुरू कराई। जांच में शिक्षिका इंदु देवी के मूल प्रमाण से नियुक्ति के वक्त जमा किए गए प्रमाण पत्र से जांच की गई तो उनकी नियुक्ति फर्जी साबित हुई। शिक्षिका ने कानपुर स्थित छत्रपति साहूजी महाराज यूनिवर्सिटी से वर्ष 2008 में स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। नियुक्ति के समय जमा किए गए प्रमाण पत्र की कॉपी में मेरिट अधिक दिखाने के लिए में उसने 900 पूर्णांक में 592 अंक प्रिंट करके अपने अभिलेख बीएसए दफ्तर में जमा किए। जब मूल प्रमाण पत्रों से उसके जमा किए अंक पत्रों का मिलान हुआ तो मार्कशीट की मूल कॉपी में 900 में से 370 अंक पाए गए।
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मेरिट अधिक देखकर तत्कालीन स्टाफ ने बिना सत्यापन किए ही उसकी नियुक्ति कर दी। शिक्षिका नवंबर 2015 से अप्रैल 2020 तक 11,16,760 रुपये का मानदेय ले चुकी है। पिछले छह साल में किसी भी बीएसए और पटल देखने वाले बाबू ने इस पर ध्यान नहीं दिया। बताया जाता है कि पटल के बाबू उसे संरक्षण देने में लगे रहे। बुधवार को बीएसए देवेंद्र स्वरूप ने डीएम वैभव श्रीवास्तव को पूरे मामले से अवगत कराया। इस पर डीएम ने बीएसए को निर्देश दिए कि शिक्षिका की संविदा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर अब तक दिए गए मानदेय की वसूली की जाए। इसके साथ ही शिक्षिका पर एफआईआर दर्ज कराई जाए। बीएसए ने शिक्षिका की संविदा समाप्त कर मानदेय वसूली के लिए उसे नोटिस जारी किया है। खंड शिक्षा अधिकारी ललौरीखेड़ा को फर्जी शिक्षिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को कहा गया है।
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फर्जी शिक्षिका की संविदा समाप्त कर दी गई है। खंड शिक्षा अधिकारी को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। मानदेय की रिकवरी के लिए उसे नोटिस जारी कर दिया गया है। अगर मानदेय वापस नहीं किया तो तहसील से आरसी जारी कराई जाएगी। - देवेंद्र स्वरूप, बीएसए