पीलीभीत: युवक की पीटकर हत्या करने के चार दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने चारों पर अर्थदंड भी लगाया
पीलीभीत के गजरौला थाना क्षेत्र में युवक को लाठी-डंडों से पीटकर मौत के घाट उतारने के करीब दो साल पुराने मामले में सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार ने मामले में चार आरोपियों को दोषी पाते हुए सश्रम उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 30-30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। मुकदमे की न्यायिक प्रक्रिया के दो लोगों की मृत्यु हो जाने से उनके खिलाफ कार्रवाई समाप्त हो गई।
अभियोजन के अनुसार, वारदात 10 जुलाई 2024 की शाम करीब चार बजे हुई थी। गजरौला थाना क्षेत्र के ग्राम भूड़ा सेमनगर उर्फ पंडरी में 27 वर्षीय अनिल उर्फ छोटे के साथ आरोपियों ने मारपीट की थी। आरोप था कि कल्लू धीमर उर्फ भीमसेन, रामकुमार धीमर, सूरजपाल उर्फ सत्यपाल, सुरेंद्र उर्फ सुरेंद्रपाल उर्फ अलगू, मदनलाल और गंगादेई ने मिलकर युवक पर हमला किया। हमलावरों ने लाठी-डंडों से अनिल को पीटा, जिससे वह घायल हो गया।
बताया गया कि हमले के बाद युवक की हालत बिगड़ गई, जिससे उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद उसका शव सड़क किनारे पड़ा मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। प्रारंभिक जांच के आधार पर छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने विवेचना के दौरान घटना से जुड़े साक्ष्यों और गवाहों के बयान दर्ज किए।
इन आरोपियों को माना दोषी
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार ने उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। न्यायालय ने मदनलाल, कल्लू धीमर उर्फ भीमसेन, सूरजपाल उर्फ सत्यपाल और सुरेंद्र उर्फ सुरेंद्रपाल उर्फ अलगू को अनिल उर्फ छोटे की हत्या के मामले में दोषी माना।
दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने चारों को सश्रम उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक पर 30 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया गया। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने से प्राप्त कुल धनराशि में से 50 प्रतिशत रकम वादी अथवा उसके उत्तराधिकारी को नियमानुसार उपलब्ध कराई जाए।
सुनवाई के दौरान दो आरोपियों की हो गई मृत्यु
मामला न्यायालय में विचाराधीन रहने के दौरान दो आरोपियों की मृत्यु हो गई। गंगादेई का निधन 15 मई 2025 को हुआ, जबकि रामकुमार धीमर की मृत्यु 29 जनवरी 2026 को हुई। दोनों की मृत्यु के कारण उनके विरुद्ध चल रही न्यायिक कार्यवाही समाप्त कर दी गई।