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हड़ताल पर गए वन विभाग के दैनिक वेतनभोगी, पर्यटन प्रभावित
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बराही रेंज कार्यालय पर कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठे दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। वेतन की मांग को लेकर बुधवार को पीलीभीत टाइगर रिजर्व में तैनात दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। सभी पांच रेंज कार्यालय के परिसर में धरना दिया। इसके चलते पर्यटन पूरी तरह प्रभावित हो गया। डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने रेंज कार्यालय पहुंचकर धरने पर बैठे कर्मचारियों को जल्द ही वेतन दिलाने का मौखिक आश्वासन दिया, लेकिन लिखित आश्वासन पर अड़े कर्मचारियों ने अपना कार्य बहिष्कार जारी रखा।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ, बराही समेत पांच रेंजों में करीब तीन सौ दैनिक वेतन वन कर्मचारी तैनात हैं। पिछले 13 माह से इन कर्मचारियों का वेतन नहीं मिल सका। इसको लेकर कर्मचारी लंबे समय से मांग करते आ रहे हैं। पूर्व में 29 नवंबर, 7 दिसंबर को डिवीजन मुख्यालय पर धरना भी दिया गया। इसके बावजूद जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारी संघ ने कार्य बहिष्कार का निर्णय लेते हुए बुधवार को पांचों रेंज कार्यालयों में धरना दिया। महोफ और बराही रेंज समेत अन्य रेंज कार्यालय पर भी कर्मचारी एकत्र हुए। शांतिपूर्वक धरना पर बैठे कर्मचारियों को मांग को सुनने के लिए के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल भी रेंज कार्यालय पर पहुंचे। उन्होंने मौखिक रूप से कहा कि वेतन न मिलने की पीड़ा को समझ रहे हैं। वेतन जारी कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन धरने पर बैठे कर्मचारी लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद बात नहीं बन सकी। दैनिक वेतन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मोहन स्वरूप ने बताया कि 13 माह से वेतन नहीं मिला है। इससे दैनिक वेतनभोगी परेशान है। कार्य बहिष्कार कर धरना दिया गया। बृहस्पतिवार को मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस पर समस्त कर्मचारी एकत्र होकर धरना देंगे।
बुकिंग काउंट पर जिम्मेदारी संभालते हैं कर्मचारी
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से पर्यटन पर पड़ा। चूका बीच जाने वाले सैलानियों का बुकिंग काउंटर मुस्तफाबाद स्थित गेस्ट हाउस पर है। यहां दैनिक वेतन कर्मचारी ही जिम्मेदारी संभालते हैं। इसके अलावा चूका बीच के तीन नंबर प्रवेश गेट पर भी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की तैनाती रहती है। हड़ताल पर रहने से पर्यटन पूरी तरह प्रभावित हो गया। सैलानियों की सुबह से ही आमद होने लगी थी लेकिन हड़ताल पर होने के चलते एंट्री प्वाइंट पर ताले लटके थे। इसको देखते हुए क्षेत्रीय वन दरोगा और वन रक्षक जिम्मेदारियों को संभालने बैठे। महोफ रेंजर पियूष मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से पर्यटन प्रभावित हुआ है।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ, बराही समेत पांच रेंजों में करीब तीन सौ दैनिक वेतन वन कर्मचारी तैनात हैं। पिछले 13 माह से इन कर्मचारियों का वेतन नहीं मिल सका। इसको लेकर कर्मचारी लंबे समय से मांग करते आ रहे हैं। पूर्व में 29 नवंबर, 7 दिसंबर को डिवीजन मुख्यालय पर धरना भी दिया गया। इसके बावजूद जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारी संघ ने कार्य बहिष्कार का निर्णय लेते हुए बुधवार को पांचों रेंज कार्यालयों में धरना दिया। महोफ और बराही रेंज समेत अन्य रेंज कार्यालय पर भी कर्मचारी एकत्र हुए। शांतिपूर्वक धरना पर बैठे कर्मचारियों को मांग को सुनने के लिए के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल भी रेंज कार्यालय पर पहुंचे। उन्होंने मौखिक रूप से कहा कि वेतन न मिलने की पीड़ा को समझ रहे हैं। वेतन जारी कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन धरने पर बैठे कर्मचारी लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद बात नहीं बन सकी। दैनिक वेतन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मोहन स्वरूप ने बताया कि 13 माह से वेतन नहीं मिला है। इससे दैनिक वेतनभोगी परेशान है। कार्य बहिष्कार कर धरना दिया गया। बृहस्पतिवार को मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस पर समस्त कर्मचारी एकत्र होकर धरना देंगे।
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बुकिंग काउंट पर जिम्मेदारी संभालते हैं कर्मचारी
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से पर्यटन पर पड़ा। चूका बीच जाने वाले सैलानियों का बुकिंग काउंटर मुस्तफाबाद स्थित गेस्ट हाउस पर है। यहां दैनिक वेतन कर्मचारी ही जिम्मेदारी संभालते हैं। इसके अलावा चूका बीच के तीन नंबर प्रवेश गेट पर भी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की तैनाती रहती है। हड़ताल पर रहने से पर्यटन पूरी तरह प्रभावित हो गया। सैलानियों की सुबह से ही आमद होने लगी थी लेकिन हड़ताल पर होने के चलते एंट्री प्वाइंट पर ताले लटके थे। इसको देखते हुए क्षेत्रीय वन दरोगा और वन रक्षक जिम्मेदारियों को संभालने बैठे। महोफ रेंजर पियूष मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से पर्यटन प्रभावित हुआ है।
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