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Pilibhit News: कोहरे और सर्दी के सितम से जनजीवन बेहाल, घरों में दुबके लोग

Fri, 19 Dec 2025 11:48 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Fri, 19 Dec 2025 11:48 PM IST
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Fog and cold have disrupted life, with people confined to their homes.
पीलीभीत। जिले में पिछले कई दिनों से तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। कोहरा और पूरे दिन ठिठुरन बनी रहती है। लोग आग जलाकर सर्दी से राहत पाने का प्रयास कर रहे हैं। इस बीच मौसम विभाग की ओर से अगले दो दिन तक शीतलहर से कोई राहत न मिलने का पूर्वानुमान दिया गया है।
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शुक्रवार को भी लगभग पूरे दिन कोहरा बना रहा। दोपहर बाद सूरज चमका, लेकिन बेहद हल्की धूप के कारण सर्दी से लोगों को कोई राहत नहीं मिल सकी। इस दौरान हवा चलने से वातावरण में ठिठुरन रही। तापमान में गिरावट का क्रम सोमवार की शाम से शुरू हो गया, जो लगातार जारी है।
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मंगलवार को न्यूनतम तापमान 9.5, अधिकतम 21.5 रहा। अगले दिन बुधवार को अधिकतम तापमान घटकर 17.5 व न्यूनतम 8.4 रह गया। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 7.6 और अधिकतम तापमान 14.3 डिग्री रह गया। रात की अपेक्षा दिन के तापमान मेंं ज्यादा गिरावट आ रही है। राजकीय कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शैलेंद्र सिंह ढाका ने पंत नगर स्थित कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के हवाले से जानकारी दी कि शुक्रवार को तराई के इस जिले में न्यूनतम तापमान 7.8 और अधिकतम 15.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। डाॅ. ढाका के अनुसार अभी अगले दो दिन तक शीत लहर से कोई राहत मिलने की संभावना नहीं है।
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पशुओं को सर्दी से बचाने के लिए एडवाइजरी जारी : पीलीभीत। पशुओं को सर्दी से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने एडवाइजरी जारी की है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार त्यागी ने बताया कि पशु-पक्षियों को आसमान के नीचे खुले स्थान में न बांधे। रोशनदान, दरवाजे एवं खिड़कियों को टाट/बोरे से आवश्यकतानुसार ढक दें। पशु बाड़े में गोबर एवं मूत्र निकास की उचित व्यवस्था करें। बिछावन में भूसा, पराली, गन्ने की खोई आदि का प्रयोग करें।

पशु-पक्षियों को बाड़े की नमी सीलन से बचाएं।
पशुओं को ताजा पानी पिलाएं। साथ ही पशुओं को जूट के बोरे का झूल पहनाते हुए अलाव का इतंजाम करें। पशुओं के आहार में खली, दाना, चोकर की मात्रा बढ़ा दें। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर टोल फ्री नंबर 1962 पर संपर्क करें। संवाद
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