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पशुओं की मौत का कारण बना एफएमडी ओ टाइप वायरस

Thu, 09 Dec 2021 01:01 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 09 Dec 2021 01:01 AM IST
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FMD o type virus caused animal death
पूरनपुर क्षेत्र के गांव गोपालपुर में पशु पालकों को जागरुक करते एसडीएम, साथ में डिप्टी सीवीओ। संव? - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत/ पूरनपुर। दर्जनों गांव में सैकड़ों पशुओं की मौत का कारण खुरपका, मुंहपका का ओ टाइप वायरस बना। इसका खुलासा आईवीआरआई बरेली की जांच में हुआ है। अगर इन पशुुुओं को समय से वैक्सीन लग जाती तो शायद इतनी बड़ी संख्या में मौतें न होती। अब वैक्सीन के लिए लखनऊ पत्राचार किया गया है। वहीं बुधवार को गांव घुंघचाई और गोपालपुर में एक-एक पशु की बीमारी से मौत हुई। एसडीएम और डिप्टी सीवीओ ने गांव गोपालपुर पहुंचकर लोगों को सतर्कता बरतने को जागरूक किया।
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क्षेत्र के गांव सिमरिया, अजीतपुर बिल्हा, जनकापुर, घुंघचाई, गोपालपुर, जनकापुर, कलीनगर तहसील के गांव लालपुर, कुंवरपुर सहित अन्य कुछ गांवों में पखवाड़ा भर के अंदर सैकड़ों पशुओं की बीमारी से मौत हुई। बीमारी के चलते पशु मुंह में छाले होने से चारा खाना छोड़ देते है। बुखार और खुर पकने के साथ उनकी मौत हुई थी। पशुओं की मौत का सिलसिला न रुकने पर अमर उजाला में इसकी खबरें प्राथमिकता से प्रकाशित हुई। इस पर मंगलवार को आईवीआरआई से वैज्ञानिकों की टीम ने पहुंचकर पांच गांवों में जानवरों की सैंपलिंग कराई। अपर निदेशक डॉ. बीघा सिंह भी गांव लालपुर पहुंचे और उन्होंने पशु पालकों से पशुओं की बीमारी की जानकारी की। इधर, गांव घुंघचाई और गोपालपुर में बीमारी से दो पशुओं की मौत हुई। एसडीएम रामस्वरूप और डिप्टी सीवीओ डॉ. राजीव मिश्र ने बुधवार को गांव गोपालपुर पहुंचकर पशु पालकों को बीमारी को लेकर जागरुक किया। बताया कि मरे पशुओं को खुले में न फेंके। इससे बीमारी अन्य पशुओं में फैलने का खतरा है। मरे पशुओं को गड्ढा खोदकर उसमेें दफन करे। चूने से पशुओं के आसपास सफाई करे। भींगी जमीन में पशुओं का न बांधे। नीम की पत्तियों के पानी से पशुओं के खुर धोए।
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मंगलवार को कराई गई सैंपलिंग की जांच रिपोर्ट आ गई। रिपोर्ट में बीमार पशुओं में खुरपका मुंहपका ओ पॉजिटिव होना पाया गया। खुरपका मुंहपका की वैक्सीन पिछले तीन सालों से जानवरों को नहीं लगी है। वैक्सीन को लखनऊ पत्राचार किया गया है। ताकि बीमार पशुओं को मौत से बचाया जा सके।
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- डॉ. राजीव मिश्र, डिप्टी सीवीओ
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