{"_id":"6345b58105db9041a0383001","slug":"floud-pilibhit-news-bly5004890131","type":"story","status":"publish","title_hn":"बमनी नदी ने मचाई तबाही, तीन सौ एकड़ फसल पानी में डूबी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बमनी नदी ने मचाई तबाही, तीन सौ एकड़ फसल पानी में डूबी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। नेपाल से प्रवेश करने वाली बमनी नदी ने तबाही मचा दी है। आबादी वाले क्षेत्र में पानी घुसने से करीब तीन सौ एकड़ सोयाबीन और धान की फसल डूब गई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्षों बाद बमनी नदी ने बर्बादी का मंजर दिखाया है।
जबरदस्त बारिश से इस बार शारदा नदी ने तो कम नुकसान पहुंचाया मगर उसकी सहायक बमनी नदी ने ग्रामीणों को संकट में डाल दिया। शारदा नदी के पार रमनगरा, गुनहान, ढकिया तालुके महाराजपुर गांवों में करीब 150 परिवार बसे हैं। यहां बमनी नदी आकर शारदा में मिल जाती है। बमनी नदी किनारे उक्त गांवों के लोगों ने पट्टे की भूमि पर सोयाबीन और धान की फसल लगाई थी। रविवार रात अचानक बमनी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद पानी फसलों और आबादी क्षेत्र में घुस गया। इससे हालात खराब हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 300 एकड़ सोयाबीन और धान की फसल पानी में डूब गई। पानी के साथ आई मिट्टी से फसल के नष्ट होने की आशंका है।
जलस्तर बढ़ने से नाव का संचालन ठप
शारदा नदी के पार बसे गांवों में रहने वाले लोगों के आवागमन का साधन केवल नाव ही है। टाइगर रिजर्व की ओर से दो घाटों की हर साल नीलामी की जाती है। कृषि फसलों को भी नाव के सहारे ही इस पार लाया जाता है। चार दिन पूर्व से हो रही बारिश के बाद शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया। इससे नाव का संचालन ठप हो गया। नदी के पार रहने वाले लोगों को इस पार आने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जबरदस्त बारिश से इस बार शारदा नदी ने तो कम नुकसान पहुंचाया मगर उसकी सहायक बमनी नदी ने ग्रामीणों को संकट में डाल दिया। शारदा नदी के पार रमनगरा, गुनहान, ढकिया तालुके महाराजपुर गांवों में करीब 150 परिवार बसे हैं। यहां बमनी नदी आकर शारदा में मिल जाती है। बमनी नदी किनारे उक्त गांवों के लोगों ने पट्टे की भूमि पर सोयाबीन और धान की फसल लगाई थी। रविवार रात अचानक बमनी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद पानी फसलों और आबादी क्षेत्र में घुस गया। इससे हालात खराब हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 300 एकड़ सोयाबीन और धान की फसल पानी में डूब गई। पानी के साथ आई मिट्टी से फसल के नष्ट होने की आशंका है।
विज्ञापन
जलस्तर बढ़ने से नाव का संचालन ठप
शारदा नदी के पार बसे गांवों में रहने वाले लोगों के आवागमन का साधन केवल नाव ही है। टाइगर रिजर्व की ओर से दो घाटों की हर साल नीलामी की जाती है। कृषि फसलों को भी नाव के सहारे ही इस पार लाया जाता है। चार दिन पूर्व से हो रही बारिश के बाद शारदा नदी का जलस्तर बढ़ गया। इससे नाव का संचालन ठप हो गया। नदी के पार रहने वाले लोगों को इस पार आने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
विज्ञापन