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जब सरकारी दावे हुए बेअसर तो बाढ़ से बचाव को खुद ही जुट गए ग्रामीण
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पूरनपुर। राहुलनगर के नजदीक कटान रोकने के लिए जब सिंचाई विभाग ने कदम नहीं उठाए तो ग्रामीणों ने सरकारी सिस्टम को आईना दिखाते हुए खुद ही कारसेवा शुरू कर दी। गांव वालों ने कट्टों में मिट्टी भरकर नदी किनारे लगाए। इससे गांव वालों को कुछ राहत मिली।
शारदा नदी ने गांव राहुलनगर के पास रविवार को तेजी से कटान शुरू कर दिया था। गांव निवासी मुमताज के 20 मीटर भूखंड को अपने आगोश में ले लिया। आबादी की ओर तेजी से कटान कर रही नदी गांव निवासी टोड़ीलाल और भगवंत के घर के समीप पहुंच गई। टोड़ीलाल के घर और नदी के बीच दूरी करीब दो मीटर रह गई है। सोमवार को आबादी से कुछ दूरी पर कटान जारी रहा। बावजूद इसके शारदा नदी से गांव को बचाने के लिए सिंचाई विभाग के अफसर मौके पर नहीं पहुंचे। ऐसे में ग्रामीणों ने सरकारी सिस्टम का आसरा छोड़कर खुद ही बचाव के कार्यों में जुट गए। गांव वालों ने खाली कट्टे जमा कर उनमें मिट्टी भरकर नदी में डालना शुरू किया। शारदा नदी के कटान की गति सोमवार को दोपहर बाद से कुछ धीमी हुई है। कटान को लेकर प्रशासन की ओर से बचाव कार्य न होने से लोगों में रोष है। तहसीलदार विजय त्रिवेदी ने बताया कि नदी के कटान पर पूरी नजर रखी जा रही है। गांव राहुलनगर के समीप नदी तेजी से भूकटान नहीं कर रही है। नदी के जलस्तर में कमी आने से कटान की गति धीमी हुई है।
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शारदा नदी ने गांव राहुलनगर के पास रविवार को तेजी से कटान शुरू कर दिया था। गांव निवासी मुमताज के 20 मीटर भूखंड को अपने आगोश में ले लिया। आबादी की ओर तेजी से कटान कर रही नदी गांव निवासी टोड़ीलाल और भगवंत के घर के समीप पहुंच गई। टोड़ीलाल के घर और नदी के बीच दूरी करीब दो मीटर रह गई है। सोमवार को आबादी से कुछ दूरी पर कटान जारी रहा। बावजूद इसके शारदा नदी से गांव को बचाने के लिए सिंचाई विभाग के अफसर मौके पर नहीं पहुंचे। ऐसे में ग्रामीणों ने सरकारी सिस्टम का आसरा छोड़कर खुद ही बचाव के कार्यों में जुट गए। गांव वालों ने खाली कट्टे जमा कर उनमें मिट्टी भरकर नदी में डालना शुरू किया। शारदा नदी के कटान की गति सोमवार को दोपहर बाद से कुछ धीमी हुई है। कटान को लेकर प्रशासन की ओर से बचाव कार्य न होने से लोगों में रोष है। तहसीलदार विजय त्रिवेदी ने बताया कि नदी के कटान पर पूरी नजर रखी जा रही है। गांव राहुलनगर के समीप नदी तेजी से भूकटान नहीं कर रही है। नदी के जलस्तर में कमी आने से कटान की गति धीमी हुई है।
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