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बाढ़ से बचाव को नहीं मिला बजट
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Thu, 21 May 2015 11:46 PM IST
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जिले की इंडो नेपाल सीमा पर शारदा नदी की बाढ़ से हर साल बड़ी तबाही होेती है। गत वर्ष बाढ़ से बचाव के लिए 28 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई थी, लेकिन धनराशि देर से मिलने के कारण बारिश के समय काम शुरू हो पाया। कई स्पर क्षतिग्रस्त हो गए। इसको देखते हुए इस बार बाढ़ खंड ने काफी समय से अलग-अलग स्थानों के लिए सात प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेज थे। इनमें कुछ में कमियां बताकर वापस कर दिया गया, जबकि रमनगरा व नहरोसा के दो प्रोजेक्ट स्वीकृत हुए, लेकिन इन दोनों प्रोजेक्ट के लिए भी धनराशि नहीं मिली है। नदियों में आने वाली बाढ़ से बचाव के लिए बजट न मिलने से क्षेत्र में इस बार नुकसान की आशंका व्यक्त की जा रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि मिलीभगत के चलते बरसात के समय ही धनराशि जारी की जाती है। जिससे आधा अधूरा और काम चलाऊ निर्माण कराकर करोड़ों के वारे न्यारे कर लिए जाते हैं। इधर कुछ दिनों से शारदा का जलस्तर बढ़ने और शारदा की धार मार्जिनल बांध की होने से इसे खतरा हो गया है। इसकी जानकारी पर बाढ़ खंड के अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त स्पर और कटरों की मरम्मत शुरू कराई है, लेकिन इसके लिए भी बजट की समस्या आएगी।
शासन को सात प्रोजेक्ट भेजे गए थे। जिनमें दो स्वीकृत हो गए हैं। स्वीकृत प्रोजेक्ट के लिए धन प्राप्त का प्रयास किया जा रहा है। धनराशि मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा।
मिनहाज अहमद, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड
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शासन को सात प्रोजेक्ट भेजे गए थे। जिनमें दो स्वीकृत हो गए हैं। स्वीकृत प्रोजेक्ट के लिए धन प्राप्त का प्रयास किया जा रहा है। धनराशि मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा।
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मिनहाज अहमद, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड