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सीओ समेत पांच पुलिसकर्मी न्यायालय में हुए हाजिर
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पीलीभीत। माधोटांडा पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में करीब साढ़े तीन माह पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी के खिलाफ विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के बगैर ही आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। जांच रिपोर्ट में चरस न पाए जाने पर न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लिया। स्पेशल जज ईसी एक्ट राजीव सिंह के तलब करने पर सीओ समेत पांच पुलिसकर्मियों ने शुक्रवार को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में हाजिर होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पुलिसकर्मियों ने अपना पक्ष रखने के लिए न्यायालय से समय मांगा। अगली सुनवाई के लिए न्यायालय ने सोमवार 20 दिसंबर 2021 की तारीख लगाई है ।
थाना माधोटांडा पुलिस ने चार सितंबर 2021 को कस्बा पूरनपुर निवासी मोहम्मद साबिर को 3 किलो भांग सहित गिरफ्तार किया। अगले दिन उसे जेल भेज दिया गया। जमानत अर्जी की सुनवाई के दौरान पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि आरोपी के पास से बरामद वस्तु चरस है। चरस रखने पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई होती है। इसलिए न्यायालय ने मामला गंभीर पाकर आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। हालांकि भांग रखने पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं होती है। भांग रखने का अपराध एनडीपीएस एक्ट की तुलना में कम गंभीर होता है। पुलिस ने मामले की विवेचना में भी लापरवाही की। बरामद माल विधि विज्ञान प्रयोगशाला को जांच के लिए भेजा गया। जांच रिपोर्ट आए बगैर ही अभियुक्त बनाए गए मोहम्मद साबिर के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। आरोप पत्र दाखिल होने के बाद जांच रिपोर्ट पुलिस को प्राप्त हुई। जिसमेें बरामद वस्तु चरस नहीं पाई गई। बरामद वस्तु भांग थी। इसके बाद पुलिस ने अग्रिम विवेचना कर दोबारा आबकारी अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल करने के लिए कोर्ट में अर्जी दी। इसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। जब न्यायालय को यह पता लगा कि जांच रिपोर्ट में भांग पाई गई है जो कि एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध नहीं है तब स्पेशल जज ईसी एक्ट राजीव सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमे के वादी उपनिरीक्षक रोहित कुमार, विवेचक रामगोपाल आर्य, थाना अध्यक्ष माधोटांडा गौरव बिश्नोई, पुलिस क्षेत्राधिकारी और सिपाही रमाकांत के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। इन्हें शुक्रवार को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में तलब किया गया। न्यायालय के तलब करने पर क्षेत्राधिकारी पूरनपुर विक्रम सिंह सहित पांचों पुलिसकर्मी शुक्रवार को न्यायालय में हाजिर हुए। पुलिसकर्मियों ने अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा। इस पर सोमवार 20 दिसंबर 2021 की तारीख लगा दी गई है। इस बीच पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत दूसरा आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।
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थाना माधोटांडा पुलिस ने चार सितंबर 2021 को कस्बा पूरनपुर निवासी मोहम्मद साबिर को 3 किलो भांग सहित गिरफ्तार किया। अगले दिन उसे जेल भेज दिया गया। जमानत अर्जी की सुनवाई के दौरान पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि आरोपी के पास से बरामद वस्तु चरस है। चरस रखने पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई होती है। इसलिए न्यायालय ने मामला गंभीर पाकर आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। हालांकि भांग रखने पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं होती है। भांग रखने का अपराध एनडीपीएस एक्ट की तुलना में कम गंभीर होता है। पुलिस ने मामले की विवेचना में भी लापरवाही की। बरामद माल विधि विज्ञान प्रयोगशाला को जांच के लिए भेजा गया। जांच रिपोर्ट आए बगैर ही अभियुक्त बनाए गए मोहम्मद साबिर के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। आरोप पत्र दाखिल होने के बाद जांच रिपोर्ट पुलिस को प्राप्त हुई। जिसमेें बरामद वस्तु चरस नहीं पाई गई। बरामद वस्तु भांग थी। इसके बाद पुलिस ने अग्रिम विवेचना कर दोबारा आबकारी अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल करने के लिए कोर्ट में अर्जी दी। इसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। जब न्यायालय को यह पता लगा कि जांच रिपोर्ट में भांग पाई गई है जो कि एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध नहीं है तब स्पेशल जज ईसी एक्ट राजीव सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमे के वादी उपनिरीक्षक रोहित कुमार, विवेचक रामगोपाल आर्य, थाना अध्यक्ष माधोटांडा गौरव बिश्नोई, पुलिस क्षेत्राधिकारी और सिपाही रमाकांत के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। इन्हें शुक्रवार को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में तलब किया गया। न्यायालय के तलब करने पर क्षेत्राधिकारी पूरनपुर विक्रम सिंह सहित पांचों पुलिसकर्मी शुक्रवार को न्यायालय में हाजिर हुए। पुलिसकर्मियों ने अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा। इस पर सोमवार 20 दिसंबर 2021 की तारीख लगा दी गई है। इस बीच पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत दूसरा आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।
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