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सुइया मछली के शिकार को बिहार से आए मछुवारे
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Mon, 22 Dec 2014 11:53 PM IST
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बताते हैं कि इस मछली के एक-एक झुंड में एक क्विंटल से अधिक मछली निकलती है। शारदा डैम में वैसे तो मछलियों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं। इसमें एक प्रजाति सुइया मछली की होती है। शिकारी के मुताबिक सुइया मछली झुंड के रूप में रहती हैं और एक-एक झुंड में एक क्विंटल से अधिक मछली निकलती है। डैम के ठेकेदार ने इस मछली को पकड़ने के लिए बिहार से मछुआरों को बुलाया है। जो विशेष जालों के जरिए पहले झुंडों को तलाश करते हैं, और उसके बाद कई नावों के जरिए झुंड की घेराबंदी करते हैं। बाद में नावों के सहारे जाल को खींचकर किनारे लाया जाता है। यह मछली दो इंच से लेकर छह इंच तक लंबी होती है।
नेपाल व पहाड़ी इलाकों में होती है सप्लाई
शारदा सागर डैम में पकड़ी गई सुइया मछली को ठेकेदार द्वारा गर्मियों में सुखाया जाता हैं। सुखाने के बाद उसे असम और कोलकाता सप्लाई किया जाता है। ठंड के दिनों में पड़ोसी देश नेपाल और पहाड़ी इलाकों में सप्लाई की जाती है।
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नेपाल व पहाड़ी इलाकों में होती है सप्लाई
शारदा सागर डैम में पकड़ी गई सुइया मछली को ठेकेदार द्वारा गर्मियों में सुखाया जाता हैं। सुखाने के बाद उसे असम और कोलकाता सप्लाई किया जाता है। ठंड के दिनों में पड़ोसी देश नेपाल और पहाड़ी इलाकों में सप्लाई की जाती है।
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