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Pilibhit News: जरूरी काम निपटा लें... नहीं तो 30 की जगह 130 किमी तय करनी पड़ेगी दूरी

Sun, 25 May 2025 11:38 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 25 May 2025 11:38 PM IST
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Finish your important work... otherwise you will have to cover 130 km instead of 30 km
शारदा नदी पर बना पैंटून पुल स्रोत: राहगीर
पूरनपुर। एनओसी नहीं मिलने के कारण शारदा नदी पर सेतु निर्माण को लेकर असमंजस बना हुआ है। अब 15 जून को पैंटून पुल भी हटा लिया जाएगा। ऐसे में आवश्यक है कि शारदा नदी पार के जरूरी काम निपटा लें, वरना पैंटून पुल हटने पर 30 की जगह 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी।
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तहसील क्षेत्र के शारदा पार के गांवों में आवागमन के लिए शारदा नदी पर हर साल पैंटून पुल बनाया जाता है। बाढ़ की आशंका में 15 जून को पुल हटाने और शारदा नदी में पानी कम होने पर 15 अक्तूबर को पुन: पुल से आवागमन शुरू किया जाता है। पिछले तीन सालों से निर्धारित समय पर पुल हटा तो लिया जा रहा है, लेकिन निर्धारित समय पर पुल तैयार नहीं हो पा रहा है।
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पुल हटने पर शारदा नदी के पार के गांवों के लिए आवागमन को 30 की जगह 130 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। पैंटून पुल हटने से नदी पार के गांवों में आवागमन के लिए शाहजहांपुर के खुटार, लखीमपुर के मैलानी, पलिया, संपूर्णानगर होकर आवागमन करना पड़ता है।
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16 ग्राम पंचायतों की एक लाख आबादी को होती है असुविधा

शारदा पार इलाके में ग्राम पंचायत मुरैनिया गांधी, शांतिनगर, राणा प्रतापनगर, कबीरगंज, विजयनगर, नहरोसा, श्रीनगर, कुठिया गुदिया, सिद्धनगर, भरतपुर, वमनपुर भागीरथ, रामनगर, सिंघाड़ा उर्फ टाटरगंज, बैल्हा, अशोकनगर, शास्त्रीनगर सहित 16 ग्राम पंचायतों में करीब एक लाख की आबादी है। बरसात में पैंटून पुल हटने से लोगों को तहसील मुख्यालय आने-जाने में काफी असुविधा होती है।
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नावों का नहीं होता संचालन

शारदा नदी से पैंटून पुल हटने पर पहले नदी में पानी कम होने पर नावों का संचालन कराया जाता था। पुल के दोनों ओर पुल के समीप तक बसों का संचालन भी होता था, लेकिन पिछले कई सालों से पैंटून पुल हटने के बाद नावों का संचालन नहीं कराया जा रहा है।
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एनओसी नहीं मिलने से अटका काम

नदी पर पक्के पुल की दो दशक से मांग की जा रही थी। इस पर सेतु निर्माण के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने 15 अगस्त 2023 को सेतु निगम और लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन कराया। पूरनपुर-धौरी-कंचनपुर मार्ग पर धनाराघाट पर शारदा नदी सेतु मार्ग, अतिरिक्त पहुंच मार्ग एवं सुरक्षात्मक कार्य निर्माण के लिए 2.69 अरब रुपये स्वीकृत हुए। इसमें 94.16 करोड़ रुपये का बजट भी लोकसभा चुनाव से पहले जारी कर दिया गया। यही नहीं पुल निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई तो सेतु निर्माण में वन विभाग की पड़ने वाली जमीन के बदले दूसरी जगह जमीन भी दे दी गई, मगर एनओसी नहीं मिलने से पुल का निर्माण शुरू नहीं हो सका।



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तीन किलोमीटर से अधिक होगी पुल की लंबाई

पूरनपुर-धौरी कंचनपुर मार्ग पर धनाराघाट पर बनने वाले मुख्य पुल की लंबाई तीन किलोमीटर 297 मीटर होगी। इसके अलावा पहुंच मार्ग भाग की लंबाई 200-200 मीटर होगी। पुल बन जाने से तहसील क्षेत्र के शारदा नदी पार के लिए आवागमन आसान होगा। इसके अलावा लखीमपुर, पलिया, संपूर्णानगर और नेपाल आवागमन के लिए भी दूरी कम होगी।
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वन विभाग की एनओसी की वजह से काम अटका है। प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द ही अड़चनें दूर हो जाएंगी। काम शुरू कराया जाएगा।



- राजेश चौधरी, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग
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