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कागजों में आवास दर्शाकर निकाली धनराशि
पीलीभीत।
Updated Sun, 01 Feb 2015 11:21 PM IST
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विकास कार्यों के नाम पर किस तरह घोटाले हो रहे हैं। इसके रोज कारनामे सामने आ रहे हैं। ग्राम पंचायत बैल्हा में दूसरी जाति के लोगों को अनुसूचित जाति दर्शाकर कागजों में इंदिरा आवास स्वीकृत कर धनराशि निकाल ली गई। जांच में मामला सही पाए जाने पर अब ग्राम पंचायत अधिकारी को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
पूरनपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बैल्हा में एक वर्ष पूर्व नौ लोगों के नाम इंदिरा आवास के लिए स्वीकृत हुए थे। इन आवासों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत गांव के ही कुछ लोगों ने डीएम से की थी। डीएम के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा ने इसकी जांच की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
जिन नौ लोगों को लाभार्थी दर्शाया गया है। इनमें से छह पिछड़ी व सामान्य जातियों के हैं जबकि अभिलेखों में उन्हें अनुसूचित जाति का दर्शाया गया है। इतना ही नहीं आवास स्वीकृत कर बैंक से इसकी धनराशि भी निकाल ली गई और लाभार्थी को इसकी जानकारी तक नहीं है। दर्शाए गए लाभार्थियों में कुछ ऐसे लाभार्थी हैं, जिनके पूर्व में आवास बन चुके हैं। जांच अधिकारी को मौके पर नौ में से एक भी आवास बना हुआ नहीं मिला।
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इस पर उन्होंने जांच रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई के लिए डीडीओ के पास भेजा है। अब इस मामले में सीडीओ की ओर से संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी ने बताया ग्राम पंचायत अधिकारी के साथ प्रधान को भी नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पूरनपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बैल्हा में एक वर्ष पूर्व नौ लोगों के नाम इंदिरा आवास के लिए स्वीकृत हुए थे। इन आवासों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत गांव के ही कुछ लोगों ने डीएम से की थी। डीएम के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा ने इसकी जांच की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
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जिन नौ लोगों को लाभार्थी दर्शाया गया है। इनमें से छह पिछड़ी व सामान्य जातियों के हैं जबकि अभिलेखों में उन्हें अनुसूचित जाति का दर्शाया गया है। इतना ही नहीं आवास स्वीकृत कर बैंक से इसकी धनराशि भी निकाल ली गई और लाभार्थी को इसकी जानकारी तक नहीं है। दर्शाए गए लाभार्थियों में कुछ ऐसे लाभार्थी हैं, जिनके पूर्व में आवास बन चुके हैं। जांच अधिकारी को मौके पर नौ में से एक भी आवास बना हुआ नहीं मिला।
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इस पर उन्होंने जांच रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई के लिए डीडीओ के पास भेजा है। अब इस मामले में सीडीओ की ओर से संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी ने बताया ग्राम पंचायत अधिकारी के साथ प्रधान को भी नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।