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किसानों ने कारसेवा से शुरू की नहर की सफाई
माधोटांडा।
Updated Fri, 12 Jun 2015 10:58 PM IST
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सिंचाई विभाग की अनदेखी के कारण कई साल से मानइर की सफाई नहीं हुई है। इस
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पर किसानों ने कारसेवा कर मानइर की सफाई शुरू की है। किसानों का कहना है कि
खरीफ की फसल बचाने के लिए नहर की सर्फाई करना उनकी मजबूरी है।
मुख्य शारदा नहर से निकलकर निगोही तक जाने वाली निगोही ब्रांच नहर से शाहगढ़ माइनर निकली है। इससे मथना, भैंरोकलां, संडई सहित दर्जनों गांव की सैकड़ों एकड़ भूमि की सिंचाई होती है। इसका संचालन शाहजहांपुर नहर खंड के माध्यम से होता है। इसके सहायक अभियंता पीलीभीत शहर में रहते हैं, लेकिन कभी नहरों का हाल लेने नहीं पहुंचे। इसके चलते शाहगढ़ मानइर में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग चुकी हैं और सिल्ट भी जमा हो चुकी है। ओलावृष्टि और बारिश से बर्बाद हुए किसान खरीफ में भी पानी न मिलने की आशंका से परेशान हैं। कई बार विभागीय अधिकारियों से मांग करने के बाद जब माइनर की सफाई नहीं शुरू कराई गई तो किसानों ने इसके लिए खुद कमर कस ली। शुक्रवार को क्षेत्र के किसान मथना गुरुद्वारे के निकट एकत्र हुए और कारसेवा से सफाई का निर्णय लिया। इसके बाद फावड़ा कुदाल लेकर नहर में उतर गए और सफाई शुरू कर दी। किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए पानी जरूरी है जो बिना नहर साफ हुए नहीं मिल सकता।
मुख्य शारदा नहर से निकलकर निगोही तक जाने वाली निगोही ब्रांच नहर से शाहगढ़ माइनर निकली है। इससे मथना, भैंरोकलां, संडई सहित दर्जनों गांव की सैकड़ों एकड़ भूमि की सिंचाई होती है। इसका संचालन शाहजहांपुर नहर खंड के माध्यम से होता है। इसके सहायक अभियंता पीलीभीत शहर में रहते हैं, लेकिन कभी नहरों का हाल लेने नहीं पहुंचे। इसके चलते शाहगढ़ मानइर में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग चुकी हैं और सिल्ट भी जमा हो चुकी है। ओलावृष्टि और बारिश से बर्बाद हुए किसान खरीफ में भी पानी न मिलने की आशंका से परेशान हैं। कई बार विभागीय अधिकारियों से मांग करने के बाद जब माइनर की सफाई नहीं शुरू कराई गई तो किसानों ने इसके लिए खुद कमर कस ली। शुक्रवार को क्षेत्र के किसान मथना गुरुद्वारे के निकट एकत्र हुए और कारसेवा से सफाई का निर्णय लिया। इसके बाद फावड़ा कुदाल लेकर नहर में उतर गए और सफाई शुरू कर दी। किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए पानी जरूरी है जो बिना नहर साफ हुए नहीं मिल सकता।