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फसल नुकसान के सदमे में किसान की मौत
घुंघचाई/पीलीभीत।
Updated Thu, 09 Apr 2015 11:46 PM IST
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बारिश में नुकसान हुई
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फसल से चिंतित गांव सिमरिया ताल्लुके अजीतपुर बिल्हा निवासी 50 वर्षीय
किसान कालीचरन की मौत हो गई। परिवार वालों का कहना है कि बुधवार को गेहूं
का कम उत्पादन देख कालीचरन की हालत खराब हो गई। उसे इलाज के लिए एक निजी
चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। किसान की मौत पर
उसके परिवार वालों में कोहराम मच गया है।
किसान के बड़े पुत्र हरप्रसाद ने बताया कि उसके पास एक एकड़ कृषि भूमि है। पिछले दिनों हुई बारिश/ओलावृष्टि मेें उसकी फसल बर्बाद हो गई थी। करीब 15 दिन पहले उसका पिता खेत गया था। बर्बाद फसल देख वह सदमे में रहने लगा था। उसे डाक्टरों को दिखाया गया था। तब कुछ हालत में सुधार भी हुआ था। परिवार वालों के मुताबिक बुधवार को गेहूं की जब गहाई हुई तो एक एकड़ में कुल आठ क्विंटल गेहूं निकला।
कालीचरन को इस फसल से काफी आस थी। पर आठ क्विंटल मात्र पैदावार देख कालीचरन फिर सदमे में आ गया। कुछ देर बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। परिवार वालों ने क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती करा दिया। जहां उपचार के दौरान बुधवार की रात उसकी मौत हो गई। किसान की मौत पर उसके परिवार वालों मेें कोहराम मच गया।
किसान के परिवार में पत्नी देवकी देवी के अलावा 28 वर्षीय पुत्र हर प्रसाद, 17 वर्षीय दिनेश और पुत्री रामबेटी है। जिसकी शादी हो चुकी है। परिवार वालों का कहना है कि उन्होंने इसकी सूचना तहसील प्रशासन को दे दी है।
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बारिश/ओलावृष्टि कई दिन पहले क्षेत्र में हुई थी। अधिकांश किसानों को मुआवजा भी बंटवा दिया गया है। किसान के परिवार वाले अगर सदमे से उसकी मौत होना मान रहे हैं। तब इसकी सूचना देकर शव का पोस्टमार्टम कराया जाना चाहिए था। फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी।
ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम पूरनपुर
किसान के बड़े पुत्र हरप्रसाद ने बताया कि उसके पास एक एकड़ कृषि भूमि है। पिछले दिनों हुई बारिश/ओलावृष्टि मेें उसकी फसल बर्बाद हो गई थी। करीब 15 दिन पहले उसका पिता खेत गया था। बर्बाद फसल देख वह सदमे में रहने लगा था। उसे डाक्टरों को दिखाया गया था। तब कुछ हालत में सुधार भी हुआ था। परिवार वालों के मुताबिक बुधवार को गेहूं की जब गहाई हुई तो एक एकड़ में कुल आठ क्विंटल गेहूं निकला।
कालीचरन को इस फसल से काफी आस थी। पर आठ क्विंटल मात्र पैदावार देख कालीचरन फिर सदमे में आ गया। कुछ देर बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। परिवार वालों ने क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती करा दिया। जहां उपचार के दौरान बुधवार की रात उसकी मौत हो गई। किसान की मौत पर उसके परिवार वालों मेें कोहराम मच गया।
किसान के परिवार में पत्नी देवकी देवी के अलावा 28 वर्षीय पुत्र हर प्रसाद, 17 वर्षीय दिनेश और पुत्री रामबेटी है। जिसकी शादी हो चुकी है। परिवार वालों का कहना है कि उन्होंने इसकी सूचना तहसील प्रशासन को दे दी है।
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बारिश/ओलावृष्टि कई दिन पहले क्षेत्र में हुई थी। अधिकांश किसानों को मुआवजा भी बंटवा दिया गया है। किसान के परिवार वाले अगर सदमे से उसकी मौत होना मान रहे हैं। तब इसकी सूचना देकर शव का पोस्टमार्टम कराया जाना चाहिए था। फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी।
ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम पूरनपुर