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गन्ने की जगह औषधीय फसलें उगाए किसान
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Wed, 05 Jul 2017 10:53 PM IST
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बाघ हमले की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग ने ग्रामीणों के साथ बैठक की उन्हें जागरूक किया। वनाधिकारियों ने जंगल के आसपास गन्ने की फसल के स्थान पर औषधीय खेती करने पर बल दिया। वनकटी के निकट मैथी सैदुल्लागंज गांव में माला रेंजर डीके श्रीवास्तव एवं महोफ रेंजर गिर्राज सिंह ने स्टाफ के साथ पहुंचकर बैठक की। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि जंगल के किनारे के क्षेत्र में वन्यजीवों के आने की संभवना रहती है ऐसे में सुरक्षा उपाय और सावधानी जरूरी है। उन्होंने बताया कि तार फेसिंग के लिए बजट मांगा गया है। विधायक निधि की धनराशि मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा। महोफ रेंजर गिर्राज सिंह ने किसानों से गन्ने की फसल का मोह छोड़ औषधीय फसलें उगाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा इसके लिए दुधवा से विशेषज्ञों को बुलाया गया है जो ग्रामीणों को औषधीय फसलों के बारे में जानकारी देंगे। रेंजर खेतों पर अकेले न जाने एवं जंगल में किसी भी हालत में न घुसने की अपील की। बैठक में प्रधान संतोष कुमार, रमेश चंद्र, हेतराम, टीकाराम, खेमकरन, बाबूूराम, नरेश कुमार, रामकृष्ण, भगीरथ, रामस्वरूप सहित कई लोग थे।
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