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तकनीकी खेती कर किसान बढ़ा रहे अपनी आय : भार्गव
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बीसलपुर चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक ने ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक के साथ किया भ्रमण
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। तकनीकी खेती कर किसान लगातार अपनी आय बढ़ा रहे हैं। यह बात बीसलपुर क्षेत्र में भ्रमण के दौरान जिला गन्ना अधिकारी खुशी राम भार्गव ने किसानों को जागरूक करते हुए कही।
बीसलपुर चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक ने ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक के साथ क्षेत्र में भ्रमण के दौरान गन्ना किसान डॉ हरप्रीत सिंह से मुलाकात की। हरप्रीत सिंह ने बताया कि उन्होंने बिजनेस मैनेजमेंट में ग्लोबल विश्वविद्यालय से पीएचडी किया है। वह गन्ने की नवीनतम विकसित गन्ना किस्मों की 20 एकड़ में खेती कर रहे है। वह ड्रिप से सिंचाई करते है।
कीट नियंत्रण के लिए रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग नहीं करते। उन्होंने यह भी बताया कि वह ई-घोषणा पत्र, ई-गन्ना एप व किसान पोर्टल का प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गन्ना किसान अब अपने खेत का गन्ना सर्वे, गन्ने की बुआई, फसल की स्थिति व मिल को आपूर्ति की जानकारी ऑनलाइन माध्यम से अपडेट कर पा रहे हैं।
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कुछ किसानों ने ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया एवं जैविक कीटनाशकों का छिड़काव प्रारंभ कर दिया है। जीआईएस आधारित खेतों की मैपिंग से गन्ना रकबे की निगरानी और गन्ना आपूर्ति की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। तकनीकी खेती कर किसान लगातार अपनी आय बढ़ा रहे हैं। यह बात बीसलपुर क्षेत्र में भ्रमण के दौरान जिला गन्ना अधिकारी खुशी राम भार्गव ने किसानों को जागरूक करते हुए कही।
बीसलपुर चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक ने ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक के साथ क्षेत्र में भ्रमण के दौरान गन्ना किसान डॉ हरप्रीत सिंह से मुलाकात की। हरप्रीत सिंह ने बताया कि उन्होंने बिजनेस मैनेजमेंट में ग्लोबल विश्वविद्यालय से पीएचडी किया है। वह गन्ने की नवीनतम विकसित गन्ना किस्मों की 20 एकड़ में खेती कर रहे है। वह ड्रिप से सिंचाई करते है।
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कीट नियंत्रण के लिए रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग नहीं करते। उन्होंने यह भी बताया कि वह ई-घोषणा पत्र, ई-गन्ना एप व किसान पोर्टल का प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गन्ना किसान अब अपने खेत का गन्ना सर्वे, गन्ने की बुआई, फसल की स्थिति व मिल को आपूर्ति की जानकारी ऑनलाइन माध्यम से अपडेट कर पा रहे हैं।
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कुछ किसानों ने ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया एवं जैविक कीटनाशकों का छिड़काव प्रारंभ कर दिया है। जीआईएस आधारित खेतों की मैपिंग से गन्ना रकबे की निगरानी और गन्ना आपूर्ति की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है।