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फेल हो सकती है जिला पंचायत में तख्ता पलट की कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो पीलीभीत।
Updated Tue, 25 Apr 2017 11:28 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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तीन सदस्यों ने आरती के पक्ष में सौंपे शपथपत्र
जिला पंचायत में तख्ता पलटा का प्रयास एक बार फिर धड़ाम होता दिख रहा है। जिपं सदस्य शोभना कुमारी और देवेंद्र सिंह टोनी अपने समेत जिन 19 जिपं सदस्यों का अविश्वास प्रस्ताव संबंधी पत्र सोमवार को डीएम को सौपा था उनमे से तीन सदस्यों ने मंगलवार को डीएम को शपथपत्र देकर शोभना कुमारी द्वारा सौंपे शपथ पत्र को गलत करार देते हुए अपनी आस्था जिपं सदस्य आरती महेंद्र में जताई। डीएम ने सभी शपथपत्रों की जांच के आदेश दिए हैं।
सत्ता बदलते ही निष्ठाएं भी बदल जाती हैं। इसका नजारा जिला पंचायत की कुर्सी हथियाने को चल रहे प्रयास में देखा जा सकता है। सोमवार को मेनका गांधी के प्रतिनिधि एवं जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह टोनी के नेतृत्व में बीसलपुर क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य शोभना देवी ने कुछ सदस्यों के साथ डीएम को 19 जिपं सदस्यों के शपथपत्रों के साथ अविश्वास प्रस्ताव का पत्र सौंपा था। इस दौरान कुछ की पहचान भी डीएम के सामने कराई गई। दूसरे दिन ही मामला उलटा पड़ता दिखा। जिन 19 सदस्यों के नाम से शपथपत्र दाखिल किए गए थे उनमें से तीन सदस्य क्रमश: असलम जावेद, निशा यादव और अर्चना वर्मा मंगलवार को जिला पंचायत अध्यक्ष आरती महेंद्र व उनके ससुर पूर्व विधायक पीतमराम के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे। तीनों सदस्यों ने डीएम को बताया कि वह जिला पंचायत अध्यक्ष आरती के साथ हैं। इस आशय का उन्होंने डीएम के समक्ष शपथ पत्र भी सौपा। तीनों सदस्यों ने एक दिन पूर्व प्रस्तुत किए गए शपथपत्रों में उनके नाम से दिए गए शपथपत्रों पर उनके हस्ताक्षर और सहमति न होने की बात भी कही। इस तरह अविश्वास प्रस्ताव का पत्र सौंपने के 24 घंटे के अंदर ही तीन सदस्य कम हो गए। इससे अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत करने वाले गुट के सदस्यों की संख्या मात्र 16 रह गई है जो कि कम है।
पहले भी फ्लाप हो चुकी है बैठक
अविश्वास प्रस्ताव लाकर अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होने का ख्बाव देखने वालों को यह दूसरा बड़ा झटका लगा है। अविश्वास प्रस्ताव से कुछ दिन पहले सदस्यों को अपने पक्ष में करने के लिए इस गुट की ओर दावत के बहाने एक स्थान पर बैठक बुलाई गई थी, लेकिन 34 सदस्यों में मात्र 4-5 सदस्य ही पहुंचे थे। अब अविश्वास प्रस्ताव के 24 घंटे के अंदर ही तीन सदस्यों के अध्यक्ष के साथ होने का दावा करने से अरमानों पर फिर पानी फिरता दिख रहा है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास के मामले में सोमवार को 19 शपथपत्र प्रस्तुत किए गए थे। मंगलवार को तीन सदस्यों ने शपथपत्र देकर एक दिन पूर्व के शपथपत्रों में उनके हस्ताक्षर फर्जी होना बताया है। शपथपत्रों की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
- मासूम अली सरवर, डीएम
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जिला पंचायत में तख्ता पलटा का प्रयास एक बार फिर धड़ाम होता दिख रहा है। जिपं सदस्य शोभना कुमारी और देवेंद्र सिंह टोनी अपने समेत जिन 19 जिपं सदस्यों का अविश्वास प्रस्ताव संबंधी पत्र सोमवार को डीएम को सौपा था उनमे से तीन सदस्यों ने मंगलवार को डीएम को शपथपत्र देकर शोभना कुमारी द्वारा सौंपे शपथ पत्र को गलत करार देते हुए अपनी आस्था जिपं सदस्य आरती महेंद्र में जताई। डीएम ने सभी शपथपत्रों की जांच के आदेश दिए हैं।
सत्ता बदलते ही निष्ठाएं भी बदल जाती हैं। इसका नजारा जिला पंचायत की कुर्सी हथियाने को चल रहे प्रयास में देखा जा सकता है। सोमवार को मेनका गांधी के प्रतिनिधि एवं जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह टोनी के नेतृत्व में बीसलपुर क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य शोभना देवी ने कुछ सदस्यों के साथ डीएम को 19 जिपं सदस्यों के शपथपत्रों के साथ अविश्वास प्रस्ताव का पत्र सौंपा था। इस दौरान कुछ की पहचान भी डीएम के सामने कराई गई। दूसरे दिन ही मामला उलटा पड़ता दिखा। जिन 19 सदस्यों के नाम से शपथपत्र दाखिल किए गए थे उनमें से तीन सदस्य क्रमश: असलम जावेद, निशा यादव और अर्चना वर्मा मंगलवार को जिला पंचायत अध्यक्ष आरती महेंद्र व उनके ससुर पूर्व विधायक पीतमराम के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे। तीनों सदस्यों ने डीएम को बताया कि वह जिला पंचायत अध्यक्ष आरती के साथ हैं। इस आशय का उन्होंने डीएम के समक्ष शपथ पत्र भी सौपा। तीनों सदस्यों ने एक दिन पूर्व प्रस्तुत किए गए शपथपत्रों में उनके नाम से दिए गए शपथपत्रों पर उनके हस्ताक्षर और सहमति न होने की बात भी कही। इस तरह अविश्वास प्रस्ताव का पत्र सौंपने के 24 घंटे के अंदर ही तीन सदस्य कम हो गए। इससे अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत करने वाले गुट के सदस्यों की संख्या मात्र 16 रह गई है जो कि कम है।
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पहले भी फ्लाप हो चुकी है बैठक
अविश्वास प्रस्ताव लाकर अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होने का ख्बाव देखने वालों को यह दूसरा बड़ा झटका लगा है। अविश्वास प्रस्ताव से कुछ दिन पहले सदस्यों को अपने पक्ष में करने के लिए इस गुट की ओर दावत के बहाने एक स्थान पर बैठक बुलाई गई थी, लेकिन 34 सदस्यों में मात्र 4-5 सदस्य ही पहुंचे थे। अब अविश्वास प्रस्ताव के 24 घंटे के अंदर ही तीन सदस्यों के अध्यक्ष के साथ होने का दावा करने से अरमानों पर फिर पानी फिरता दिख रहा है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास के मामले में सोमवार को 19 शपथपत्र प्रस्तुत किए गए थे। मंगलवार को तीन सदस्यों ने शपथपत्र देकर एक दिन पूर्व के शपथपत्रों में उनके हस्ताक्षर फर्जी होना बताया है। शपथपत्रों की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
- मासूम अली सरवर, डीएम