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Pilibhit News: छह साल बाद भी रोडवेज स्टैंड की जगह तय नहीं, परेशान हो रहे यात्री
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पीलीभीत का रोडवेज बस स्टैंड।फाइल फोटो
पीलीभीत। रोडवेज बस स्टैंड के निर्माण के लिए छह साल बाद भी जगह चिह्नित नहीं हो सकी है। सीमित जगह में बस स्टैंड का संचालन होने से अव्यवस्थाएं हावी हैं। नए बस स्टैंड के लिए जगह तलाशने की कई बार प्रक्रिया हुई, लेकिन अब तक अमल नहीं हो सका। इससे रोडवेज की बसों के संचालन व विभागीय कामों में भी दिक्कतें सामने आ रहीं हैं।
स्थानीय डिपो से रोजाना 103 बसों का संचालन होता है। अधिकांश बसों को लंबे रूटों पर चलाया जाता है। बस स्टैंड पर पर्याप्त जगह ना होने के कारण विभागीय अधिकारियों ने वर्ष 2018 से शासन स्तर पर पत्राचार शुरू किया था, ताकि नई जगह पर बस स्टैंड शिफ्ट किया जा सके। शासन स्तर से आदेश मिलने के बाद बीसलपुर मार्ग पर एक सरकारी जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया था।
वर्ष 2023 में रीजनल टीम ने सर्वे कर अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी। इसके बाद भी अबतक इस जगह को हरी झंडी नहीं मिल सकी है, जिससे रोडवेज डिपो का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।
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अव्यवस्थाओं के चलते डिपो तक नहीं पहुंच पाते यात्री
रोडवेज डिपो पर फैली अव्यवस्थाओं के कारण स्थानीय डिपो पर पूरे दिन में मात्र 15-20 यात्री ही डिपो पर पहुंचते हैं। अधिकांश यात्री नौगवां, असम, छतरी चौराहा आदि जगहों पर पहुंचकर अपनी यात्रा तय करते हैं।
सड़क पर खड़ी होती हैं रोडवेज की बसें
जगह ना होने की वजह से डिपो के बाहर व सामने स्थित डलावघर पर बसों को खड़ा किया जाता है। सड़क पर वाहन खड़ा रहने से उस मार्ग पर रोजाना पांच से छह बार जाम की स्थिति बनती है।
डिपो पर पर्याप्त जगह नहीं है। इससे विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है। विभागीय अधिकारियों से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। अधिकारियों के आदेश के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकेगा। - पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम
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स्थानीय डिपो से रोजाना 103 बसों का संचालन होता है। अधिकांश बसों को लंबे रूटों पर चलाया जाता है। बस स्टैंड पर पर्याप्त जगह ना होने के कारण विभागीय अधिकारियों ने वर्ष 2018 से शासन स्तर पर पत्राचार शुरू किया था, ताकि नई जगह पर बस स्टैंड शिफ्ट किया जा सके। शासन स्तर से आदेश मिलने के बाद बीसलपुर मार्ग पर एक सरकारी जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया था।
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वर्ष 2023 में रीजनल टीम ने सर्वे कर अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी। इसके बाद भी अबतक इस जगह को हरी झंडी नहीं मिल सकी है, जिससे रोडवेज डिपो का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।
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अव्यवस्थाओं के चलते डिपो तक नहीं पहुंच पाते यात्री
रोडवेज डिपो पर फैली अव्यवस्थाओं के कारण स्थानीय डिपो पर पूरे दिन में मात्र 15-20 यात्री ही डिपो पर पहुंचते हैं। अधिकांश यात्री नौगवां, असम, छतरी चौराहा आदि जगहों पर पहुंचकर अपनी यात्रा तय करते हैं।
सड़क पर खड़ी होती हैं रोडवेज की बसें
जगह ना होने की वजह से डिपो के बाहर व सामने स्थित डलावघर पर बसों को खड़ा किया जाता है। सड़क पर वाहन खड़ा रहने से उस मार्ग पर रोजाना पांच से छह बार जाम की स्थिति बनती है।
डिपो पर पर्याप्त जगह नहीं है। इससे विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है। विभागीय अधिकारियों से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। अधिकारियों के आदेश के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकेगा। - पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम