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Pilibhit News: ब्रॉडगेज की सौगात मिलने के बाद भी देश-प्रदेश की राजधानी दूर
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आशु भारद्धाज ।
पीलीभीत। वर्ष 2022 में ब्रॉडगेज की सौगात मिलने के बाद भी पीलीभीत से लखनऊ व दिल्ली के लिए अब तक ट्रेनें नहीं मिल पाई हैं। इससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है। कारोबारी से लेकर आम आदमी तक लखनऊ या दिल्ली जाने के लिए पहले बरेली जाते हैं फिर वहां से ट्रेन पकड़ते हैं।
वर्ष 2018 में मीटरगेज को ब्रॉडगेज में बदलने का काम शुरू हुआ था। शाहजहांपुर व बरेली दोनों रेलखंडों पर वर्ष 2022 में विद्युतीकरण के बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ, लेकिन बरेली, शाहजहांपुर के लिए ही ट्रेनों की सुविधा मिल सकी। इसके अलावा प्रयागराज से आने वाली त्रिवेणी चल रही है। लखनऊ व दिल्ली के लिए ट्रेनें नहीं हैं। मैलानी रेल खंड पर ट्रेनों का संचालन अब तक शुरू नहीं हो सका है।
दिल्ली के लिए महज एक ट्रेन का संचालन हो रहा है, लेकिन लखनऊ जाने वाले यात्रियों के लिए एक भी सीधी ट्रेन नहीं है। सबसे ज्यादा दिक्कत लखनऊ पीजीआई में इलाज कराने जाने वाले रोगियों को होती है। जिले के सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पीजीआई जाते हैं। उन्हें लखनऊ जाने-आने में काफी परेशानी हो रही है।
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जिले से ट्रेनों की स्थिति
दिल्ली के लिए एक ट्रेन, लखनऊ के लिए शक्तिनगर सिंगरौली वाली एक ट्रेन, टनकपुर के लिए छह जोड़ी, बरेली आठ जोड़ी, शाहजहांपुर के लिए दो जोड़ी ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। लखनऊ-दिल्ली जाने वाले यात्री पहले बस से सेटेलाइट स्टेशन बरेली जाते हैं। इसके बाद वहां से ऑटो से जंक्शन पहुंचते हैं, तब ट्रेन मिलती है। पीलीभीत से जो ट्रेनें बरेली जाती हैं वह जंक्शन नहीं जातीं। सिटी स्टेशन पर ही ट्रेनों को रोक दिया जाता है। यहां से ऑटो करके लोग बरेली जंक्शन तक जाते है, इससे उन्हें परेशानी होती है।
पीजीआई जाने वाले मरीज होते हैं ज्यादा परेशान
लखनऊ के लिए ट्रेन न होने से वहां के काफी काम प्रभावित हो रहे हैं। शाहजहांपुर रूट पर रात के समय कोई ट्रेन न होने से काफी परेशानी है। -आशु भारद्वाज, अधिवक्ता
पीजीआई जाने वाले मरीज काफी परेशान हो रहे हैं। अधिकारियों से कई बार लखनऊ के लिए ट्रेन चलाने की मांग की जा चुकी है। मगर कोई नतीजा नहीं निकल रहा है। -शिवम कश्यप, सामाजिक कार्यकर्ता
रेलवे बोर्ड के आदेशानुसार ही ट्रेनों का संचालन कराया जा रहा है। अयोध्या धाम का कार्यक्रम 22 जनवरी का था। इसके लिए कोई आदेश नहीं था। आदेश आने के बाद ही लंबी दूरी की ट्रेनों को चलाया जाएगा। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ इज्जतनगर बरेली मंडल
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वर्ष 2018 में मीटरगेज को ब्रॉडगेज में बदलने का काम शुरू हुआ था। शाहजहांपुर व बरेली दोनों रेलखंडों पर वर्ष 2022 में विद्युतीकरण के बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ, लेकिन बरेली, शाहजहांपुर के लिए ही ट्रेनों की सुविधा मिल सकी। इसके अलावा प्रयागराज से आने वाली त्रिवेणी चल रही है। लखनऊ व दिल्ली के लिए ट्रेनें नहीं हैं। मैलानी रेल खंड पर ट्रेनों का संचालन अब तक शुरू नहीं हो सका है।
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दिल्ली के लिए महज एक ट्रेन का संचालन हो रहा है, लेकिन लखनऊ जाने वाले यात्रियों के लिए एक भी सीधी ट्रेन नहीं है। सबसे ज्यादा दिक्कत लखनऊ पीजीआई में इलाज कराने जाने वाले रोगियों को होती है। जिले के सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पीजीआई जाते हैं। उन्हें लखनऊ जाने-आने में काफी परेशानी हो रही है।
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जिले से ट्रेनों की स्थिति
दिल्ली के लिए एक ट्रेन, लखनऊ के लिए शक्तिनगर सिंगरौली वाली एक ट्रेन, टनकपुर के लिए छह जोड़ी, बरेली आठ जोड़ी, शाहजहांपुर के लिए दो जोड़ी ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। लखनऊ-दिल्ली जाने वाले यात्री पहले बस से सेटेलाइट स्टेशन बरेली जाते हैं। इसके बाद वहां से ऑटो से जंक्शन पहुंचते हैं, तब ट्रेन मिलती है। पीलीभीत से जो ट्रेनें बरेली जाती हैं वह जंक्शन नहीं जातीं। सिटी स्टेशन पर ही ट्रेनों को रोक दिया जाता है। यहां से ऑटो करके लोग बरेली जंक्शन तक जाते है, इससे उन्हें परेशानी होती है।
पीजीआई जाने वाले मरीज होते हैं ज्यादा परेशान
लखनऊ के लिए ट्रेन न होने से वहां के काफी काम प्रभावित हो रहे हैं। शाहजहांपुर रूट पर रात के समय कोई ट्रेन न होने से काफी परेशानी है। -आशु भारद्वाज, अधिवक्ता
पीजीआई जाने वाले मरीज काफी परेशान हो रहे हैं। अधिकारियों से कई बार लखनऊ के लिए ट्रेन चलाने की मांग की जा चुकी है। मगर कोई नतीजा नहीं निकल रहा है। -शिवम कश्यप, सामाजिक कार्यकर्ता
रेलवे बोर्ड के आदेशानुसार ही ट्रेनों का संचालन कराया जा रहा है। अयोध्या धाम का कार्यक्रम 22 जनवरी का था। इसके लिए कोई आदेश नहीं था। आदेश आने के बाद ही लंबी दूरी की ट्रेनों को चलाया जाएगा। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ इज्जतनगर बरेली मंडल

आशु भारद्धाज ।