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Pilibhit News: बरसात में बह गया मार्ग, 20 दिन बाद भी 50 हजार आबादी की आवाजाही में मुश्किल
Tue, 16 Sep 2025 11:51 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 16 Sep 2025 11:51 PM IST
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घुंघचाई(पीलीभीत)। पिछले दिनों हुई लगातार बारिश ने घुंघचाई से पीटीआर के जंगल होते हुए दियोरिया कला जाने वाले मार्ग को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। 20 दिन पहले खन्नौत नदी के तेज बहाव में मार्ग कटकर बह गया। नतीजतन, इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन ठप हो गया है। दोपहिया वाहन भी मुश्किल से निकल पा रहे हैं। परेशानी के बीच 50 हजार की आबादी करीब दस किलोमीटर लंबा चक्कर लगाने पर मजबूर है।
दियोरिया जंगल के नरई पुलिया के पास यह मार्ग कट गया था। पत्थर और बजरी पानी में बह जाने से मार्ग का अस्तित्व ही मिट गया है। हालत यह है कि छोटे वाहनों का निकलना भी दूभर हो गया है। यह मार्ग पूरनपुर और बीसलपुर क्षेत्र के लोगों की आवाजाही का प्रमुख रास्ता है। मार्ग कटने से 30 गांव के 50 हजार लोग प्रभावित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिन बीत जाने के बाद भी जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारियों ने समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया। यहां तक कि आवागमन के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इससे लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग की मरम्मत न होने से शिक्षा, रोजगार, इलाज और रोजमर्रा की गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कर आवागमन शुरू कराया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
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बच्चों और मरीजों की बढ़ी परेशानी
यह मार्ग पूरनपुर और बीसलपुर के लोगों की आवाजाही का प्रमुख साधन है। इसके कटने से शिक्षा, रोजगार, इलाज और दैनिक जरूरतों पर असर पड़ा है। बच्चे स्कूल जाने में दिक्कत झेल रहे हैं तो मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी दोगुना समय लग रहा है।
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जिम्मेदारों की बेरुखी से आक्रोश
ग्रामीणों का आरोप है कि कई दिन बीत जाने के बावजूद न तो जनप्रतिनिधि और न ही विभागीय अधिकारी मौके पर आए। आवागमन बहाल करने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है। इससे लोगों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि वे मजबूरी में लंबा रास्ता तय कर रहे हैं, जबकि समस्या का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
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ग्राम पैनिया हिम्मत निवासी कमलेश कुमार का कहना है कि मार्ग कटने से लोग परेशान हैं। मरम्मत न होने से लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
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दियोरिया के यश कुमार का कहना है कि मार्ग पूरी तरह से कट गया है। बाइक सवार लोग जोखिम झेलकर वाहन को निकाल रहे हैं। सुधार का कुछ कार्य होना चाहिए।
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घुंघचाई के नूर अहमद का कहना है कि जंगल के अंदर कई जगहों पर पानी के तेज बहाव से मार्ग कट गया। आवागमन पूरी तरह से बंद पड़ा है। जैसे तैसे बाइक निकालनी पड़ रही है।
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दिलावरपुर के सुखदेव सक्सेना का कहना कि इस मार्ग से लोग कम दूरी तय करके बीसलपुर, बरेली,फरीदपुर आते जाते हैं। मार्ग कटने से परेशानी बढ़ गई है।
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दियोरिया जंगल के नरई पुलिया के पास यह मार्ग कट गया था। पत्थर और बजरी पानी में बह जाने से मार्ग का अस्तित्व ही मिट गया है। हालत यह है कि छोटे वाहनों का निकलना भी दूभर हो गया है। यह मार्ग पूरनपुर और बीसलपुर क्षेत्र के लोगों की आवाजाही का प्रमुख रास्ता है। मार्ग कटने से 30 गांव के 50 हजार लोग प्रभावित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिन बीत जाने के बाद भी जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारियों ने समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया। यहां तक कि आवागमन के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इससे लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग की मरम्मत न होने से शिक्षा, रोजगार, इलाज और रोजमर्रा की गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कर आवागमन शुरू कराया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके।
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बच्चों और मरीजों की बढ़ी परेशानी
यह मार्ग पूरनपुर और बीसलपुर के लोगों की आवाजाही का प्रमुख साधन है। इसके कटने से शिक्षा, रोजगार, इलाज और दैनिक जरूरतों पर असर पड़ा है। बच्चे स्कूल जाने में दिक्कत झेल रहे हैं तो मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी दोगुना समय लग रहा है।
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जिम्मेदारों की बेरुखी से आक्रोश
ग्रामीणों का आरोप है कि कई दिन बीत जाने के बावजूद न तो जनप्रतिनिधि और न ही विभागीय अधिकारी मौके पर आए। आवागमन बहाल करने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है। इससे लोगों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि वे मजबूरी में लंबा रास्ता तय कर रहे हैं, जबकि समस्या का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
ग्राम पैनिया हिम्मत निवासी कमलेश कुमार का कहना है कि मार्ग कटने से लोग परेशान हैं। मरम्मत न होने से लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
दियोरिया के यश कुमार का कहना है कि मार्ग पूरी तरह से कट गया है। बाइक सवार लोग जोखिम झेलकर वाहन को निकाल रहे हैं। सुधार का कुछ कार्य होना चाहिए।
घुंघचाई के नूर अहमद का कहना है कि जंगल के अंदर कई जगहों पर पानी के तेज बहाव से मार्ग कट गया। आवागमन पूरी तरह से बंद पड़ा है। जैसे तैसे बाइक निकालनी पड़ रही है।
दिलावरपुर के सुखदेव सक्सेना का कहना कि इस मार्ग से लोग कम दूरी तय करके बीसलपुर, बरेली,फरीदपुर आते जाते हैं। मार्ग कटने से परेशानी बढ़ गई है।