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शारदा पार नेपाली हाथियों का कहर जारी, फसलें उजाड़ीं

Mon, 16 Sep 2019 01:32 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 16 Sep 2019 01:32 AM IST
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माधोटांडा। शारदा नदी के पार नेपाल की ओर से आए हाथियों का उत्पात जारी है। लग्गा भग्गा जंगल में रुके दो हाथी चार दिन पूर्व से ढकिया ताल्लुके महाराजपुर और गोरख डिब्बी क्षेत्र में जमकर उत्पात मचा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक हाथियों ने डेढ़ दर्जन किसानों की करीब बीस एकड़ फसल बर्बाद कर दी है। ग्रामीणों का कहना कि वन विभाग के अफसर ध्यान ही नहीं रहे हैं, स्थानीय वनकर्मी भी हाथियों को खदेड़ने में मदद नहीं कर रहे हैं।
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बराही रेंज के अंतर्गत शारदा के पार नेपाली हाथियों की दस्तक ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनी हुई है। धान की फसल पकते ही हाथियों की आवाजाही बढ़ती जा रही है। कई दिनों से पांच हाथी ढकिया गांव की सीमा में चहलकदमी कर किसानों की फसलें रौंद रहे थे। पांच दिन पहले नेपाल के वनकर्मी दो हाथियों पर सवार होकर शारदा पार आए और हाथियों को खदेड़ने का प्रयास किया। इस पर तीन हाथी तो नेपाल की ओर निकल गए, लेकिन उनके दो साथी इस क्षेत्र में ही जमे हैं। ये दोनों हाथी दो गांवों की सीमा में चहलकदमी कर किसानों की फसलें रौंद रहे हैं। नुकसान के बढ़ते दायरे से ग्रामीण परेशान हैं। हाथी अब तक नारायण राना, श्रीकृष्ण, चनक लाल, रामविलास, वीर सिंह, हरी लाल, आशोक राना, राधे राना, जोगा सिंह, छोटे लाल राना समेत डेढ़ दर्जन किसानों की बीस एकड़ फसलों को नुकसान पहुंचा चुके हैं। सूचना देने के बावजूद जंगल का कोई अफसर मौके पर नहीं पहुंचा। केवल बाचर ही यदाकदा आकर जानकारी कर लेते हैं। रेंजर वजीर हसन ने बताया कि हाथियों को लेेकर वनकर्मी अलर्ट है। चहलकदमी पर नजर रखने के निर्देश दिए गए है।
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बोले किसान: बर्बाद हो गई फसलें
हाथी कई दिनों से फसलें उजाड़ रहे हैं। नुकसान रोकने के लिए अगर उन्हें खदेड़ने के प्रयास करते है तो एक हाथी ग्रामीणों को दौड़ा देते हैं। धान की फसल काफी नुकसान हो चुका है। विभाग को रोकथाम के प्रयास करना चाहिए। - चनक लाल
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रात होते ही हाथी गांव की सीमा में आकर फसल रौंदने लगते है। कई दिनों से यह सिलसिला चल रहा है। उधारी के जरिए फसलों की पैदावार कर रहे है। फसल उजड़ जाएगी तो उधारी कैसे चुकाई जाएगी। - रामविलास
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