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बीकॉम में नियम का पेच, सीटें भरना मुश्किल
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रामलुभाई सहानी महिला महाविद्यालय में मौजूद छात्राएं। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। बीकॉम में प्रवेश के लिए एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से बदले गए नियमों का खामियाजा कॉलेजों को भुगतना पड़ रहा है। सीटों के मुकाबले इस बार आवेदन कम होने से कॉलेज प्रबंधन चिंतित हैं। राजकीय और अनुदानित कॉलेजों के साथ निजी कॉलेजों में भी इस बार आवेदन कम आए हैं।
स्नातक में प्रवेश पंजीकरण की प्रक्रिया बुधवार को पूरी हो गई। विद्यार्थी बृहस्पतिवार तक आवेदन फॉर्म की हार्ड कॉपी कॉलेजों में जमा करेंगे और कॉलेजों को छह सितंबर तक मेरिट सूची जारी करनी होगी। हालांकि कॉलेजों ने पंजीकरण तिथि बढ़ाने की मांग विश्वविद्यालय से की है। अगर विश्वविद्यालय तिथि नहीं बढ़ाता है तो कॉलेजों में 30 फीसदी सीटें खाली रह जाएंगी। सबसे कम आवेदन बीकॉम में आए हैं।
उपाधि कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दुष्यंत कुममार का कहना है कि पहले बीकॉम में सभी स्ट्रीम के विद्यार्थियों को प्रवेश मिल जाता था, लेकिन विश्वविद्यालय ने अब नियम बदल दिया गया है। कॉमर्स, गणित और अर्थशास्त्र वाले विद्यार्थी ही बीकॉम में प्रवेश ले सकते हैं।
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इस बार आवेदन काफी कम
पिछले साल विवाद में रहा राम लुभाई साहनी राजकीय महिला कॉलेज में इस बार सीटों के बराबर भी आवेदन नहीं हुए। बीएससी बायो में 57, बीएससी गणित में 21 और बीकॉम में सिर्फ 18 आवेदन हुए, जबकि तीनों में 80-80 सीटें हैं। कॉलेज में महिला स्टाफ की कमी के चलते छात्राएं एडमिशन के लिए दूरी बना रही हैं। हालांकि अब प्राचार्य पद का कार्यभार क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी संध्या रानी को दिया गया है। एक महिला शिक्षक भी नियुक्त हुई है।
उपाधि कॉलेज में भी कम आवेदन हुए
उपाधि कॉलेज में बीकॉम की 160 सीटें हैं, जबकि आवेदन 125 हुए हैं। बीएससी गणित में 180 सीटें हैं, आवेदन की संख्या महज 70 रही। बीएससी बायो में 225 और बीए में 640 सीटों पर 1400 आवेदन हुए हैं। जिले ने अन्य कॉलेेेजों में भी बीकॉम में सीटों के मुकाबले कम आवेदन हुए हैं।
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स्नातक में प्रवेश पंजीकरण की प्रक्रिया बुधवार को पूरी हो गई। विद्यार्थी बृहस्पतिवार तक आवेदन फॉर्म की हार्ड कॉपी कॉलेजों में जमा करेंगे और कॉलेजों को छह सितंबर तक मेरिट सूची जारी करनी होगी। हालांकि कॉलेजों ने पंजीकरण तिथि बढ़ाने की मांग विश्वविद्यालय से की है। अगर विश्वविद्यालय तिथि नहीं बढ़ाता है तो कॉलेजों में 30 फीसदी सीटें खाली रह जाएंगी। सबसे कम आवेदन बीकॉम में आए हैं।
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उपाधि कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दुष्यंत कुममार का कहना है कि पहले बीकॉम में सभी स्ट्रीम के विद्यार्थियों को प्रवेश मिल जाता था, लेकिन विश्वविद्यालय ने अब नियम बदल दिया गया है। कॉमर्स, गणित और अर्थशास्त्र वाले विद्यार्थी ही बीकॉम में प्रवेश ले सकते हैं।
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इस बार आवेदन काफी कम
पिछले साल विवाद में रहा राम लुभाई साहनी राजकीय महिला कॉलेज में इस बार सीटों के बराबर भी आवेदन नहीं हुए। बीएससी बायो में 57, बीएससी गणित में 21 और बीकॉम में सिर्फ 18 आवेदन हुए, जबकि तीनों में 80-80 सीटें हैं। कॉलेज में महिला स्टाफ की कमी के चलते छात्राएं एडमिशन के लिए दूरी बना रही हैं। हालांकि अब प्राचार्य पद का कार्यभार क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी संध्या रानी को दिया गया है। एक महिला शिक्षक भी नियुक्त हुई है।
उपाधि कॉलेज में भी कम आवेदन हुए
उपाधि कॉलेज में बीकॉम की 160 सीटें हैं, जबकि आवेदन 125 हुए हैं। बीएससी गणित में 180 सीटें हैं, आवेदन की संख्या महज 70 रही। बीएससी बायो में 225 और बीए में 640 सीटों पर 1400 आवेदन हुए हैं। जिले ने अन्य कॉलेेेजों में भी बीकॉम में सीटों के मुकाबले कम आवेदन हुए हैं।