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सिस्टम की नजरअंदाजी पर युवाओं को अपने कल की है फिक्र
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बांसुरी महोत्सव के साइंस कॉर्नर में लगा वाटर ट्रीटमेंट प्लान का मॉडल व उसे बनाने वाली टीम। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। सिस्टम और स्थानीय प्रशासनिक अमले को भले ही भावी पीढ़ी और पर्यावरण की चिंता कम हो लेकिन युवा पीढ़ी को अपने भविष्य की चिंता है। उनको स्वच्छ पर्यावरण भी चाहिए, साफ सुथरी नदियां भी। कूड़ा निस्तारण भी हो और उससे लाभदायक चीजें भी बनाई जा सकें। बांसुरी महोत्सव में लगे साइंस कार्नर में तीस से ज्यादा मॉडल थे लेकिन ज्यादातर पर्यावरण, सीवरेज, कूड़ा प्रबंधन की ओर ध्यान आकर्षित करने वाले थे।
बेनहर पब्लिक स्कूल की कुशाग्री जायसवाल, दुष्यंत, अतिन, गरिमा, दैव्यांश, अर्पित आदि की टीम ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर मॉडल बनाया है। उनका कहना कि तीन स्टेज और आठ स्टेप के इस प्रोजेक्ट के माध्यम से शहर से निकलने वाले सीवरेज से मिथेन गैस और एलपीजी तैयार की जा सकती है। पीने योग्य पानी तैयार किया जा सकता है। सीवरेज के पानी को शोधित करके नदियों को प्रदूषित होने से बचा सकते हैं। बीसलपुर के एसआरएम कॉलेज की क्रांति, स्नेहा, अंतरा, काजल आदि ने नदियों में जाने वाले कचरे को कैसे रोका जा सकता है इसपर मॉडल दिया। बच्चों का कहना है छोटे शहरों से निकलने वाले नालों से पॉलिथीन, प्लास्टिक का अन्य कचरा नदियों और फिर समुद्र तक पहुंच जाता है। उनके द्वारा बनाए गए फिल्टर प्लांट से उसे रोका जा सकता है। इसके अलावा ई-कचरा मैनेजमेंट, ई-डस्टबिन, स्मार्ट होम जैसे मॉडल भी थे।
वाई-फाई से तेज दौड़ेगा लाई-फाई नेटवर्क
ज्ञान इंटरनेशनल स्कूल के मोहम्मद अमान, तेजश, विकास आदि ने वाई-फाई की तर्ज पर लाई-फाई नेटवर्क पर मॉडल बनाया। इसके जरिये उन्होंने बताया कि प्रकाश की रफ्तार से डाटा ट्रांसफर किया जा सकता है। सेंडर और रिसीवर दो उपकरणों से बाइनेरी नंबरों में बदल सकता है। इससे सिक्योर नेटवर्क तैयार होगा।
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बेनहर स्कूल का मॉडल रहा प्रथम
जिला विज्ञान क्लब की ओर से आयोजित साइंस कार्नर में तीस मॉडलों की प्रदर्शनी हुई। रविवार को हुई प्रदर्शनी में बेनहर पब्लिक स्कूल का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को प्रथम पुरस्कार दिया गया। दूसरे स्थान पर एसआरएम इंटर कॉलेज और ड्रमंड कॉलेज। तीसरे स्थान पर सेंट एलॉयसियस रहा। डीआईओएस ओम प्रकाश ने टीमों को सम्मानित किया। इस दौरान जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक चंद्र पाल गंगवार, नीतू सिंह, राजीव वर्मा, टीएच खान, नरेंद्र गंगवार आदि मौजूद रहे।
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बेनहर पब्लिक स्कूल की कुशाग्री जायसवाल, दुष्यंत, अतिन, गरिमा, दैव्यांश, अर्पित आदि की टीम ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर मॉडल बनाया है। उनका कहना कि तीन स्टेज और आठ स्टेप के इस प्रोजेक्ट के माध्यम से शहर से निकलने वाले सीवरेज से मिथेन गैस और एलपीजी तैयार की जा सकती है। पीने योग्य पानी तैयार किया जा सकता है। सीवरेज के पानी को शोधित करके नदियों को प्रदूषित होने से बचा सकते हैं। बीसलपुर के एसआरएम कॉलेज की क्रांति, स्नेहा, अंतरा, काजल आदि ने नदियों में जाने वाले कचरे को कैसे रोका जा सकता है इसपर मॉडल दिया। बच्चों का कहना है छोटे शहरों से निकलने वाले नालों से पॉलिथीन, प्लास्टिक का अन्य कचरा नदियों और फिर समुद्र तक पहुंच जाता है। उनके द्वारा बनाए गए फिल्टर प्लांट से उसे रोका जा सकता है। इसके अलावा ई-कचरा मैनेजमेंट, ई-डस्टबिन, स्मार्ट होम जैसे मॉडल भी थे।
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वाई-फाई से तेज दौड़ेगा लाई-फाई नेटवर्क
ज्ञान इंटरनेशनल स्कूल के मोहम्मद अमान, तेजश, विकास आदि ने वाई-फाई की तर्ज पर लाई-फाई नेटवर्क पर मॉडल बनाया। इसके जरिये उन्होंने बताया कि प्रकाश की रफ्तार से डाटा ट्रांसफर किया जा सकता है। सेंडर और रिसीवर दो उपकरणों से बाइनेरी नंबरों में बदल सकता है। इससे सिक्योर नेटवर्क तैयार होगा।
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बेनहर स्कूल का मॉडल रहा प्रथम
जिला विज्ञान क्लब की ओर से आयोजित साइंस कार्नर में तीस मॉडलों की प्रदर्शनी हुई। रविवार को हुई प्रदर्शनी में बेनहर पब्लिक स्कूल का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को प्रथम पुरस्कार दिया गया। दूसरे स्थान पर एसआरएम इंटर कॉलेज और ड्रमंड कॉलेज। तीसरे स्थान पर सेंट एलॉयसियस रहा। डीआईओएस ओम प्रकाश ने टीमों को सम्मानित किया। इस दौरान जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक चंद्र पाल गंगवार, नीतू सिंह, राजीव वर्मा, टीएच खान, नरेंद्र गंगवार आदि मौजूद रहे।