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14 प्रवक्ताओं के सहारे 14 राजकीय इंटर कॉलेज, इस दशा से तो माध्यम स्कूल कॉलेजों में लग जाएंगें ताले
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पीलीभीत। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी बेहतर पढ़ाई में रोड़ा बनी हुई है। माध्यमिक स्कूल-कॉलेजों में प्रधानाचार्य और शिक्षकों के तमाम पद रिक्त हैं। जिले के 14 राजकीय इंटर कॉलेजों में 136 प्रवक्ता होने चाहिए, जिनकी जगह केवल 14 प्रवक्ता है। यानी 122 प्रवक्ताओं के पद खाली हैं। जबकि 12 कॉलेज बिना प्रधानाचार्य के चल रहे हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा जनपद में पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज समेत कुल 14 राजकीय इंटर कॉलेज हैं। इन 14 राजकीय कॉलेजों में से केवल दो कॉलेज में प्रभारी प्रधानाचार्य तैनात है। शेष कॉलेज बिना प्रधानाचार्य के चल रहे हैं। इन कॉलेजों में 136 प्रवक्ताओं की जरूरत है, लेकिन तैनात केवल 14 प्रवक्ता है। 122 प्रवक्ताओं के पद लंबे अरसे से खाली चल रहे हैं।
राजकीय हाईस्कूलों में 50 शिक्षकों की कमी
जिले में 14 राजकीय हायर सेकेंड्री स्कूल हैं। इनमें सहायक अध्यापकों के 80 पद सृजित है। मगर वर्तमान में मात्र 30 सहायक अध्यापक ही तैनात हैं। शिक्षकों की इस कमी से शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है।
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यह हैं स्कूल कॉलेजों की दशा
तराई क्षेत्र के एक मात्र राजकीय इंटर कॉलेज गभिया सहराई में एक प्रधानाचार्य, नौ प्रवक्ता, 12 सहायक अध्यापक के पद सृजित है। मगर वर्तमान में यहां दो सहायक अध्यापक ही तैनात हैं। इस स्कूल में 1100 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। कमोवेश राजकीय हाईस्कूल लुहिचा, बूंदीभूड़ समेत कुछ अन्य राजकीय स्कूलों का भी यही हाल है।
पिछले सत्र में 38 सहायक अध्यापकों की राजकीय हाईस्कूलों में तैनाती की गई है। राजकीय स्कूल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। शासन का लगातार पत्राचार कर अवगत कराया जा चुका है। - संत प्रकाश, जिला विद्यालय निरीक्षक
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माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा जनपद में पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज समेत कुल 14 राजकीय इंटर कॉलेज हैं। इन 14 राजकीय कॉलेजों में से केवल दो कॉलेज में प्रभारी प्रधानाचार्य तैनात है। शेष कॉलेज बिना प्रधानाचार्य के चल रहे हैं। इन कॉलेजों में 136 प्रवक्ताओं की जरूरत है, लेकिन तैनात केवल 14 प्रवक्ता है। 122 प्रवक्ताओं के पद लंबे अरसे से खाली चल रहे हैं।
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राजकीय हाईस्कूलों में 50 शिक्षकों की कमी
जिले में 14 राजकीय हायर सेकेंड्री स्कूल हैं। इनमें सहायक अध्यापकों के 80 पद सृजित है। मगर वर्तमान में मात्र 30 सहायक अध्यापक ही तैनात हैं। शिक्षकों की इस कमी से शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है।
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यह हैं स्कूल कॉलेजों की दशा
तराई क्षेत्र के एक मात्र राजकीय इंटर कॉलेज गभिया सहराई में एक प्रधानाचार्य, नौ प्रवक्ता, 12 सहायक अध्यापक के पद सृजित है। मगर वर्तमान में यहां दो सहायक अध्यापक ही तैनात हैं। इस स्कूल में 1100 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। कमोवेश राजकीय हाईस्कूल लुहिचा, बूंदीभूड़ समेत कुछ अन्य राजकीय स्कूलों का भी यही हाल है।
पिछले सत्र में 38 सहायक अध्यापकों की राजकीय हाईस्कूलों में तैनाती की गई है। राजकीय स्कूल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। शासन का लगातार पत्राचार कर अवगत कराया जा चुका है। - संत प्रकाश, जिला विद्यालय निरीक्षक