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Pilibhit News: गांवों में नहीं बन सके डंपिंग ग्राउंड, कूड़ेदानों में ही पड़ा रहता है कूड़ा
Sun, 25 Jun 2023 12:07 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 25 Jun 2023 12:07 AM IST
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चिडै़यादाह में गंदगी का हाल। संवाद
पीलीभीत। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में लाखों रुपये की लागत से कम्पोस्ट पिट (कूड़ेदान) बनवाई गई हैं। इनमें लोग कूड़ा तो डालने लगे हैं, लेकिन उसका उठान नहीं हो पा रहा है। हालत यह हो गई है कि पिट भरने के बाद लोग उसके बाहर कूड़ा डाल रहे हैं। कूडा उठान की व्यवस्था न होने से लोगों को बीमारी फैलने की आशंका जता रही है। यही नहीं गंदगी के ढेर में आवारा पशुओं का भी डेरा बना हुुआ है। कई बार शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार इस समस्या को लेकर अंजान बने हुए हैं।
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जितनी गंदगी अंदर उतनी ही पड़ी है बाहर
शहर से सटे गांव चिडियादाह में गांव के अंदर प्रवेश करते ही आपको गंदगी और कूडा के ढेर दिखाई देने लगेंगे। गांव के बाहर ही पिट को बनाया गया है। नियमानुसार गीला, सूखा कूड़ा डालने के अलग अलग स्थान है। शुरूआती दौर में कूड़ा पडना शुरू कर दिया गया। इसके बाद उनको साफ ही नहीं किया गया। मौजूदा समय में जितना कूड़ा पिट में है उससे कहीं अधिक बाहर पड़ा हुआ है। बाहर पड़े कूड़े पर आवारा पशु घूमते रहते हैं। इससे कूड़ा सड़क पर आ गया है।
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स्वास्थ्य कर्मियों के लिए मुसीबत बनी पिट
पूरनपुर देहात ग्राम पंचायत में महिला अस्पताल के पास पिट को बनाया गया। पिट के लिए चुना गया स्थान ऐसा है कि उसके आसपास ही स्वास्थ्य कर्मियों के आवास है। पिट के पास कभी सफाई नहीं हुई है। पिट कूडे से भर गई है। बाहर भी सड़क तक कूडे का ढेर लगा हुआ है। करीब चार माह से कूडा ऐसे ही पड़ा हुुआ है। ऐसे में उससे उठने वाली दुर्गंध से कर्मियों का जीना दूभर हो गया है। गर्मी के चलते बीमारी फैलने की आशंका से सभी डरे हुए है।
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डलावघर बन गई कम्पोस्ट पिट
ग्राम पंचायत माधोटांडा में सफाई व्यवस्था बदहाल है। पूरे गांव में गंदगी फैली है। कस्बे में बने पिट का हाल बदतर है। कूड़े के ढेर लगे होने से लोग परेशान हैं। बीमारी का खतरा भी मंडरा रहा है। इस सबके बावजूद पूर्व में मंडल स्तरीय स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा में गांव को बेहतर दर्शाया गया था। अतिरिक्त बजट भी जारी किया गया था।
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फोटो 4-
गांव में स्वच्छता के नाम पर लाखों रुपये खर्च कर दिए गए। परिणाम सभी के सामने है। गांव की गंदगी को एक स्थान पर स्टॉक कर बीमारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।-अभिषेक अवस्थी
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कहने को स्वच्छता को लेकर काम करवाया जा रहा है। लेकिन कर्मियों की मनमानी के चलते सफाई नहीं हो पा रही है। कम्पोस्ट पिट डलावघर बनकर रह गई है।-राधे श्याम
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वर्जन
गांवों में डंपिंग ग्राउंड के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है। इसके लिए राजस्व विभाग से पत्राचार किया जा रहा है। फिलहाल यदि ऐसा है तो उसे दिखवाया जाएगा।- वाचस्पति झा
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जितनी गंदगी अंदर उतनी ही पड़ी है बाहर
शहर से सटे गांव चिडियादाह में गांव के अंदर प्रवेश करते ही आपको गंदगी और कूडा के ढेर दिखाई देने लगेंगे। गांव के बाहर ही पिट को बनाया गया है। नियमानुसार गीला, सूखा कूड़ा डालने के अलग अलग स्थान है। शुरूआती दौर में कूड़ा पडना शुरू कर दिया गया। इसके बाद उनको साफ ही नहीं किया गया। मौजूदा समय में जितना कूड़ा पिट में है उससे कहीं अधिक बाहर पड़ा हुआ है। बाहर पड़े कूड़े पर आवारा पशु घूमते रहते हैं। इससे कूड़ा सड़क पर आ गया है।
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स्वास्थ्य कर्मियों के लिए मुसीबत बनी पिट
पूरनपुर देहात ग्राम पंचायत में महिला अस्पताल के पास पिट को बनाया गया। पिट के लिए चुना गया स्थान ऐसा है कि उसके आसपास ही स्वास्थ्य कर्मियों के आवास है। पिट के पास कभी सफाई नहीं हुई है। पिट कूडे से भर गई है। बाहर भी सड़क तक कूडे का ढेर लगा हुआ है। करीब चार माह से कूडा ऐसे ही पड़ा हुुआ है। ऐसे में उससे उठने वाली दुर्गंध से कर्मियों का जीना दूभर हो गया है। गर्मी के चलते बीमारी फैलने की आशंका से सभी डरे हुए है।
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डलावघर बन गई कम्पोस्ट पिट
ग्राम पंचायत माधोटांडा में सफाई व्यवस्था बदहाल है। पूरे गांव में गंदगी फैली है। कस्बे में बने पिट का हाल बदतर है। कूड़े के ढेर लगे होने से लोग परेशान हैं। बीमारी का खतरा भी मंडरा रहा है। इस सबके बावजूद पूर्व में मंडल स्तरीय स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा में गांव को बेहतर दर्शाया गया था। अतिरिक्त बजट भी जारी किया गया था।
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फोटो 4-
गांव में स्वच्छता के नाम पर लाखों रुपये खर्च कर दिए गए। परिणाम सभी के सामने है। गांव की गंदगी को एक स्थान पर स्टॉक कर बीमारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।-अभिषेक अवस्थी
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कहने को स्वच्छता को लेकर काम करवाया जा रहा है। लेकिन कर्मियों की मनमानी के चलते सफाई नहीं हो पा रही है। कम्पोस्ट पिट डलावघर बनकर रह गई है।-राधे श्याम
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वर्जन
गांवों में डंपिंग ग्राउंड के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है। इसके लिए राजस्व विभाग से पत्राचार किया जा रहा है। फिलहाल यदि ऐसा है तो उसे दिखवाया जाएगा।- वाचस्पति झा

चिडै़यादाह में गंदगी का हाल। संवाद

चिडै़यादाह में गंदगी का हाल। संवाद

चिडै़यादाह में गंदगी का हाल। संवाद

चिडै़यादाह में गंदगी का हाल। संवाद