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Pilibhit News: 4.61 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से कई गांवों के घरों में घुसा पानी
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फोटो:-2बीसलपुर के अमरा करोड़ में गिरी गन्ने की फसल। संवाद
पीलीभीत। लगातार हो रही बारिश से जनपद में फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा। बनबसा बैराज से शुक्रवार शाम तक 4.61 लाख क्यूसेक पानी पास किए जाने से पूरनपुर और कलीनगर क्षेत्र के कई गांवों में शारदा नदी का पानी घुसने लगा है। लोगों ने सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। माइक से उद्घोषणा कर लोगों को सचेत किया जा रहा है।
तराई के साथ पहाड़ी इलाकों में दो दिन से लगातार हो रही बारिश से हालत बिगड़ने लगे हैं। भारी बारिश के कारण शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है। शहर में दूसरे दिन शुक्रवार शाम तक 55 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
शहर के स्टेशन रोड, चूड़ी वाली गली, अग्रवाल सभा, मोहसिम खां, साहूकारा, छोटी मार्केट, अशोक कॉलोनी, बल्लभनगर, नगरपालिका परिसर, जल निगम कार्यालय परिसर, स्टेडियम आदि इलाकों में जलभराव हो गया। सड़कें कीचड़ युक्त पानी से लबालब हैं। हवा चलने से कई स्थानों पर पेड़ गिर गए। हालांकि कहीं कोई जनहानि की जानकारी नहीं है।
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पूरनपुर। तेज हवा के साथ नगर सहित क्षेत्र में हुई बारिश से कई पेड़ गिर गए। नगर और पूरनपुर देहात के निचले मोहल्लों, गलियों में जलभराव हुआ। विद्युत उपकेंद्र, सीओ कार्यालय, महिला अस्पताल, ब्लॉक कार्यालय, सीओ कार्यालय के आगे ब्लॉक रोड, मोहल्ला बमनपुरी में पानी की टंकी के पास सहित कई स्थानों पर जलभराव होने से लोगों को आवागमन में भारी असुविधा हुई। ब्लॉक कार्यालय में यूकेल्पिटस, सेमल का पेड़ गिरने से बड़ा हादसा होते बच गया।
बीसलपुर। लगातार बारिश होने से नगर में मोहल्ला दुर्गाप्रसाद, डाकखाना रोड, मोहल्ला सराय, भोगापुर चौकी, ब्लॉक परिसर, डायट परिसर, आदि स्थानों पर जलभराव हो गया था। कासिमपुर, चौसरा, मिघौना, गंगानगर, रुरिया आदि गांवों के पास स्थित रेलवे के अंडरपासों में बारिश का पानी भर गया है। इसके चलते लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
राहुलनगर, चंदिया हजारा, कॉलोनी नंबर छह,
खिरकिया बरगदिया की आबादी में घुसा पानी
- ऊंचे स्थानों पर सामान, पशु पहुंचाने में जुटे लोग, एसडीएम ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की अपील की
संवाद न्यूज एजेंसी
पूरनपुर। बनबसा बैराज से शारदा नदी में इस सीजन का सर्वाधिक 4.61 लाख क्यूसेक पानी पास किए जाने से शुक्रवार शाम को नदी उफना गई। गांव राहुलनगर मजदूर बस्ती, चंदिया हजारा, खिरकिया बरगदिया, कॉलोनी नंबर छह में आबादी में पानी घुसना शुरू हो गया। एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला ने गांव चंदिया हजारा, खिरकिया बरगदिया आदि गांव में पहुंचकर बाढ़ की आशंका पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की।
लोगों ने घरों से कीमती सामान और पशुओं को गांव के बाहर ऊंचे स्थानों पर पहुुंचाना शुरू कर दिया है। रात में छतों पर शरण लेनी शुरू कर दी है। बाढ़ से सर्वाधिक नुकसान कॉलोनी नंबर छह, खिरकिया बरगदिया को होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
शारदा नदी की बाढ़ हर साल क्षेत्र में मचाती है तबाही
शारदा नदी की बाढ़ हर साल क्षेत्र में तबाही मचाती है। बाढ़ और कटान से क्षेत्र को बचाने के लिए गांव चंदिया हजारा के समीप इस बार 18 करोड़ रुपये की लागत से नदी का चैनलाइजेशन और तटबंध बनाया गया, लेकिन जुलाई में आई बाढ़ में नौ करोड़ की लागत से बना तटबंध कई स्थानों से क्षतिग्रस्त हो गया था। शुक्रवार को 4.61 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से शुक्रवार शाम को पानी क्षेत्र में आना शुरू हो गया। इससे नदी उफना गई।
शुक्रवार शाम पांच बजे गांव राहुलनगर और चंदिया हजारा, खिरकिया बरगदिया, कॉलोनी नंबर छह में आबादी में जलभराव होना शुरू हो गया। एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला ने गांव चंदिया हजारा, खिरकिया बरगदिया पहुंचकर लोगों को सुुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की अपील की। उन्होंने बताया कि दो गांव में खाना वितरण कराया गया। लोगों को ऊंचे स्थानों, बाढ़ शरणालय में पहुंचने को कहा गया।
चंदिया हजारा के प्रधान बांसुदेव कुंडू ने बताया कि गांव में एनाउंस कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने को कहा गया। लोग घरों का सामान और जानवर ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने में जुटे रहे। प्रधान ने बताया कि बनबसा बैराज से शुक्रवार अपराह्न तीन बजे सर्वाधिक पानी छोड़ा गया है, जो क्षेत्र में रात नौ बजे तक पहुंचने की आशंका है।
शारदा का जलस्तर बढ़ा, कलीनगर
के तीन गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
- एसडीएम कलीनगर ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर लोगों को किया सचेत
संवाद न्यूज एजेंसी
कलीनगर। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कलीनगर क्षेत्र के सीमावर्ती क्षेत्र में नदी उफना गई। दोपहर बाद नदी का पानी कलीनगर के बूंदीभूड़, नौजल्हा और गभिया सहराई के नदी किनारे बसी आबादी में घुसने लगा। आशंका है कि शुक्रवार देर रात तक स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है। इसके मद्देनजर एसडीएम कलीनगर आशुतोष गुप्ता, तहसीलदार समेत अन्य अफसरों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे और ग्रामीणों को ऊंचे स्थानों पर जाने को कहा।
यहां बता दें कि जनपद में प्रवेश के बाद शारदा नदी, जगबूढ़ा समेत नेपाल की नदियों से मिलकर तबाही मचाती है। शुक्रवार को जलस्तर बढ़ने के बाद पानी का अधिक दबाव नौजल्हा क्षेत्र में रहा। यहां नदी बाढ़ नियंत्रण योजनाओं को क्षतिग्रस्त करने लगी है। कई निचले स्थानों पर पानी आबादी में घुसने लगा है, जिससे लोगों की बेचैनी बढ़ गई है।
एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने बताया कि बाढ़ चौकियाें को सतर्क किया गया है। नदी के हालात पर नजर रखने के साथ खतरे वाले स्थानों को लोगों को हटने की अपील की गई है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सरकारी किचन की व्यवस्था शुरू करा दी गई है।
बाढ़ नियंत्रण योजनाएं क्षतिग्रस्त होने का खतरा
जलस्तर बढ़ने से शारदा नदी का पानी बाढ़ नियंत्रण योजनाओं से टकराने लगा है। नोमैंस लैंड के अलावा नौजल्हा, नलडेंगा, रमनगरा समेत इलाकों में पानी शारदा नदी से टकरा रहा है। कई स्थानों पर बाढ़ नियंत्रण योजनाओं के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बढ़ गई है। नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ नियंत्रण योजनाओं को काटकर नदी का पानी तबाही मचा सकता है।
बारिश के साथ हवा चलने से
गन्ना, धान की फसल गिरी
- जिले भर में नुकसान का दायरा बढ़ा, किसान परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
बीसलपुर/पूरनपुर। बारिश के साथ तेज हवा के चलने से जिलेभर में गन्ने और धान की फसलें गिर गईं हैं। किसानों का कहना है कि तेज हवा चलने से गिरी फसलों से हुए नुकसान की भरपाई अब मुश्किल है।
पूरनपुर तहसील क्षेत्र के अधिकांश इलाकों में गन्ने और धान की फसलों को नुकसान पहुंचा है। भाकियू के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह ने बताया कि बारिश से धान और गन्ना की फसल को काफी क्षति पहुंची है। धान का दाना काला पड़ जाएगा। उसका उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने सरकार से नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को शीघ्र मुआवजा दिलाने, कर्ज वसूली पर रोक लगाने की मांग की।
वहीं बीसलपुर क्षेत्र में भी फसलों के नुकसान की यही स्थिति रही। प्रभावित किसानों ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को फसलों में हुए नुकसान की फोन पर सूचना दी है, लेकिन अब तक राजस्व विभाग ने नुकसान का आकलन कराना शुरू नहीं किया है। इस बावत तहसीलदार करम सिंह ने बताया कि सभी लेखपालों को अपने अपने क्षेत्रों में बारिश से हुए नुकसान का अतिशीघ्र आकलन करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
अमरिया। तहसील क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से खेतों में तैयार खड़ी धान और गन्ने की फसल जमीन में बिछ गई है। जिससे लोगों को नुकसान हुआ।
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तराई के साथ पहाड़ी इलाकों में दो दिन से लगातार हो रही बारिश से हालत बिगड़ने लगे हैं। भारी बारिश के कारण शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है। शहर में दूसरे दिन शुक्रवार शाम तक 55 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
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शहर के स्टेशन रोड, चूड़ी वाली गली, अग्रवाल सभा, मोहसिम खां, साहूकारा, छोटी मार्केट, अशोक कॉलोनी, बल्लभनगर, नगरपालिका परिसर, जल निगम कार्यालय परिसर, स्टेडियम आदि इलाकों में जलभराव हो गया। सड़कें कीचड़ युक्त पानी से लबालब हैं। हवा चलने से कई स्थानों पर पेड़ गिर गए। हालांकि कहीं कोई जनहानि की जानकारी नहीं है।
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पूरनपुर। तेज हवा के साथ नगर सहित क्षेत्र में हुई बारिश से कई पेड़ गिर गए। नगर और पूरनपुर देहात के निचले मोहल्लों, गलियों में जलभराव हुआ। विद्युत उपकेंद्र, सीओ कार्यालय, महिला अस्पताल, ब्लॉक कार्यालय, सीओ कार्यालय के आगे ब्लॉक रोड, मोहल्ला बमनपुरी में पानी की टंकी के पास सहित कई स्थानों पर जलभराव होने से लोगों को आवागमन में भारी असुविधा हुई। ब्लॉक कार्यालय में यूकेल्पिटस, सेमल का पेड़ गिरने से बड़ा हादसा होते बच गया।
बीसलपुर। लगातार बारिश होने से नगर में मोहल्ला दुर्गाप्रसाद, डाकखाना रोड, मोहल्ला सराय, भोगापुर चौकी, ब्लॉक परिसर, डायट परिसर, आदि स्थानों पर जलभराव हो गया था। कासिमपुर, चौसरा, मिघौना, गंगानगर, रुरिया आदि गांवों के पास स्थित रेलवे के अंडरपासों में बारिश का पानी भर गया है। इसके चलते लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
राहुलनगर, चंदिया हजारा, कॉलोनी नंबर छह,
खिरकिया बरगदिया की आबादी में घुसा पानी
- ऊंचे स्थानों पर सामान, पशु पहुंचाने में जुटे लोग, एसडीएम ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की अपील की
संवाद न्यूज एजेंसी
पूरनपुर। बनबसा बैराज से शारदा नदी में इस सीजन का सर्वाधिक 4.61 लाख क्यूसेक पानी पास किए जाने से शुक्रवार शाम को नदी उफना गई। गांव राहुलनगर मजदूर बस्ती, चंदिया हजारा, खिरकिया बरगदिया, कॉलोनी नंबर छह में आबादी में पानी घुसना शुरू हो गया। एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला ने गांव चंदिया हजारा, खिरकिया बरगदिया आदि गांव में पहुंचकर बाढ़ की आशंका पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की।
लोगों ने घरों से कीमती सामान और पशुओं को गांव के बाहर ऊंचे स्थानों पर पहुुंचाना शुरू कर दिया है। रात में छतों पर शरण लेनी शुरू कर दी है। बाढ़ से सर्वाधिक नुकसान कॉलोनी नंबर छह, खिरकिया बरगदिया को होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
शारदा नदी की बाढ़ हर साल क्षेत्र में मचाती है तबाही
शारदा नदी की बाढ़ हर साल क्षेत्र में तबाही मचाती है। बाढ़ और कटान से क्षेत्र को बचाने के लिए गांव चंदिया हजारा के समीप इस बार 18 करोड़ रुपये की लागत से नदी का चैनलाइजेशन और तटबंध बनाया गया, लेकिन जुलाई में आई बाढ़ में नौ करोड़ की लागत से बना तटबंध कई स्थानों से क्षतिग्रस्त हो गया था। शुक्रवार को 4.61 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से शुक्रवार शाम को पानी क्षेत्र में आना शुरू हो गया। इससे नदी उफना गई।
शुक्रवार शाम पांच बजे गांव राहुलनगर और चंदिया हजारा, खिरकिया बरगदिया, कॉलोनी नंबर छह में आबादी में जलभराव होना शुरू हो गया। एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला ने गांव चंदिया हजारा, खिरकिया बरगदिया पहुंचकर लोगों को सुुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की अपील की। उन्होंने बताया कि दो गांव में खाना वितरण कराया गया। लोगों को ऊंचे स्थानों, बाढ़ शरणालय में पहुंचने को कहा गया।
चंदिया हजारा के प्रधान बांसुदेव कुंडू ने बताया कि गांव में एनाउंस कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने को कहा गया। लोग घरों का सामान और जानवर ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने में जुटे रहे। प्रधान ने बताया कि बनबसा बैराज से शुक्रवार अपराह्न तीन बजे सर्वाधिक पानी छोड़ा गया है, जो क्षेत्र में रात नौ बजे तक पहुंचने की आशंका है।
शारदा का जलस्तर बढ़ा, कलीनगर
के तीन गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
- एसडीएम कलीनगर ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर लोगों को किया सचेत
संवाद न्यूज एजेंसी
कलीनगर। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कलीनगर क्षेत्र के सीमावर्ती क्षेत्र में नदी उफना गई। दोपहर बाद नदी का पानी कलीनगर के बूंदीभूड़, नौजल्हा और गभिया सहराई के नदी किनारे बसी आबादी में घुसने लगा। आशंका है कि शुक्रवार देर रात तक स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है। इसके मद्देनजर एसडीएम कलीनगर आशुतोष गुप्ता, तहसीलदार समेत अन्य अफसरों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे और ग्रामीणों को ऊंचे स्थानों पर जाने को कहा।
यहां बता दें कि जनपद में प्रवेश के बाद शारदा नदी, जगबूढ़ा समेत नेपाल की नदियों से मिलकर तबाही मचाती है। शुक्रवार को जलस्तर बढ़ने के बाद पानी का अधिक दबाव नौजल्हा क्षेत्र में रहा। यहां नदी बाढ़ नियंत्रण योजनाओं को क्षतिग्रस्त करने लगी है। कई निचले स्थानों पर पानी आबादी में घुसने लगा है, जिससे लोगों की बेचैनी बढ़ गई है।
एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने बताया कि बाढ़ चौकियाें को सतर्क किया गया है। नदी के हालात पर नजर रखने के साथ खतरे वाले स्थानों को लोगों को हटने की अपील की गई है। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सरकारी किचन की व्यवस्था शुरू करा दी गई है।
बाढ़ नियंत्रण योजनाएं क्षतिग्रस्त होने का खतरा
जलस्तर बढ़ने से शारदा नदी का पानी बाढ़ नियंत्रण योजनाओं से टकराने लगा है। नोमैंस लैंड के अलावा नौजल्हा, नलडेंगा, रमनगरा समेत इलाकों में पानी शारदा नदी से टकरा रहा है। कई स्थानों पर बाढ़ नियंत्रण योजनाओं के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बढ़ गई है। नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ नियंत्रण योजनाओं को काटकर नदी का पानी तबाही मचा सकता है।
बारिश के साथ हवा चलने से
गन्ना, धान की फसल गिरी
- जिले भर में नुकसान का दायरा बढ़ा, किसान परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
बीसलपुर/पूरनपुर। बारिश के साथ तेज हवा के चलने से जिलेभर में गन्ने और धान की फसलें गिर गईं हैं। किसानों का कहना है कि तेज हवा चलने से गिरी फसलों से हुए नुकसान की भरपाई अब मुश्किल है।
पूरनपुर तहसील क्षेत्र के अधिकांश इलाकों में गन्ने और धान की फसलों को नुकसान पहुंचा है। भाकियू के जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह ने बताया कि बारिश से धान और गन्ना की फसल को काफी क्षति पहुंची है। धान का दाना काला पड़ जाएगा। उसका उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने सरकार से नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को शीघ्र मुआवजा दिलाने, कर्ज वसूली पर रोक लगाने की मांग की।
वहीं बीसलपुर क्षेत्र में भी फसलों के नुकसान की यही स्थिति रही। प्रभावित किसानों ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को फसलों में हुए नुकसान की फोन पर सूचना दी है, लेकिन अब तक राजस्व विभाग ने नुकसान का आकलन कराना शुरू नहीं किया है। इस बावत तहसीलदार करम सिंह ने बताया कि सभी लेखपालों को अपने अपने क्षेत्रों में बारिश से हुए नुकसान का अतिशीघ्र आकलन करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
अमरिया। तहसील क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से खेतों में तैयार खड़ी धान और गन्ने की फसल जमीन में बिछ गई है। जिससे लोगों को नुकसान हुआ।

फोटो:-2बीसलपुर के अमरा करोड़ में गिरी गन्ने की फसल। संवाद

फोटो:-2बीसलपुर के अमरा करोड़ में गिरी गन्ने की फसल। संवाद

फोटो:-2बीसलपुर के अमरा करोड़ में गिरी गन्ने की फसल। संवाद

फोटो:-2बीसलपुर के अमरा करोड़ में गिरी गन्ने की फसल। संवाद

फोटो:-2बीसलपुर के अमरा करोड़ में गिरी गन्ने की फसल। संवाद

फोटो:-2बीसलपुर के अमरा करोड़ में गिरी गन्ने की फसल। संवाद

फोटो:-2बीसलपुर के अमरा करोड़ में गिरी गन्ने की फसल। संवाद

फोटो:-2बीसलपुर के अमरा करोड़ में गिरी गन्ने की फसल। संवाद

फोटो:-2बीसलपुर के अमरा करोड़ में गिरी गन्ने की फसल। संवाद

फोटो:-2बीसलपुर के अमरा करोड़ में गिरी गन्ने की फसल। संवाद