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जाम लगाने जा रहे भाकियू नेताओं को पुलिस ने रोका
Pilibhit
Updated Wed, 30 Sep 2015 11:04 PM IST
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भूमि अधिग्रहण अध्यादेश रद्द करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर चक्काजाम करने जा रहे भाकियू कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक लिया। इस पर कार्यकर्ताओं ने मंडी गेट पर जाम लगाकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
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पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को तमाम भाकियू कार्यकर्ता मंडी समिति स्थित कृषक विश्राम गृह में एकत्र हुए। जिलाध्यक्ष सतविंदर सिंह कहलो के नेतृत्व में कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए मंडी रोड पर चक्का जाम करने के लिए रवाना हुए। लेकिन वहां पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस पर कार्यकर्ताओं ने मंडी गेट पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू दिया। मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा को प्रधानमंत्री को संबोधित दस सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
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ज्ञापन में भूमि अधिग्रहण अध्यादेश रद्द कराने, किसानों को चार गुना मुआवजा मिलना सुनिश्चित करने, किसानों की फसलों की उत्पादन लागत में 50 प्रतिशत जोड़कर उचित मूल्य दिलाने, शांता कुमार की सिफारिशों को नामंजूर करने, किसानों का कर्जा माफ करने व किसानों को पांच वर्ष के लिए शून्य ब्याजदर पर कर्जा दिलाने, प्राकृतिक आपदाओं से निपटने को केंद्रीय नीति बनाकर आकस्मिक फंड की व्यवस्था कराने, किसानों की न्यूनतम आमदनी तय करने, गन्ना किसानों का बकाया भुगतान दिलाने व किसानों के प्रतिनिधिंडल से वार्ता कर समस्याओं पर चर्चा करने की मांग की गई।
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प्रदर्शन करने वालों में मंडल उपाध्यक्ष वेदप्रकाश शर्मा, मंडलीय संगठनमंत्री भजनलाल क्रोधी, गुरमीत सिंह, मुलायम सिंह, ओमप्रकाश, धर्मपाल वर्मा, मुरलीधर कश्यप, संतोष यादव, ओमप्रकाश पाल, रामसनेही, सर्वेश गंगवार आदि शामिल रहे।
पूरनपुर में भाकियू ने आसाम हाइवे पर लगाया जाम
तयशुदा कार्यक्रम के तहत भाकियू कार्यकर्ताओं ने आसाम हाइवे के सिरसा चौराहा पर जाम लगाकर धरना देकर प्रदर्शन किया।
धरना स्थल पर हुई सभा में कहा कि ओलावृष्टि पीड़ितों को अब तक मुआवजा नहीं दिया गया। सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार चरम पर है। किसानों की फसलों का वाजिब मूल्य नहीं मिल रहा है। भाकियू इसे बर्दास्त नहीं करेगी। धरना स्थल पहुंचे तहसीलदार दिग्विजय सिंह को प्रधानमंत्री व डीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपे। डीएम को संबोधित ज्ञापन में गांव में बनी स्वास्थ्य व स्वच्छता समितियों से खर्च हुई धनराशि की जांच कराने, मंडी समिति में बोली लगवाकर धान की खरीद कराने, सीधी खरीद पर रोक लगाने व सीधी खरीद करने वाले राइस मिलर्स के लाइसेंस निरस्त कराने आदि की मांग की गई। धरना प्रदर्शन में श्रीपाल यादव, रामकुमार भोजवाल, मंजीत सिंह, सुल्तान खां, सूरत सिंह फौजी, नरेंद्र सिंह खैरा, सर्वराज सिंह, फकीरे लाल, मुरलीधर आदि शामिल रहे।