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Pilibhit News: पकड़ा गया एसपी का पीआरओ बताकर डॉक्टर को ठगने वाला
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ठगी का आरोपी।स्रोत:विभाग
पीलीभीत। खुद को एसपी का पीआरओ बताकर पूरनपुर के चिकित्सक को डराधमकाकर 10 हजार की ऑनलाइन ठगी के मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी खीरी जनपद के गोला क्षेत्र का रहने वाला है। शनिवार को एएसपी विक्रम दहिया ने मामले का खुलासे किया। इसके बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।
पुलिस लाइन में घटना का खुलासा करते हुए एएसपी विक्रम दहिया ने बताया कि पूरनपुर के ब्लॉक रोड निवासी डॉ. मोहम्मद यूसुफ जमाल खान की ओर से 23 जुलाई को साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। चिकित्सक ने बताया कि उनके पास एक अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर खुद को एसपी का पीआरओ बताकर रिश्वत की मांग की।
आरोपी के डराने-धमकाने से वह उसके झांसे में आ गए और गूगल पे के माध्यम से उसे 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। संदेह होने पर एसपी को शिकायती पत्र दिया। जिसमें मोबाइल नंबर और ट्रांसफर की गई रकम की डिटेल भी शामिल थी।
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मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के जरिये पुलिस ने धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी लखीमपुर खीरी के थाना गोला गोकर्णनाथ के मोहल्ला कुमाहरन टोला निवासी अभिषेक शुक्ला निकला।
-- वाट्सएप ग्रुप से जानकारी जुटाकर चिकित्सक से किया संपर्क
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 15 जुलाई को वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से उसे जानकारी हुई थी कि पूरनपुर कस्बे में एक चिकित्सक के अस्पताल में इलाज के दौरान बच्चे की मौत होने पर परिजनों ने काफी हंगामा किया था। जिसमें पुलिस ने परिजनों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया गया था। यह भी जानकारी हुई कि इस मामले में अस्पताल के चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसपर उसने चिकित्सक के मोबाइल नंबर पर कॉल कर खुद को एसपी का पीआरओ बताकर मसला निपटाने के नाम पर एसपी को गिफ्ट देने का झांसा देकर रिश्वत की मांग की। चिकित्सक ने झांसे में आकर उसके गूगल पे खाते में 10001 रुपये डाल दिए।
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आरोपी का है आपराधिक इतिहास
आरोपी पर पहले भी कई मामले दर्ज हो चुके हैं। जिसमें दुष्कर्म, एससी-एसटी एक्ट के अलावा धारा 375 समेत दो अन्य मामले भी गोला थाने में दर्ज हैं। आरोपी पर वर्ष 2021 से लेकर 2024 तक छह मामले दर्ज किए गए हैं।
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खुद को पुलिस अधिकारी बताकर चिकित्सक से ठगी करने वाले को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसपर पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि साइबर अपराध का पहला मामला दर्ज हुआ है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
- विक्रम दहिया, एएसपी, पीलीभीत
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ये बरतें सावधानी
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किसी को आधारकार्ड या पैनकार्ड न भेजें।
किसी नए लिंक पर क्लिक न करें, आपकी निजी जानकारी ठगों को मिल सकती है।
किसी ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं।
किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।
वीडियो कॉल पर न्यूड वीडियो बनाकर ठगी के मामले बढ़े हैं, इनसे सावधान रहें।
रात में सोते वक्त मोबाइल पर इंटरनेट बंद करना भी ठगी से बचाता है।
फिजूल के एप डाउनलोड करने से बचें।
ठगी होते ही 1930 टोल फ्री नंबर पर कॉल करें।
सोशल मीडिया अकाउंट पर प्राइवेसी लगाकर रखें।
ठगी का पता चलते ही तत्काल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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पुलिस लाइन में घटना का खुलासा करते हुए एएसपी विक्रम दहिया ने बताया कि पूरनपुर के ब्लॉक रोड निवासी डॉ. मोहम्मद यूसुफ जमाल खान की ओर से 23 जुलाई को साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। चिकित्सक ने बताया कि उनके पास एक अज्ञात व्यक्ति ने कॉल कर खुद को एसपी का पीआरओ बताकर रिश्वत की मांग की।
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आरोपी के डराने-धमकाने से वह उसके झांसे में आ गए और गूगल पे के माध्यम से उसे 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। संदेह होने पर एसपी को शिकायती पत्र दिया। जिसमें मोबाइल नंबर और ट्रांसफर की गई रकम की डिटेल भी शामिल थी।
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मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के जरिये पुलिस ने धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी लखीमपुर खीरी के थाना गोला गोकर्णनाथ के मोहल्ला कुमाहरन टोला निवासी अभिषेक शुक्ला निकला।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 15 जुलाई को वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से उसे जानकारी हुई थी कि पूरनपुर कस्बे में एक चिकित्सक के अस्पताल में इलाज के दौरान बच्चे की मौत होने पर परिजनों ने काफी हंगामा किया था। जिसमें पुलिस ने परिजनों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया गया था। यह भी जानकारी हुई कि इस मामले में अस्पताल के चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसपर उसने चिकित्सक के मोबाइल नंबर पर कॉल कर खुद को एसपी का पीआरओ बताकर मसला निपटाने के नाम पर एसपी को गिफ्ट देने का झांसा देकर रिश्वत की मांग की। चिकित्सक ने झांसे में आकर उसके गूगल पे खाते में 10001 रुपये डाल दिए।
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आरोपी का है आपराधिक इतिहास
आरोपी पर पहले भी कई मामले दर्ज हो चुके हैं। जिसमें दुष्कर्म, एससी-एसटी एक्ट के अलावा धारा 375 समेत दो अन्य मामले भी गोला थाने में दर्ज हैं। आरोपी पर वर्ष 2021 से लेकर 2024 तक छह मामले दर्ज किए गए हैं।
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खुद को पुलिस अधिकारी बताकर चिकित्सक से ठगी करने वाले को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसपर पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि साइबर अपराध का पहला मामला दर्ज हुआ है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
- विक्रम दहिया, एएसपी, पीलीभीत
ये बरतें सावधानी
किसी को आधारकार्ड या पैनकार्ड न भेजें।
किसी नए लिंक पर क्लिक न करें, आपकी निजी जानकारी ठगों को मिल सकती है।
किसी ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं।
किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।
वीडियो कॉल पर न्यूड वीडियो बनाकर ठगी के मामले बढ़े हैं, इनसे सावधान रहें।
रात में सोते वक्त मोबाइल पर इंटरनेट बंद करना भी ठगी से बचाता है।
फिजूल के एप डाउनलोड करने से बचें।
ठगी होते ही 1930 टोल फ्री नंबर पर कॉल करें।
सोशल मीडिया अकाउंट पर प्राइवेसी लगाकर रखें।
ठगी का पता चलते ही तत्काल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।