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प्रधानाचार्य और वार्डन को डीएम ने किया तलब
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पीलीभीत। शहर के ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों से बिजली बिल के रूप में दो-दो हजार रुपये और सिक्योरिटी के रूप में पांच-पांच सौ रुपये मांगने के मामले में डीएम ने प्रधानाचार्य और वार्डन को तलब किया है। प्रमाण सहित उनको बताना होगा कि छात्रों से किस मद में कितनी फीस मांगी गई है। डीएम ने स्पष्ट कहा कि छात्रों से ज्यादा फीस ली जा रही होगी तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले में डीआईओएस को भी तलब किया गया है।
ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज में दूर दराज गांव के छात्र पढ़ते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण छात्रों ने हॉस्टल लिया। बेहद बदबूदार हॉस्टल में वह रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। यहां पानी तक की सुविधा नहीं है। हैंडपंप से पानी लेना पड़ता है। हालात यह हैं कि छात्र फर्श पर बिस्तर लगाकर सोते हैं। अब छात्रों से ढाई हजार रुपये मांगे गए हैं। इसमें दो हजार रुपये तो सिर्फ बिजली बिल के हैं। गरीब छात्र फीस को लेकर चिंतित हैं। वार्डन ने साफ कह दिया कि प्रधानाचार्य ने आदेश दिए हैं। छात्र डर के मारे शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। छात्रों की समस्या को लेकर खबर प्रकाशित की गई तो डीएम ने तत्काल मामला संज्ञान लिया। डीएम ने प्रधानाचार्य और वार्डन को तलब किया है। पिछड़ा वर्ग हॉस्टल, बाकी दो अन्य हॉस्टल में छात्रों से कितनी फीस ली, किस मद में कितनी फीस तय है रिकॉर्ड के साथ बताना होगा। इसके अलावा डीआईओएस को भी तलब किया है।
पिछले वर्षों में ली गई फीस का रिकॉर्ड भी मांगा
डीएम ने सिर्फ इस साल का ही नहीं बल्कि पूर्व के वर्षों में छात्रों से हॉस्टल की कितनी फीस ली गई उसका रिकॉर्ड भी मांगा है। बताया जा रहा है कि हॉस्टल की फीस की रसीद छात्रों को नहीं दी जाती। अब कॉलेज प्रशासन को सबूत देना होगा कि पूर्व में कितनी फीस ली गई।
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टीम भेजकर दिखवाई जाएगी हकीकत
डीएम ने कहा कि एक टीम भेजकर हॉस्टल की स्थिति का जायजा भी लिया जाएगा। अगर हास्टल में अव्यवस्थाएं हैं तो उनको दुरुस्त कराया जाएगा। अगर छात्रों को इसके अलावा कोई दिक्कत है तो वह उनको सीधे शिकायत दे सकते हैं।
अफसर तो बहुत आए पर हॉस्टल नहीं देखा
ड्रमंड कॉलेज में तीस दिसंबर को मुख्यमंत्री की जनसभा भी होनी है। उनके लिए कॉलेज में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जा रही हैं, लेकिन छात्र हॉस्टल में किस हाल में रह रहे उसको देखने की किसी को नहीं सूझी।
छात्रों से निर्धारित शुल्क से ज्यादा लिया जा रहा होगा तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ड्रमंड कॉलेज के प्रधानाचार्य और वार्डन को बुलाया है। किस मद में कितनी फीस ली जा रही प्रमाण सहित दिखाना होगा।
- पुलकित खरे, डीएम
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ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज में दूर दराज गांव के छात्र पढ़ते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण छात्रों ने हॉस्टल लिया। बेहद बदबूदार हॉस्टल में वह रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। यहां पानी तक की सुविधा नहीं है। हैंडपंप से पानी लेना पड़ता है। हालात यह हैं कि छात्र फर्श पर बिस्तर लगाकर सोते हैं। अब छात्रों से ढाई हजार रुपये मांगे गए हैं। इसमें दो हजार रुपये तो सिर्फ बिजली बिल के हैं। गरीब छात्र फीस को लेकर चिंतित हैं। वार्डन ने साफ कह दिया कि प्रधानाचार्य ने आदेश दिए हैं। छात्र डर के मारे शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। छात्रों की समस्या को लेकर खबर प्रकाशित की गई तो डीएम ने तत्काल मामला संज्ञान लिया। डीएम ने प्रधानाचार्य और वार्डन को तलब किया है। पिछड़ा वर्ग हॉस्टल, बाकी दो अन्य हॉस्टल में छात्रों से कितनी फीस ली, किस मद में कितनी फीस तय है रिकॉर्ड के साथ बताना होगा। इसके अलावा डीआईओएस को भी तलब किया है।
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पिछले वर्षों में ली गई फीस का रिकॉर्ड भी मांगा
डीएम ने सिर्फ इस साल का ही नहीं बल्कि पूर्व के वर्षों में छात्रों से हॉस्टल की कितनी फीस ली गई उसका रिकॉर्ड भी मांगा है। बताया जा रहा है कि हॉस्टल की फीस की रसीद छात्रों को नहीं दी जाती। अब कॉलेज प्रशासन को सबूत देना होगा कि पूर्व में कितनी फीस ली गई।
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टीम भेजकर दिखवाई जाएगी हकीकत
डीएम ने कहा कि एक टीम भेजकर हॉस्टल की स्थिति का जायजा भी लिया जाएगा। अगर हास्टल में अव्यवस्थाएं हैं तो उनको दुरुस्त कराया जाएगा। अगर छात्रों को इसके अलावा कोई दिक्कत है तो वह उनको सीधे शिकायत दे सकते हैं।
अफसर तो बहुत आए पर हॉस्टल नहीं देखा
ड्रमंड कॉलेज में तीस दिसंबर को मुख्यमंत्री की जनसभा भी होनी है। उनके लिए कॉलेज में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जा रही हैं, लेकिन छात्र हॉस्टल में किस हाल में रह रहे उसको देखने की किसी को नहीं सूझी।
छात्रों से निर्धारित शुल्क से ज्यादा लिया जा रहा होगा तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ड्रमंड कॉलेज के प्रधानाचार्य और वार्डन को बुलाया है। किस मद में कितनी फीस ली जा रही प्रमाण सहित दिखाना होगा।
- पुलकित खरे, डीएम