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Pilibhit News: स्कूल की किताब प्रकाशित कर बिक्री के मामले में डीएम ने बैठाई जांच

Wed, 13 May 2026 02:07 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 13 May 2026 02:07 AM IST
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DM orders inquiry into publication and sale of school books
पीलीभीत। शहर के टनकपुर हाईवे स्थित लिटिल एंजेल्स स्कूल में अपने नाम से किताब प्रकाशित कर उसकी बिक्री किए जाने के आरोपों पर प्रशासन सख्त हो गया है। मामले में गंभीरता से लेते हुए डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने जांच के आदेश देते हुए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है।
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पिछले दिनों स्कूल प्रबंधन पर अंग्रेजी ग्रामर की पुस्तक अपने स्कूल के नाम से प्रकाशित कराने और छात्रों को उपलब्ध कराने का आरोप लगा था।
शिकायत में यह भी कहा गया कि किताब पर मूल्य अंकित नहीं किया गया, जिससे पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो गए। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग भी सक्रिय हो गया था। डीआईओएस राजीव कुमार ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। डीआईओएस के अनुसार स्कूल की ओर से नोटिस का जवाब भी प्रस्तुत कर दिया गया है।
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हालांकि मामला अब जिला शुल्क नियामक समिति के समक्ष रखा जाएगा, जहां इसकी विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इस बात की भी जांच की जाएगी कि पुस्तक प्रकाशन और बिक्री में वित्तीय नियमों का पालन हुआ या नहीं। इसके तहत आयकर और जीएसटी से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। मामले को लेकर शिक्षा विभाग और प्रशासन दोनों सतर्क नजर आ रहे हैं।
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अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लिटिल एजेंल्स स्कूल के प्रधानाचार्य एनसी पाठक ने डीएम को भेजे पक्ष में बताया कि सीबीएसई की ओर से अगस्त 2024 में जारी सर्कुलर में विद्यालयों को आवश्यकता अनुसार अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने के आदेश जारी किए गए थे। इसमें हालांकि भाषा और शब्दों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए थे। एनसीईआरटी में अलग से ग्रामर बुक उपलब्ध नहीं है। इसलिए अधिकांश विद्यालय निजी प्रकाशनों की पुस्तकें उपयोग करते हैं। इसी क्रम में विद्यालय के अनुभवी शिक्षकों ने मेहनत कर अध्ययन सामग्री तैयार की, जिसे पुस्तक का स्वरूप दिया गया। पुस्तक पर प्रिंटिंग प्रेस का नाम भी अंकित है। विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार पुस्तकें छपवाई गईं और जीएसटी सहित प्राप्त बिल के आधार पर ही छात्रों को उपलब्ध कराई गईं। संवाद
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