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229 ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी, सचिव और प्रधान पर लटकी कार्रवाई की तलवार
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पीलीभीत। गांवों में स्ट्रीट लाइट लगाने में हुई घपलेबाजी की जांच पूरी हो गई है। 229 ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी सामने आई है। इन ग्राम पंचायतों के प्रधान और सचिवों के साथ एडीओ पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। हालांकि कार्रवाई से पहले संबंधित लोगों का पक्ष सुना जाएगा।
बीसलपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट लगाने में गड़बड़ी की शिकायत शासन से की गई थी। शासन ने डीएम को जांच कराने के निर्देश दिए। इससे पहले कुछ गांवों में घटिया गुणवत्ता की स्ट्रीट लाइट लगाने की शिकायत डीएम तक पहुंची थी। डीएम ने बीसलपुर के साथ पूरे जिले की ग्राम पंचायतों की जांच कराई गई थी। इसमें सभी ब्लॉक में गड़बड़ी मिली।
शासन स्तर से निर्धारित कंपनियों की स्ट्रीट लाइट की जगह कम कीमत की स्ट्रीट लाइट खरीदी गईं। 26 लाख की गड़बड़ी सिर्फ बीसलपुर क्षेत्र में होने की बात कही जा रही है। पूरे जिले में यह आंकड़ा ढाई करोड़ से ऊपर बैठता है। जांच रिपोर्ट में ग्राम पंचायत का नाम तो दिया, लेकिन गड़बड़ी का जिम्मेदार कौन है, इसका जिक्र नहीं है।
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इसके बाद डीएम ने जांच रिपोर्ट वापस लौटा दी और सख्त निर्देश दिए कि रिपोर्ट में जिम्मेदार कर्मचारियों और प्रधान का नाम लिखा जाए। इसके बाद फिर से पूरी रिपोर्ट तैयार कराई गई। 180 ग्राम पंचायतें ऐसी मिली हैं, जहां तय की गई कंपनी से स्ट्रीट लाइट नहीं खरीदी गईं। 49 ग्राम पंचायतें ऐसी थीं, जिन्होंने मानकों का ध्यान नहीं रखा। अधिकारियों का कहना है कि इसका जिम्मेदार सिर्फ सचिव और एडीओ ही नहीं, बल्कि ग्राम प्रधान भी हैं। इसलिए उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
रिकवरी के साथ हो सकती है एफआईआर
सरकारी धन का दुरुपयोग करने के मामले में पिछले दिनों कुछ सचिवों पर रिकवरी के साथ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई हुई। इस मामले में भी विभाग रिकवरी और एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में है।
स्ट्रीट लाइट की जांच रिपोर्ट आ गई है। अधिकतर ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी मिली है। कार्रवाई से पहले एक बार संबंधित लोगों का पक्ष सुना जाएगा। जल्द ही उनको अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया जाएगा। -धर्मेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ
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बीसलपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट लगाने में गड़बड़ी की शिकायत शासन से की गई थी। शासन ने डीएम को जांच कराने के निर्देश दिए। इससे पहले कुछ गांवों में घटिया गुणवत्ता की स्ट्रीट लाइट लगाने की शिकायत डीएम तक पहुंची थी। डीएम ने बीसलपुर के साथ पूरे जिले की ग्राम पंचायतों की जांच कराई गई थी। इसमें सभी ब्लॉक में गड़बड़ी मिली।
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शासन स्तर से निर्धारित कंपनियों की स्ट्रीट लाइट की जगह कम कीमत की स्ट्रीट लाइट खरीदी गईं। 26 लाख की गड़बड़ी सिर्फ बीसलपुर क्षेत्र में होने की बात कही जा रही है। पूरे जिले में यह आंकड़ा ढाई करोड़ से ऊपर बैठता है। जांच रिपोर्ट में ग्राम पंचायत का नाम तो दिया, लेकिन गड़बड़ी का जिम्मेदार कौन है, इसका जिक्र नहीं है।
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इसके बाद डीएम ने जांच रिपोर्ट वापस लौटा दी और सख्त निर्देश दिए कि रिपोर्ट में जिम्मेदार कर्मचारियों और प्रधान का नाम लिखा जाए। इसके बाद फिर से पूरी रिपोर्ट तैयार कराई गई। 180 ग्राम पंचायतें ऐसी मिली हैं, जहां तय की गई कंपनी से स्ट्रीट लाइट नहीं खरीदी गईं। 49 ग्राम पंचायतें ऐसी थीं, जिन्होंने मानकों का ध्यान नहीं रखा। अधिकारियों का कहना है कि इसका जिम्मेदार सिर्फ सचिव और एडीओ ही नहीं, बल्कि ग्राम प्रधान भी हैं। इसलिए उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
रिकवरी के साथ हो सकती है एफआईआर
सरकारी धन का दुरुपयोग करने के मामले में पिछले दिनों कुछ सचिवों पर रिकवरी के साथ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई हुई। इस मामले में भी विभाग रिकवरी और एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी में है।
स्ट्रीट लाइट की जांच रिपोर्ट आ गई है। अधिकतर ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी मिली है। कार्रवाई से पहले एक बार संबंधित लोगों का पक्ष सुना जाएगा। जल्द ही उनको अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया जाएगा। -धर्मेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ