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जिला योजनाः साल भर इंतजार... 12 विभागों को नहीं मिला पैसा
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पीलीभीत। जिला योजना में 37 महकमों के लिए 293 करोड़ 57 लाख रुपये परिव्यय नवंबर 2021 में स्वीकृत हुआ था। इसमें से 197 करोड़ 82 लाख 29 हजार रुपये आवंटित किए गए हैं। कुल परिव्यय का यह 88.94 फीसदी है। कुछ विभागों के अधिकारी भले ही इस आवंटन से खुश हों और काम करा रहे हों लेकिन जिले के 12 विभाग ऐसे भी हैं, जो वर्ष भर धनराशि मिलने का इंतजार करते रह गए। पैसा न मिलने से प्रस्तावित काम शुरू नहीं हो सके, जबकि वित्तीय वर्ष की समाप्ति 31 मार्च को हो रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने रसोइयों के मानदेय और मिड डे मील के बर्तन आदि के लिए वर्ष के शुरूआत में ही दो करोड़ 34 लाख रुपये की मांग की थी लेकिन वर्ष समाप्त होने को है और बजट नहीं मिला। बीएसए चंद्रकेश सिंह ने बताया कि जिला योजना से धन नहीं मिला पर जहां जो जरूरी काम थे, वह दूसरे बजट से कराए गए। उन्होंने बताया कि जिला योजना में प्रस्ताव नियमित रूप से भेजा जाता है लेकिन हर बार जिला योजना से धन नहीं आता। इस बार भी आवंटन नहीं हुआ।
सहकारिता विभाग को सहकारी समितियों की हालत सुधारने के लिए जिला योजना से धन आवंटन का इंतजार था लेकिन विभाग को नहीं मिला। होम्योपैथिक चिकित्सा विभाग नए अस्पताल के लिए 2006-2007 से लगातार नौ लाख रुपये की मांग जिला योजना से कर रहा है लेकिन किसी वर्ष भी धन आवंटित नहीं हुआ। जिला होम्योपैथिक अधिकारी डा. नेहा अग्रवाल का कहना है कि अबकी बार वह प्रस्ताव नहीं भेजेंगी। क्योंकि कई वर्ष से प्रस्ताव भेज रहे हैं और धन का आवंटन नहीं हो रहा है। इसलिए किसी नए होम्योपैथिक अस्पताल का निर्माण नहीं हो सका। वैसे नए अस्पताल बनाने के लिए धनराशि मांगने से पहले भूमि तलाशते हैं लेकिन इस कवायद का उस समय कोई मतलब नहीं रह जाता जब धन का आवंटन नहीं होता।
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बेसिक शिक्षा विभाग ने रसोइयों के मानदेय और मिड डे मील के बर्तन आदि के लिए वर्ष के शुरूआत में ही दो करोड़ 34 लाख रुपये की मांग की थी लेकिन वर्ष समाप्त होने को है और बजट नहीं मिला। बीएसए चंद्रकेश सिंह ने बताया कि जिला योजना से धन नहीं मिला पर जहां जो जरूरी काम थे, वह दूसरे बजट से कराए गए। उन्होंने बताया कि जिला योजना में प्रस्ताव नियमित रूप से भेजा जाता है लेकिन हर बार जिला योजना से धन नहीं आता। इस बार भी आवंटन नहीं हुआ।
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सहकारिता विभाग को सहकारी समितियों की हालत सुधारने के लिए जिला योजना से धन आवंटन का इंतजार था लेकिन विभाग को नहीं मिला। होम्योपैथिक चिकित्सा विभाग नए अस्पताल के लिए 2006-2007 से लगातार नौ लाख रुपये की मांग जिला योजना से कर रहा है लेकिन किसी वर्ष भी धन आवंटित नहीं हुआ। जिला होम्योपैथिक अधिकारी डा. नेहा अग्रवाल का कहना है कि अबकी बार वह प्रस्ताव नहीं भेजेंगी। क्योंकि कई वर्ष से प्रस्ताव भेज रहे हैं और धन का आवंटन नहीं हो रहा है। इसलिए किसी नए होम्योपैथिक अस्पताल का निर्माण नहीं हो सका। वैसे नए अस्पताल बनाने के लिए धनराशि मांगने से पहले भूमि तलाशते हैं लेकिन इस कवायद का उस समय कोई मतलब नहीं रह जाता जब धन का आवंटन नहीं होता।
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