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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   District 10 per cent area under sugarcane

जिले में 10 प्रतिशत घटा गन्ने का रकबा

Fri, 22 Jul 2016 11:24 PM IST
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 22 Jul 2016 11:24 PM IST
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 चीनी मिलों द्वारा किसानों को समय से भुगतान न करने से किसानों का गन्ने से मोहभंग हो रहा है। गन्ना सर्वे के बाद तैयार हुई रिपोर्ट के आंकड़े कुछ ऐसी ही स्थिति बयां कर रहे हैं। जिले में गन्ना का रकबा लगभग 10 प्रतिशत घट गया है।
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गन्ना विभाग जहां एक ओर क्षेत्रफल और उत्पादन बढ़ाने को प्रयासरत है। वहीं चीनी मिलों द्वारा समय से भुगतान न होने से परेशान किसान गन्ने की खेती से दूर भाग रहे हैं। गत वर्ष जिले में गन्ने का क्षेत्रफल 76206 हेक्टेयर था। गन्ने से जुड़े अधिकारी इसे बढ़ाने को प्रयास में जुटे रहे लेकिन किसानों पर इसका असर नहीं हुआ। आगामी सीजन के लिए जिले में हुए गन्ना सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार गन्ने का क्षेत्रफल इस बार घटकर 68912 हेक्टेयर रह गया है, जो कुल क्षेत्रफल का 9.78 प्रतिशत है। हालंाकि विभागीय अधिकारियों का दावा है कि गन्ने की पेड़ी फसल का क्षेत्रफल घटा है जबकि नई पौध (नई बुवाई) का क्षेत्रफल बढ़ा है।  इसका असर अगले सीजन में दिखाई पड़ेगा।
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जिले में बंद हुए 14 हजार फर्जी सट्टे
गन्ना विभाग ने इस बार सर्वे के दौरान जीपीएस को अपना साथ ही राजस्व रिकार्ड से भी मिलान कराया गया। इससे अब तक करीब 14 हजार फर्जी सट्टे सामने आए थे। इन सभी को फिलहाल नोटिस दिया गया है।
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जिले में गन्ना क्षेत्रफल बढ़ाने को इस वर्ष अभियान चलाया गया था जिसके तहत किसानों ने गन्ने की बुवाई की है, लेकिन पेड़ी का क्षेत्रफल कम होने से जिले का कुल रकबा कम हुआ है। आगामी वर्ष में क्षेत्रफल और प्रति एकड़ उत्पादन दोनों बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके सार्थक परिणाम भी दिखेंगे।
राजेश्वर यादव, जिला गन्ना अधिकारी
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