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पूरनपुर मंडी में धान बेचने आए चार बिचौलिये पकड़े
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पूरनपुर मंडी में अफसरों की ओर से पकड़कर पुलिस को सौंपे गए लोग।
- फोटो : PILIBHIT
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पूरनपुर। धान क्रय केंद्रों पर हावी बिचौलियों के खिलाफ प्रशासन ने अभियान चला रखा है। रविवार का पूरनपुर मंडी समिति में किसान बनकर आए चार बिचौलियों को अफसरों ने पकड़ लिया। वह अन्य किसानों के अभिलेख लेकर क्रय केंद्र पर पहुंचे थे। चारों को पुलिस के हवाले करके उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
धान खरीद के नोडल अफसर एसडीएम रामदास, एसडीएम राजेंद्र प्रसाद, डिप्टी आरएमओ अवनीश झा, तहसीलदार विजय त्रिवेदी, क्षेत्रीय खाद्य विपणन अधिकारी लालचंद और भूपेंद्र कुमार ने रविवार को मंडी समिति के धान क्रय केंद्रों की जांच की। इस दौरान चार लोगों को पकड़ा गया। यह लोग किसानों के कागजात लेकर मंडी समिति में धान बिक्री करने आए थे। चारों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया। एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि माता, पिता भाई के धान को किसान बिक्री को ला सकता है, मगर पकड़े गए लोग ऐसे लोगों के कागजात लेकर आए थे, जोकि दूर के रिश्तेदार बताए जाते हैं। बटाईदार गांव या गांव के पास का रहने वाला मान्य है, मगर दूर दराज के किसानों के अभिलेख लेकर अपने को बटाईदार बताते हुए धान की बिक्री करने की कोशिश की जा रही थी। दो किसान पहले भी मंडी के खरीद केंद्रों पर धान की बिक्री कर चुके है। चारों को पकड़वाकर पुलिस को सौंप दिया गया है। चारों पर संबंधित खरीद केंद्र प्रभारी की ओर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। चारों को जेल भेजा जाएगा।
खेती अब बटाई पर नहीं ठेके पर होती है
खेती न कर पाने वाले लोग अपनी जमीन बटाई पर दे दिया करते थे, इसमें फसल होने पर उसका बंटवारा होता था। फसल कम होने पर विवाद होने पर इस प्रथा को समाप्त कर दिया गया। अब बटाई की जगह लोग जमीन ठेके पर देना पसंद करते हैं, लेकिन बिचौलिये धान बेचने के लिए बटाईदार होने की आड़ ले रहे है ताकि किसानों से औने पौने दाम में खरीदा धान क्रय केंद्र पर बेच सकें। एसडीएम ने बताया कि बटाईदार का सौ क्विंटल से अधिक धान नहीं तौला जाएगा।
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मंडी के खरीद केंद्रों पर लगेंगे तीन-तीन कांटे
मंडी समिति परिसर में पांच और गुड़ मंडी में एक खरीद केंद्र चल रहा है। मंडी के खरीद केंद्रों पर अब तक दो-दो कांटों पर धान की तौल हो रही है। एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि मंडी समिति के धान खरीद केंद्रों पर तीन-तीन कांटे लगाए जाएंगे। मंडी सचिव को तीसरा कांटा केंद्रों प्रभारियों को सुपुर्द करने के निर्देश दिए गए है।
गलत सत्यापन पर लेखपालों पर हो सकती है कार्रवाई
मंडी में धान बिक्री करने को आए माफिया के पकड़े जाने के बाद जब उनके दिखाए गए अभिलेखों की जांच की गई। तब सत्यापन में कुछ खामियां अफसरों के हाथ लगी है, इसमें बटाईदार किसानों की फसल के सत्यापन के अधिकतर मामले पाए गए। गलत सत्यापन पर कुछ लेखपालों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है।
लापरवाही पर लेखपाल के वेतन पर रोक
धान खरीद सहित अन्य कामों में लापरवाही पर लेखपाल हजई लाल के वेतन पर रोक लगा दी गई है। तहसीलदार विजय त्रिवेदी ने बताया कि अन्य लेखपालों के कार्य की समीक्षा की जा रही है।
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धान खरीद के नोडल अफसर एसडीएम रामदास, एसडीएम राजेंद्र प्रसाद, डिप्टी आरएमओ अवनीश झा, तहसीलदार विजय त्रिवेदी, क्षेत्रीय खाद्य विपणन अधिकारी लालचंद और भूपेंद्र कुमार ने रविवार को मंडी समिति के धान क्रय केंद्रों की जांच की। इस दौरान चार लोगों को पकड़ा गया। यह लोग किसानों के कागजात लेकर मंडी समिति में धान बिक्री करने आए थे। चारों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया। एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि माता, पिता भाई के धान को किसान बिक्री को ला सकता है, मगर पकड़े गए लोग ऐसे लोगों के कागजात लेकर आए थे, जोकि दूर के रिश्तेदार बताए जाते हैं। बटाईदार गांव या गांव के पास का रहने वाला मान्य है, मगर दूर दराज के किसानों के अभिलेख लेकर अपने को बटाईदार बताते हुए धान की बिक्री करने की कोशिश की जा रही थी। दो किसान पहले भी मंडी के खरीद केंद्रों पर धान की बिक्री कर चुके है। चारों को पकड़वाकर पुलिस को सौंप दिया गया है। चारों पर संबंधित खरीद केंद्र प्रभारी की ओर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। चारों को जेल भेजा जाएगा।
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खेती अब बटाई पर नहीं ठेके पर होती है
खेती न कर पाने वाले लोग अपनी जमीन बटाई पर दे दिया करते थे, इसमें फसल होने पर उसका बंटवारा होता था। फसल कम होने पर विवाद होने पर इस प्रथा को समाप्त कर दिया गया। अब बटाई की जगह लोग जमीन ठेके पर देना पसंद करते हैं, लेकिन बिचौलिये धान बेचने के लिए बटाईदार होने की आड़ ले रहे है ताकि किसानों से औने पौने दाम में खरीदा धान क्रय केंद्र पर बेच सकें। एसडीएम ने बताया कि बटाईदार का सौ क्विंटल से अधिक धान नहीं तौला जाएगा।
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मंडी के खरीद केंद्रों पर लगेंगे तीन-तीन कांटे
मंडी समिति परिसर में पांच और गुड़ मंडी में एक खरीद केंद्र चल रहा है। मंडी के खरीद केंद्रों पर अब तक दो-दो कांटों पर धान की तौल हो रही है। एसडीएम राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि मंडी समिति के धान खरीद केंद्रों पर तीन-तीन कांटे लगाए जाएंगे। मंडी सचिव को तीसरा कांटा केंद्रों प्रभारियों को सुपुर्द करने के निर्देश दिए गए है।
गलत सत्यापन पर लेखपालों पर हो सकती है कार्रवाई
मंडी में धान बिक्री करने को आए माफिया के पकड़े जाने के बाद जब उनके दिखाए गए अभिलेखों की जांच की गई। तब सत्यापन में कुछ खामियां अफसरों के हाथ लगी है, इसमें बटाईदार किसानों की फसल के सत्यापन के अधिकतर मामले पाए गए। गलत सत्यापन पर कुछ लेखपालों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है।
लापरवाही पर लेखपाल के वेतन पर रोक
धान खरीद सहित अन्य कामों में लापरवाही पर लेखपाल हजई लाल के वेतन पर रोक लगा दी गई है। तहसीलदार विजय त्रिवेदी ने बताया कि अन्य लेखपालों के कार्य की समीक्षा की जा रही है।