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डीएफओ का लकड़ी की टाल पर छापा
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Sat, 18 Feb 2017 10:05 PM IST
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डीएफओ के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने नगर की एक टाल पर छापा मारकर शीशम के 39 बोटे बरामद किए हैं। शीशम के ये बोटे चंदिया हजारा क्षेत्र से तीन पेड़ काटकर बनाए गए थे। छापा पड़ने की भनक लगने पर आरोपी फरार हो गए। डीएफओ ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। डीएफओ कैलाश प्रकाश व एसडीओ केपी सिंह ने टीम के साथ नगर के पुराने नखासा मैदान स्थित एक टाल पर छापा मारा। छापे दौरान जंगल से काटकर लाए गए शीशम के पेड़ों से तैयार किए गए 39 बोटे एवं जामुन की लकड़ी बरामद हुई। छापे का पता लगने पर अन्य टाल मालिकों में खलबली मच गई। डीएफओ ने आरोपियों को चिह्नित कर टाल स्वामी सहित सभी पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। डीएफओ ने बताया कि चंदिया हजारा क्षेत्र में जंगल की जमीन पर कुछ लोग अवैध रूप से कब्जा कर खेती कर रहे हैं। इसी जमीन पर खड़े शीशम के तीन पेड़ों को काटकर बोटे बनाए गए हैं। लकड़ी बरामद कर ली गई है आरोपियों पर कार्रवाई की जा रही है।
मिलीभगत से चल रहा धंधा
जंगल किनारे क्षेत्र में लकड़ी के अवैध कटान का धंधा जोरों पर चल रहा है। टाइगर रिजर्व बनने के बाद आम लोगों का जंगल में जाना प्रतिबंधित हो गया है। इसका लाभ उठाकर विभागीय मिलीभगत से पेड़ काटे जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो पेड़ काटने बाद जंगल किनारे या गांव में आरा की मदद से इसका चिरान कर बोटे बनाए जा रहे हैं। जंगल से सटे नगर कस्बों में खुलेआम बिक रही लकड़ी की जांच कर इसकी हकीकत कभी भी परखी जा सकती है।
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मिलीभगत से चल रहा धंधा
जंगल किनारे क्षेत्र में लकड़ी के अवैध कटान का धंधा जोरों पर चल रहा है। टाइगर रिजर्व बनने के बाद आम लोगों का जंगल में जाना प्रतिबंधित हो गया है। इसका लाभ उठाकर विभागीय मिलीभगत से पेड़ काटे जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो पेड़ काटने बाद जंगल किनारे या गांव में आरा की मदद से इसका चिरान कर बोटे बनाए जा रहे हैं। जंगल से सटे नगर कस्बों में खुलेआम बिक रही लकड़ी की जांच कर इसकी हकीकत कभी भी परखी जा सकती है।
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