{"_id":"b3b9efd0a6d63278c976ee6930b36b46","slug":"devotion-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईश्वर भक्ति से ही मोक्ष संभव : सखानंद ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईश्वर भक्ति से ही मोक्ष संभव : सखानंद
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Sun, 08 Feb 2015 12:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस मौके पर सर्वेश गंगवार, चंद्रपाल, छोटेालाल, लज्जाराम, पातीराम, राकेश कुमार, नंदराम, अशोक कुमार, ज्वाला प्रसाद, मालती देवी, आशा, ओमवती, रेखा, बिट्टो देवी, माधुरी, रामप्यारी, रामवती और सावित्री आदि मौजूद रहीं।
संत ईश्वर के प्रतिबिंब
दियोरिया। वृंदावन के कथावाचक बलराम कृष्ण महाराज ने गांव खरदहाई में प्रवचन करते हुए कहा कि सभी लोगों को हर हालत में ईश्वर की आराधना करनी चाहिए। यदि इंसान का मन ईश्वर की आराधना में सीधे न लगे तो उसे संतों की शरण में जाना चाहिए। संत ईश्वर के प्रतिबिंब होते हैं। संतों की शरण में जाने से इंसान का मन ईश्वर की भक्ति में बड़ी आसानी से लग जाता है। आरती और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हो गया।
विज्ञापन
संत ईश्वर के प्रतिबिंब
दियोरिया। वृंदावन के कथावाचक बलराम कृष्ण महाराज ने गांव खरदहाई में प्रवचन करते हुए कहा कि सभी लोगों को हर हालत में ईश्वर की आराधना करनी चाहिए। यदि इंसान का मन ईश्वर की आराधना में सीधे न लगे तो उसे संतों की शरण में जाना चाहिए। संत ईश्वर के प्रतिबिंब होते हैं। संतों की शरण में जाने से इंसान का मन ईश्वर की भक्ति में बड़ी आसानी से लग जाता है। आरती और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हो गया।
विज्ञापन