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350 रुपये घोषित हो गन्ने का मूल्य
पीलीभीत।
Updated Sat, 16 Jan 2016 08:04 PM IST
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भाकियू के धरने के आठवें दिन किसानों को 350 रुपये गन्ना मूल्य दिए जाने की मांग की गई। धरने पर इलाहाबाद की महापंचायत के बाद आंदोलन को तेेज करने की बात भी कही गई।
गन्ना मूल्य घोषित न करने सहित किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन पिछले आठ दिनों से मंडी समिति स्थित कृषक विश्राम गृह में धरना प्रदर्शन कर रही है। शनिवार को जिला उपाध्यक्ष मंजीत सिंह ने कहा कि गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली हो रही है। निजी चीनी मिलें सीधी खरीद कर रही लेकिन अधिकारी मौन होकर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार गन्ने का 350 रुपये प्रति क्विंटल रेट घोषित करें। साथ ही बकाया भुगतान मय ब्याज के दिया जाए।
अध्यक्षता कर रहे मंडल सचिव रामकुमार भोजवाल ने कहा कि आठ दिन से चल रहे धरने का अधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया। सरकार के इशारे पर अधिकारी किसानों का उत्पीड़न कर रहे हैं। ऐसी सरकार को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प किसानों को लेना चाहिए। गन्ने की समस्या के साथ ही जंगल से सटे क्षेत्र मेें खेती को बचाने के लिए जंगल किनारे तार फेसिंग कराने और ग्रामीणों को सरबोझा जलौनी लकड़ी लाने की छूट देने की मांग भी रखी गई।
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धरने में दन्नूलाल राठौर, मुरलीधर कश्यप, अमर सिंह, रामकुमार, रामेश्वर दयाल, रामदुलारे, रामप्रकाश, रूपलाल, मुन्नी देवी, सुषमा देची सहित कई लोग थे।
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गन्ना मूल्य घोषित न करने सहित किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन पिछले आठ दिनों से मंडी समिति स्थित कृषक विश्राम गृह में धरना प्रदर्शन कर रही है। शनिवार को जिला उपाध्यक्ष मंजीत सिंह ने कहा कि गन्ना क्रय केंद्रों पर घटतौली हो रही है। निजी चीनी मिलें सीधी खरीद कर रही लेकिन अधिकारी मौन होकर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार गन्ने का 350 रुपये प्रति क्विंटल रेट घोषित करें। साथ ही बकाया भुगतान मय ब्याज के दिया जाए।
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अध्यक्षता कर रहे मंडल सचिव रामकुमार भोजवाल ने कहा कि आठ दिन से चल रहे धरने का अधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया। सरकार के इशारे पर अधिकारी किसानों का उत्पीड़न कर रहे हैं। ऐसी सरकार को जड़ से उखाड़ फेंकने का संकल्प किसानों को लेना चाहिए। गन्ने की समस्या के साथ ही जंगल से सटे क्षेत्र मेें खेती को बचाने के लिए जंगल किनारे तार फेसिंग कराने और ग्रामीणों को सरबोझा जलौनी लकड़ी लाने की छूट देने की मांग भी रखी गई।
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धरने में दन्नूलाल राठौर, मुरलीधर कश्यप, अमर सिंह, रामकुमार, रामेश्वर दयाल, रामदुलारे, रामप्रकाश, रूपलाल, मुन्नी देवी, सुषमा देची सहित कई लोग थे।